Pregnancy Care in Monsoon: मानसून में इन 5 बातों का विशेष ध्यान रखें गर्भवती महिलाएं
Pregnancy Care in Monsoon: मानसून में गर्भवती महिलाओं के लिए यहां कुछ हेल्थ टिप्स दिए गए हैं, जिससे दूर रहेंगी बीमारियां और स्वस्थ रह सकेंगी आप और आपका बच्चा।
Pregnancy Care in Monsoon: मानसून में गर्भवती महिलाओं के लिए यहां कुछ हेल्थ टिप्स दिए गए हैं, जिससे दूर रहेंगी बीमारियां और स्वस्थ रह सकेंगी आप और आपका बच्चा।
डॉक्टर के अनुसार, संक्रमण के फर्स्ट ट्राइमेस्टर (पहले तीन महीने) में सबसे अधिक जोखिम बना रहता है।
प्रेग्नेंसी के दौरान कई सारी बातों का ख्याल रखना होता है खासतौर से डाइट का महिलाओ के साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत आपके बेहतर खानपान से ही बनती है।
Home Remedies For Itching In Pregnancy: प्रेग्नेंसी में खुजली की समस्या से राहत पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों को आजमा सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
प्रेगनेंट महिला को पालक, मेथी, सरसों का साग, और ब्रोकली जैसी सब्जियों का सेवन करे। इन सब्जियों में आयरन, कैल्शियम, और फोलिक एसिड होते हैं, जो दोनों के लिए बेहद जरूरी हैं
यहां पढ़ें कुछ ऐसी ही मिस्टेक्स के बारे में जो करने से प्रेगनेंट महिला और उसके बच्चे की हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा रहता है, जिसके पीछे का कारण प्रेगनेंसी के दौरान की जाने वाली कुछ गलतियां होती हैं, जिन्हें नहीं किया जाना चाहिए। इस लेख हम ऐसी ही गलतियों के बारे में बताने वाले हैं।
मार्निंग सिकनेस के गम्भीर मामलों में प्रेगनेंट महिलाओं को बहुत अधिक उल्टी और मतली होती है और उनका वजन बहुत अधिक गिर सकता है।
गर्भवती महिलाएं अपने आप व गर्भ में पल रहे बच्चे को हेल्दी रखने के लिए भी घर के कुछ काम कर सकती हैं। जानें घर पर किए जाने वाले कुछ ऐसे ही कामों के बारे में जो आपको हेल्दी रखने में मद करेंगे।
Home Remedies For Sour Belching: प्रेग्नेंसी के दौरान खट्टी डकार की समस्या से राहत पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपायों का सहारा ले सकती हैं। आइए, जानते हैं इनके बारे में -
प्रेगनेंसी में अपने स्वास्थ्य को लेकर ना करें लापरवाही, ये गम्भीर बीमारियां आपको अपनी चपेट में आसानी से ले सकती हैं।
गर्भावस्था में महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे वे कई प्रकार की बीमारियों का शिकार हो सकती हैं. ऐसे में बचाव करना जरूरी है.
Foods to avoid in pregnancy: कुछ प्रकार के फूड्स हैं जो गर्भवती महिलाओं के शरीर में जाकर उन्हें फायदा देने की बजाय नुकसान दे सकते हैं। इस लेख में जानें ऐसे फूड्स के बारे में उन्हें प्रेग्नेंट महिलाओं को अक्सर अवॉइड कर देना चाहिए।
Pregnancy and Air pollution : बढ़ते प्रदूषण की वजह से गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
Best fruits during pregnancy: सर्दियों के मौसम में मिलने वाला ये फल गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है, जिससे एक नहीं बल्कि कई फायदे एक साथ मिल सकते हैं।
आइए जानें गर्भावस्था में यात्रा करनी चाहिए या नहीं और यात्रा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Yoga for pregnancy: प्रेग्नेंट महिलाओं को हेल्दी रहने और गर्भ में पल रहे बच्चे को हेल्दी रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जरूरी है और उसके लिए इन योगासनों का अभ्यास भी किया जा सकता है।
लगभग 8-10% गर्भवती महिलाओं को जेस्टेशनल डायबिटीज की समस्या होती है। हालांकि, सही मैनेजमेंट से महिलाओं की प्रेगनेंसी हेल्दी हो सकती है और वह एक हेल्दी बच्चे को जन्म दे सकती हैं।
गर्मी के उमस भरे दिनों के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं को कंफर्टेबल होने में दिक्कत होती है. हालांकि, कुछ आसान टिप्स और ट्रिक्स के साथ आप गर्मी के इस मौसम में अपनी प्रेग्नेंसी हेल्दी और कंफर्टेबल फील कर सकती हैं. आइए जानते हैं कैसे?
सीने में जलन एक सामान्य समस्या है, इसे उम्रदराज महिलाओं में और जो अपने पहले गर्भावस्था के दौरान होते हैं, उन्हें अधिक ज्यादा प्रभावित होने की संभावना होती है।
Exercise in pregnancy: बहुत सी महिलाओं को मन में यह सवाल रहता है कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें एक्सरसाइज करनी चाहिए या नहीं और किस महीने में एक्सरसाइज शुरू व बंद कर देनी चाहिए। चलिए डॉक्टर से जानते हैं इसका जवाब।
Constipation in pregnancy: प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज की समस्या होना काफी आम बात हो चुकी है और इस कारण से अन्य कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। इस लेख में जानें गर्भावस्था के दौरान कब्ज की समस्या को कैसे दूर किया जाए।
Amla Benefits In Pregnancy: किसी भी महिला के लिए प्रेगनेंसी एक बेहद खूबसूरत एहसास होता है। हालांकि, प्रेगनेंसी के दौरान छोटी-मोटी परेशानियां आती रहती हैं, जिनमें से एक है मतली और उल्टी आना।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में, 10 में से 3 से अधिक महिलाओं और शिशुओं को वर्तमान में जन्म के बाद शुरूआती दिनों में प्रसवोत्तर देखभाल नहीं मिलती है।
गर्भावस्था में बढ़ती थकान के बीच काजल अग्रवाल ने खुद को रिलैक्स्ड रखने का एक अच्छा तरीका भी अपनाया है जिसके बारे में उन्होंने अपने फैंस को भी बताया। (Kajal Agrawal Pregnancy Tips)
प्रेगनेंसी का समय काफी नाजुक होता है और इस दौरान हर काम सोच समझ कर किया जाना चाहिए। इस लेख में कुछ ऐसे घरेलू कामों के बारे में बताया गया है, जिन्हें प्रेग्नेंट महिलाओं द्वारा बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।
क्या गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना चाहिए? जानें, ऐसा करने के नुकसान क्या हो सकते हैं और प्रेग्नेंसी में वजन उठाते समय एक गर्भवती महिला को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान...
महिलाओं को प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद फीडिंग के दौरान अधिक मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है जो, ना मिल पाने पर उनमें शारीरिक कमज़ोरी बढ़ जाती है। (Post Pregnancy Weakness)
अभिनेत्री दिया मिर्जा और वैभव रेखी के घर जल्द ही किलकारी गूंजने वाली है। दिया ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर अपना बेबी बंप फ्लांट करते दिखाई दे रही हैं।
Exercising During Pregnancy: गर्भावस्था में कुछ ऐसी परिस्थितियां भी हो सकती हैं जिनमें एक्सरसाइज आपको लाभ नहीं बल्कि हानि देगी। तो आइए जानते हैं किन किन परिस्थितियों में आपको एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए।
अक्सर सवाल उठता है कि अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराने से बच्चे की सहत पर कोई बुरा असर तो नहीं पड़ता। क्या किसी विशेष अवधि के बाद अल्ट्रासाउंड नहीं कराना चाहिए ? इन सवालों का जवाब आपको मिलेगा यहां। आइए जानते हैं कितना सेफ है प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड कराना । (Abdominal Ultrasound during Pregnancy)
पोस्टपार्टम डिप्रेशन या पोस्टनेटल डिप्रेशन की स्थिति आमतौर पर प्रेगनेंसी और बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद तक तक बनी रहती है। लेकिन, एक हालिया स्टडी में ऐसा कहा गया है कि, महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को 3 वर्षों तक डिप्रेशन महसूस हो सकती है।
प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं, ऐसे में अक्सर पेट, जांघों, ब्रेस्ट और हिप्स पर ये निशान देखने को मिलते हैं। स्ट्रेच मार्क्स के होने से त्वचा ढीली पड़ जाती है और मॉश्चराइज़ की कमी से त्वचा रूखी भी हो जाती है, जिससे खुजली की समस्या पैदा होना आम है। वैसे तो सही तरीके का स्किनकेयर से ये हल्के पड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे गायब भी हो जाते हैं।
इंस्टाग्राम पर अनुष्का शर्मा ने अपनी एक तस्वीर शेयर की जिसमें, उनका बेबी बम्प दिख रहा है। अनुष्का शर्मा की यह तस्वीर वायरल हो गयी है। जैसा कि कुछ दिन पहले ही अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने घोषणा की थी जल्द ही वे माता पिता बनने वाले हैं। गौरतलब है कि अनुष्का शर्मा ने कोरोना काल में गर्भधारण किया है। इसीलिए, अनुष्का शर्मा और विराट कोहली का यह बच्चे कोरोनियल बेबी होगा।
हाल ही में कुछ स्टडीज़ में दावा किया गया कि गर्भावस्था में संगीत सुनने से बच्चे का दिमाग बेहतर तरीके से विकसित होता है। इन स्टडीज़ के अनुसार, संगीत सुनने से बच्चे का दिमाग उत्तेजित होता है और ब्रेन स्ट्रक्चर विकसित होता है। आइए जानते हैं गर्भावस्था में संगीत सुनने के कुछ और फायदों के बारे में -
हार्मोन्स में बदलाव के कारण प्रेगनेंसी में शरीर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह के बदलाव और समस्याएं दिखने लगती हैं। इसी तरह जब प्रेगनेंट महिलाओं के शरीर में लिक्विड का लेवल नॉर्मल से ज़्यादा या बहुत हाई हो जाता है। तब, पैरों में सूजन होने लगती है। आइए जानते हैं कि इस समस्या से राहत पाने के लिए घरेलू स्तर पर क्या किया जा सकता है।
गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर उनकी माता की सेहत का सीधा असर पड़ता है। इसीलिए प्रेगनेंसी में महिलाओं को मेंटली और फिजिकली फिट होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसीलिए, कोरोना महामारी के माहौल में प्रेगनेंट महिलाओं को खुद को मेंटली फिट रखने के लिए कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए।
मां बनने के बाद प्रॉपर डायट लेना बेहद जरूरी है। इससे आप और आपका बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। जानें, नई बनी मांओं को खानपान (Healthy Diet after Delivery) में किन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए...
टीवी एक्ट्रेस स्मृति खन्ना ने जिस तरह से सिर्फ एक सप्ताह में ही वजन कम (post pregnancy weight loss) कर लिया है, उसे देखकर लगता नहीं कि पोस्ट प्रेग्नेंसी वजन कम करना काफी मुश्किल काम है। यकीन नहीं हो रहा आपको? यकीन करने लगेंगी, जब आप स्मृति की पोस्ट प्रेग्नेंसी तस्वीर देखेंगी।
पोस्ट-प्रेगनेंसी पीरियड में बेली फैट निकलने लगता है और महिलाओं की फिगर भी बिगड़ जाती है। लेकिन, डायट पर ध्यान देने और कुछ योगासनों की मदद से यह प्रेगनेंसी वेट कम (Tips to lose weight after pregnancy) करने में मदद हो सकती है।
Panjiri Recipe for Lactating Mothers: पंजीरी एक पौष्टिक और पारम्परिक भारतीय डिश हैं। इसे, अवसर और ज़रूरत के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है। जैसा कि, यह एक पोस्ट-प्रेगनेंसी डायट में शामिल करने के लिहाज से एक हेल्दी ऑप्शन है। क्योंकि, इसमें ड्राईफ्रूट, डिंक और घी जैसे फूड्स के पौष्टिक गुण भरे होते हैं।
डिलीवरी के बाद जरूर खाएं मेथी का लड्डू। जानें, किस तरह एक मेथी का लड्डू सर्दियों में पहुंचाता है लाभ।
जानें, जो पहली बार मां (Post-Pregnancy Diet) बनीं हैं, उन महिलाओं को अपने खानपान (New mom diet) में क्या जरूर शामिल करना चाहिए-
साथ ही सीखें अजवायन का हलवा बनाने की हेल्दी रेसिपी।
अगर आप गर्भवती हैं, तो आपको अपने स्वास्थ्य पर और ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। खासतौर से गर्मी के मौसम में आप ये खास जूस पीकर अपनी सेहत को बेहतर कर सकती हैं।
एक बार अपने लाइफस्टाइल पर नजर डालें। कहीं मां न बन पाने की वजह आपका ओवर बर्डन और तनाव में होना तो नहीं।
होली के मौसम में रंग की वजह से होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य पर तो असर पड़ता ही है साथ में महिलाओं में कई तरह की परेशानी का खतरा भी रहता है। हम यहां कुछ ऐसी ही परेशानियों के बारे में बता रहे है। होली में गर्भवती महिलाएं इन परेशानियों से कैसे बचें इसके बारे में भी आप यहां जान सकते हैं।