प्रेग्नेंट होने से पहले याद रखें ये 9 बातें
गर्भवती महिलाओं को कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर आप भी प्रेग्नेंट होने का प्लान बना रही हैं, कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
गर्भवती महिलाओं को कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अगर आप भी प्रेग्नेंट होने का प्लान बना रही हैं, कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Pregnancy Diet In Winter: सर्दियों का ये मौसम प्रेगनेंट महिलाओं के लिए एक बढ़िया इलाज हो सकता है। क्योंकि इस मौसम में ली गयी डाइट वाकई फायदेमंद हो सकता है।
इस वीडियो को देखने के बाद आपको ये मालूम हो जाएगा कि साल 2022 में सबसे ज्यादा लोगों ने गूगल पर क्या सर्च किया। हम आपको ऐसे 5 सवालों के बारे में बता रहे हैं।
Cesarean delivery: सामान्य डिलीवरी की तरह ही सी सेक्शन के बाद भी महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनका खास तौर पर ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जानें सी सिजेरियन डिलीवरी के बाद किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Gestational thrombocytopenia: गर्भावस्था के दौरान शरीर में अक्सर कई पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिनमें प्लेटलेट की कमी भी एक है। इस लेख में जानें प्रेगनेंसी के दौरान प्लेटलेट की कमी होने पर क्या लक्षण महसूस होते हैं और साथ ही इस कमी को पूरा कैसे किया जा सकता है।
Work to avoid during pregnancy: गर्भवती महिलाओं का शरीर बहुत कमजोर होता है और इसलिए उनका खास ध्यान रखना जरूरी है। इस लेख में जानें घर के ऐसे काम जिन्हें करना गर्भवती महिलाओं में गर्भपात के खतरे का बढ़ा सकता है।
Pregnancy care in winter: बदलते मौसम में गर्भवती महिलाओं के बीमार होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इस लेख में जानें सर्दियों के मौसम में गर्भवती महिलाओं की तबीयत जल्दी खराब क्यों होती है।
प्रेगनेंट महिलाओं के मन में अपना परिवार बनाने की खुशी के साथ-साथ कई बातों को लेकर डर, असुरक्षा और उलझन भी होती है। ऐसे में हस्बैंड और वाइफ दोनों को अलग-अलग तरीकों से भावनात्मक सपोर्ट की जरूरत पड़ती है।
Pregnancy tips: प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपने शरीर का ध्यान जरूर रखना चाहिए खासतौर पर तिसरी तिमाही में। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि तीसरी तिमाही के अंतिम चरणों में गर्भवती महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
प्रेगनेंसी में गलत तरीके से सोने भ्रूण तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और उसका विकास भी सही तरीके से नहीं हो पाता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में, 10 में से 3 से अधिक महिलाओं और शिशुओं को वर्तमान में जन्म के बाद शुरूआती दिनों में प्रसवोत्तर देखभाल नहीं मिलती है।
गर्भावस्था में बढ़ती थकान के बीच काजल अग्रवाल ने खुद को रिलैक्स्ड रखने का एक अच्छा तरीका भी अपनाया है जिसके बारे में उन्होंने अपने फैंस को भी बताया। (Kajal Agrawal Pregnancy Tips)
प्रेगनेंसी का समय काफी नाजुक होता है और इस दौरान हर काम सोच समझ कर किया जाना चाहिए। इस लेख में कुछ ऐसे घरेलू कामों के बारे में बताया गया है, जिन्हें प्रेग्नेंट महिलाओं द्वारा बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।
क्या गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना चाहिए? जानें, ऐसा करने के नुकसान क्या हो सकते हैं और प्रेग्नेंसी में वजन उठाते समय एक गर्भवती महिला को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान...
महिलाओं को प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद फीडिंग के दौरान अधिक मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है जो, ना मिल पाने पर उनमें शारीरिक कमज़ोरी बढ़ जाती है। (Post Pregnancy Weakness)
डिलीवरी से पहले और बाद में महिलाओं को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए साथ ही एक्सपर्ट की मदद से नियमित तौर पर हल्के व्यायाम भी करने चाहिए।
अभिनेत्री दिया मिर्जा और वैभव रेखी के घर जल्द ही किलकारी गूंजने वाली है। दिया ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर अपना बेबी बंप फ्लांट करते दिखाई दे रही हैं।
Exercising During Pregnancy: गर्भावस्था में कुछ ऐसी परिस्थितियां भी हो सकती हैं जिनमें एक्सरसाइज आपको लाभ नहीं बल्कि हानि देगी। तो आइए जानते हैं किन किन परिस्थितियों में आपको एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।
अक्सर सवाल उठता है कि अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराने से बच्चे की सहत पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ता। क्या किसी विशेष अवधि के बाद अल्ट्रासाउंड नहीं कराना चाहिए ? इन सवालों का जवाब आपको मिलेगा यहां। आइए जानते हैं कितना सेफ है प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड कराना । (Abdominal Ultrasound during Pregnancy)
पोस्टपार्टम डिप्रेशन या पोस्टनेटल डिप्रेशन की स्थिति आमतौर पर प्रेगनेंसी और बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद तक तक बनी रहती है। लेकिन, एक हालिया स्टडी में ऐसा कहा गया है कि, महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को 3 वर्षों तक डिप्रेशन महसूस हो सकती है।
प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं, ऐसे में अक्सर पेट, जांघों, ब्रेस्ट और हिप्स पर ये निशान देखने को मिलते हैं। स्ट्रेच मार्क्स के होने से त्वचा ढीली पड़ जाती है और मॉश्चराइज़ की कमी से त्वचा रूखी भी हो जाती है, जिससे खुजली की समस्या पैदा होना आम है। वैसे तो सही तरीके का स्किनकेयर से ये हल्के पड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे गायब भी हो जाते हैं।
इंस्टाग्राम पर अनुष्का शर्मा ने अपनी एक तस्वीर शेयर की जिसमें, उनका बेबी बम्प दिख रहा है। अनुष्का शर्मा की यह तस्वीर वायरल हो गयी है। जैसा कि कुछ दिन पहले ही अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने घोषणा की थी जल्द ही वे माता पिता बनने वाले हैं। गौरतलब है कि अनुष्का शर्मा ने कोरोना काल में गर्भधारण किया है। इसीलिए, अनुष्का शर्मा और विराट कोहली का यह बच्चे कोरोनियल बेबी होगा।
हाल ही में कुछ स्टडीज़ में दावा किया गया कि गर्भावस्था में संगीत सुनने से बच्चे का दिमाग बेहतर तरीके से विकसित होता है। इन स्टडीज़ के अनुसार, संगीत सुनने से बच्चे का दिमाग उत्तेजित होता है और ब्रेन स्ट्रक्चर विकसित होता है। आइए जानते हैं गर्भावस्था में संगीत सुनने के कुछ और फायदों के बारे में -
हार्मोन्स में बदलाव के कारण प्रेगनेंसी में शरीर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह के बदलाव और समस्याएं दिखने लगती हैं। इसी तरह जब प्रेगनेंट महिलाओं के शरीर में लिक्विड का लेवल नॉर्मल से ज़्यादा या बहुत हाई हो जाता है। तब, पैरों में सूजन होने लगती है। आइए जानते हैं कि इस समस्या से राहत पाने के लिए घरेलू स्तर पर क्या किया जा सकता है।
एक अध्ययन में कहा गया है कि पत्नी के प्रेगनेंसी के दौरान सिगरेट पीने वाले पुरुषों के बेटों के स्पर्म काउंट में 50 फीसदी तक की गिरावट आने का रिस्क बढ़ जाता है।
बच्चों को पालने की बहुत सी तकनीक हम जानवरों से भी सीख सकते हैं।
शुरूआती तिमाही में उलटी और मतली से ज्यादातर महिलाएं परेशान रहती हैं।
कुछ महिलाओं में डिलेवरी के बाद बालों के झड़ने की समस्या बहुत तेज हो जाती है। डिलेवरी के बाद बालों की समस्या से निजात पाने के लिए सबसे....
हार्मोन्स का अधिक प्रॉडक्शन होने से अंडोत्सर्ग की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
वायु प्रदूषण से प्रेगनेंट महिलाओं की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
जेस्टेशनल डायबिटीज़ वाली महिलाओं के बच्चों में मोटापे, दिल से जुड़ी गड़बड़ियों और टाइप 2 डायबिटीज़ का ख़तरा जीवनभर के लिए होता है।
प्रेगनेंसी में ज़्यादा ना खाएं ये 5 चीज़ें, हो सकता है सेहत को नुकसान !
प्रेगनेंसी में ना दिखें ये शारीरिक बदलाव तो परेशान ना हों !
गर्भावस्था और जन्म के बाद पहले वर्ष का पोषण बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के स्वस्थ विकास और प्रतिरोधकता बढ़ाने में बुनियादी भूमिका निभाता है।
प्रेगनेंसी में हवाईजहाज़ में बिना परेशानी के यात्रा कर सकती हैं आप, बस उन्हें थोड़ी सी सावधानी बरतनी होगी।
गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में होने वालेे अल्ट्र्रासाउंड में चलता है गर्भ की स्थिति का पता।
गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर होने का पता चले तो इस स्थिति को प्रेगनेंसी इंड्यूस्ड हाइपरटेंशन या जेस्टेशनल हाइपरटेंशन कहा जाता है।
प्रेगनेंसी में गायनकोलॉजिस्ट चुनने के लिए महिलाएं इन बातों पर देती हैं ध्यान !
पारंपरिक जैव रासायनिक परीक्षणों की तुलना में अजन्मे शिशुओं में गुणसूत्र असामान्यताओं का पता लगाने में अधिक प्रभावी, सटीक और सुरक्षित है।
99 फीसदी से अधिक स्तर तक बीमारी का पता लगाने की दर और 0.03 फीसदी से भी कम गलती के साथ यह जांच काफी हद तक सटीक है।
जानें प्रेगनेंसी के दौरान किस तरह स्ट्रेच मार्क्स और पेट की खुजली से राहत मिलेगी।
जानें क्यों गर्भावस्था के दौरान बिल्ली के मल को छूना नहीं चाहिए।
बेबी ब्रेन की समस्या है सच लेकिन इससे प्रेगनेंट महिला की याद्दाश्त कम नहीं होती।
अगर आप गर्भवती हैं, तो आपको इस बात की जानकारी जरूर होनी चाहिए!
अगर आप गर्भवती हैं, तो आपको स्मॉग के बचना चाहिए!
प्रेगनेंसी के दौरान यह समय आपकी यात्रा के लिए सबसे बेहतर होता है, जानिए क्यों!
Breakfast नहीं करने पर आपके बच्चे पर क्या पड़ेगा असर जानें!
जानिए प्रेगनेंसी में कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए और कौन सी एक्सरसाइज से बचना चाहिए!