कंसीव करने में हो रही है मुश्किल? डॉक्टर से जानें क्या करना चाहिए
आजकल कंसीव करना एक बड़ा टास्क बन गया है। कई कपल्स कोशिश करते हैं और उन्हें बार-बार निराशा हाथ लग जाती है। जानें, ऐसे में क्या करना चाहिए?
आजकल कंसीव करना एक बड़ा टास्क बन गया है। कई कपल्स कोशिश करते हैं और उन्हें बार-बार निराशा हाथ लग जाती है। जानें, ऐसे में क्या करना चाहिए?
फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए कपल्स का फिजिकली हेल्दी और मेंटली स्ट्रॉन्ग होना महत्वपूर्ण है। आजकल की लाइफस्टाइल में जहां इंफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है वहां, खुद को हेल्दी रखने और फर्टिलिटी का चांस बढ़ाने के लिए आयुर्वेद के कुछ नियम फॉलो किए जा सकते हैं।
जो कपल्स 35-40 के बाद प्रेगनेंसी प्लान करते हैं उन्हें कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं। लेकिन, कुछ कपल्स जो कम उम्र में भी प्रेगनेंसी प्लान करते हैं उन्हें भी कंसीव कर पाने में परेशानी आती है। इसके कारणों के बारे में बता रही हैं हमारी एक्सपर्ट।
Garbhdharan na kar pane ke karan: इन दिनों यंग कपल्स को कंसीव करने और माता-पिता बनने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। डॉक्टर से जानें इंफर्टिलिटी के कारण और उनसे बचने के उपाय।
जब किसी महिला को मिर्गी की बीमारी हो तो उन्हें इस बात की चिंता हमेशा सताती है कि वह महिला क्या गर्भधारण कर पाएगी और क्या उनका बच्चा स्वस्थ होगा।
हैदराबाद स्थित कामिनेनी फर्टिलिटी सेंटर की फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट कंसलटेंट डॉ. एम निहारिका आपको ऐसी कुछ चीजों के बारे में बता रही हैं, जो आपके मां बनने में रुकावट पैदा करती है।
क्या अपने कभी खुद सोचा है की शायद आप ही कुछ ऐसी गलती करते हैं जिसे आपको गर्भधारण में बाधा आ सकती है या फिर कुछ ऐसी चीजें, जो आपकी गर्भधारण करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन से आप अपने गर्भधारण की संभावनाओं को बढ़ा सकती हैं। कुछ फूड्स में मौजूद पोषक तत्व गर्भधारण करने की क्षमता (How to get pregnant fast naturally) को बढ़ाते हैं।
Ayurvedic remedies for infertility: पुराने और आयुर्वेदिक नुस्खे गर्भधारण में भी मदद कर सकते हैं। शतावरी एक ऐसी ही औषधी है जो, प्रेगनेंसी से पहले लेना फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में शतावरी को फर्टिलिटी बढ़ाने वाली औषधी बताया गया है।
कुछ आयुर्वेदिक तरीकों और जड़ी-बूटियों (Herbs to boost fertility) की मदद से हार्मोन्स के स्तर को प्रभावित किया जा सकता है। इनसे, तनाव को भी कम करने में सहायता होती है। जो फर्टिलिटी के अलावा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और लो-स्पर्म काउंट जैसी सेक्सुअल हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी राहत दिलाता है। (Herbs to boost fertility)
कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.
इस तकनीक में दवाइयों और सर्जिकल तरीकों की मदद से स्पर्म द्वारा एग को फर्टिलाइज़ करने की कोशिश की जाती है और फिर फर्टिलाइज एग को यूटरस में इम्प्लांट किया जाता है।
महिलाओं के शरीर में आयोडीन की कमी का उनके प्रजनन तंत्र की कार्यप्रणाली से सीधा संबंध है।
आजकल कंसीव करना एक बड़ा टास्क बन गया है। कई कपल्स कोशिश करते हैं और उन्हें बार-बार निराशा हाथ लग जाती है। जानें, ऐसे में क्या करना चाहिए?
जो कपल्स 35-40 के बाद प्रेगनेंसी प्लान करते हैं उन्हें कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं। लेकिन, कुछ कपल्स जो कम उम्र में भी प्रेगनेंसी प्लान करते हैं उन्हें भी कंसीव कर पाने में परेशानी आती है। इसके कारणों के बारे में बता रही हैं हमारी एक्सपर्ट।
Garbhdharan na kar pane ke karan: इन दिनों यंग कपल्स को कंसीव करने और माता-पिता बनने में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। डॉक्टर से जानें इंफर्टिलिटी के कारण और उनसे बचने के उपाय।
जब किसी महिला को मिर्गी की बीमारी हो तो उन्हें इस बात की चिंता हमेशा सताती है कि वह महिला क्या गर्भधारण कर पाएगी और क्या उनका बच्चा स्वस्थ होगा।
हैदराबाद स्थित कामिनेनी फर्टिलिटी सेंटर की फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट कंसलटेंट डॉ. एम निहारिका आपको ऐसी कुछ चीजों के बारे में बता रही हैं, जो आपके मां बनने में रुकावट पैदा करती है।
क्या अपने कभी खुद सोचा है की शायद आप ही कुछ ऐसी गलती करते हैं जिसे आपको गर्भधारण में बाधा आ सकती है या फिर कुछ ऐसी चीजें, जो आपकी गर्भधारण करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन से आप अपने गर्भधारण की संभावनाओं को बढ़ा सकती हैं। कुछ फूड्स में मौजूद पोषक तत्व गर्भधारण करने की क्षमता (How to get pregnant fast naturally) को बढ़ाते हैं।
कुछ आयुर्वेदिक तरीकों और जड़ी-बूटियों (Herbs to boost fertility) की मदद से हार्मोन्स के स्तर को प्रभावित किया जा सकता है। इनसे, तनाव को भी कम करने में सहायता होती है। जो फर्टिलिटी के अलावा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और लो-स्पर्म काउंट जैसी सेक्सुअल हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी राहत दिलाता है। (Herbs to boost fertility)
कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.
इस तकनीक में दवाइयों और सर्जिकल तरीकों की मदद से स्पर्म द्वारा एग को फर्टिलाइज़ करने की कोशिश की जाती है और फिर फर्टिलाइज एग को यूटरस में इम्प्लांट किया जाता है।
महिलाओं के शरीर में आयोडीन की कमी का उनके प्रजनन तंत्र की कार्यप्रणाली से सीधा संबंध है।
फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए कपल्स का फिजिकली हेल्दी और मेंटली स्ट्रॉन्ग होना महत्वपूर्ण है। आजकल की लाइफस्टाइल में जहां इंफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है वहां, खुद को हेल्दी रखने और फर्टिलिटी का चांस बढ़ाने के लिए आयुर्वेद के कुछ नियम फॉलो किए जा सकते हैं।
Ayurvedic remedies for infertility: पुराने और आयुर्वेदिक नुस्खे गर्भधारण में भी मदद कर सकते हैं। शतावरी एक ऐसी ही औषधी है जो, प्रेगनेंसी से पहले लेना फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में शतावरी को फर्टिलिटी बढ़ाने वाली औषधी बताया गया है।