रोज सुबह 10 मिनट करें भ्रामरी प्राणायाम, सेहत को मिलेंगे कई फायदे
Bhramari Pranayam: भ्रामरी प्राणायाम करना सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। इससे मन को शांति मिलती है और कई रोगों से बचाव भी होता है।
Bhramari Pranayam: भ्रामरी प्राणायाम करना सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। इससे मन को शांति मिलती है और कई रोगों से बचाव भी होता है।
Anulom vilom: इस प्राणायाम को करने से शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार होता है। इससे मन शांत होता है और कई बीमारियों से बचाव होता है।
Pranayama Benefits: प्राणायाम करना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए आपको रोज सुबह 15 से 20 मिनट प्राणायाम जरूर करना चाहिए।
Kumbhaka Pranayama ke Fayde : योग और प्राणायाम के बारे में तो लोग जानते ही लेकिन शायद कम लोग ही कुम्भक के बारे में जानते हैं। आइए जानते हैं कुम्भक क्या होता है (What is Breath Retention) और इसे करने से शरीर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
Kanwar Yatra Ki Thakan Kaise Dur Kre: आज हम आपको इस लेख में 4 ऐसी असरदार ब्रीदिंग एक्सरसाइज के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें कांवड़ यात्री अपनी यात्रा के दौरान कर सकते हैं और अपनी थकान मिटा सकते हैं।
अनुलोम विलोम का इस्तेमाल फेफड़ों को मजबूत करने के लिए कई वर्षों से किया जा रहा है। ये प्राणायाम शरीर को फिट और मन को स्वस्थ रखने में मददगार है।
Benefits of Pranayam in Hindi: स्ट्रेस और एंजाइटी अब सामान्य बात हो गई है। कुछ लोगों को तनाव, डिप्रेशन तक ले जाता है। ऐसे में अगर आपको मन शांत करना है तो रोजाना सिर्फ 10 मिनट प्रणायाम करना शुरू कर दें। आपको 10 फायदे होंगे।
प्राणायाम एक प्राचीन सांस लेने की तकनीक है जो भारत में योग प्रथाओं से उत्पन्न हुई है। इसमें विभिन्न शैलियों और गहराई में अपनी सांस को नियंत्रित करना शामिल है। आयुर्वेद के अनुसार, प्राणायाम से कोई भी व्यक्ति अपने वात, पित्त और कफ दोषों को बैलेंस कर सकता है।
Kapalbhati ke Fayde : कपालभाति का नियमित रूप से अभ्यास करने से आप मोटापा, डार्क सर्कल जैसी कई परेशानियों को दूर कर सकते हैं।
Pranayama for high bp: हाई बीपी के दौरान हमरा ब्लड सर्कुलेशन बहुत तेज होता है, जिससे हमारे दिल पर दवाब पड़ता है। ऐसे में आप इन प्राणायम की मदद से बीपी कंट्रोल कर सकते हैं।
गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में शरीर के तापमान को सही रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से प्राणयाम करें। यहां 3 प्राणायामों के बारे में बताया गया है।
प्राणायाम सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद और उपयोगी हैं क्योंकि, ये मन और हृदय के तनाव को कम करते हैं। प्राणायाम के कई प्रकार हैं। जिन्हें, आप घर पर और आसानी से कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स प्राणायाम करने वालों को इन ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ेस की एक पूरी श्रृंखला सिखाते हैं और उसे ही अपनाने की सलाह भी देते हैं। कपालभांति, भ्रामरी, अनुलोम विलोम (नाड़ी शोधन प्राणायाम) प्राणायम के ही प्रकार हैं। आइए जानते हैं प्राणायाम करने के लिए सही समय और इसके सही तरीके के बारे में। (International Yoga Day 2020 in hindi)
डायबिटीज (Yoga for diabetes), अस्थमा, कमजोर इम्यून सिस्टम, सांस लेने में तकलीफ होने पर कोरोनावायरस या कोविड-19 खतरनाक साबित हो सकता है। जरूरी नहीं कि आपको हर छींक, खांसी, बुखार की समस्या कोरोनावायरस संक्रमित होने पर ही हो। फिर भी इन सभी तरह की परेशानियों से बचने के लिए आप भस्त्रिका प्राणायम करना शुरू कर दें।
Breathing exercise for stress: अक्सर, ऑफिस के काम या किसी ज़रूरी काम को नियत समय तक ना कर पाने की वजह से बहुत अधिक तनाव होता है। तो, वहीं कई लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में, टैक्सी-रिक्शा ना मिलने, ट्रैफिक में अटकने जैसी परेशानियों की वजह से भी बहुत ज़्यादा बेचैन हो जाते हैं। इससे, उनका तनाव भी बढ़ जाता है। इससे, सांस लेने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
कई योगासन ऐसे हैं, जो ठंड के दिनों में शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं। शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं, जिससे आप सर्दी में होने वाली बीमारियों से बचे रहते हैं। इसके लिए आप प्रणायाम भी कर सकते हैं। जानें, कौन से प्राणायाम करने से सर्दी में खुद (Yoga for winter season) को गर्म रख सकते हैं।
कुछ पुरानी बातें जो लोगो ने हमेशा फॉलो की हैं, उन्ही पुराने तरीकों से आपकी त्वचा रह सकती है सर्दियों के मौसम में सुरक्षित। अगर कुछ पुराने और पारम्परिक भारतीय तरीकों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें, तो आपकी स्किन के लिए सर्दियों के मौसम में भी कोई परेशानी नहीं होगी।
प्रदूषित हवा में सांस लेने से हमारी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में योगासनों की मदद से भी सेहत पर प्रदूषित हवा के प्रभाव को कम कर सकते हैं। ( Yoga to beat Air Pollution)
बालों को सफेद होने से रोकने व बाल काले रखने का नेचुरल तरीका हर कोई खोजता रहता है. लेकिन बालों को आप हमेशा काले नहीं रख सकते हैं. लेकिन योग में कुछ ऐसे आसन और प्राणायाम हैं जो बालों को काला रखने में मदद करते हैं. अगर आप भी योगासन करते हैं तो इस प्राणायाम के बारे में जरूर जानकारी रखें.
नियमित रूप से योगाभ्यास (Yoga for heart) करके आप हृदय रोग से बचे रह सकते हैं। आप चाहें, तो प्राणायाम का अभ्यास भी कर सकते हैं। कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करने से आप दिल के रोगों से बचे रहेंगे। वर्ल्ड हार्ट डे (world heart day) पर जानें, कैसे ये दोनों प्राणायाम करने से आपका दिल स्वस्थ रहेगा।
बाहर ही नहीं अब घर का माहौल भी प्रदूषण से बच नहीं पा रहा। इससे मुकाबला करने के लिए आपके फेफड़ों का मजबूत होना जरूरी है। बता रहे हैं आपको ऐसे योगासन जो इस काम में मदग करेंगे।
अगर आप तेजी से वजन घटाना चाहते हैं तो हर रोज कम से कम पंद्रह मिनट कपालभाति का अभ्यास करें।
कपालभाति प्राणायाम शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। यह किडनी और लीवर के कामकाज में सुधार करता है। इसके अलावा यह ब्लड सर्कुलेशन और पाचन को बढ़ाता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 पर कपालभाती प्राणायाम जरूर करें। कपालभाती प्राणायाम करने के लिए आप सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की ओर धक्का देना है।
प्राणायाम शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। यह किडनी और लीवर के कामकाज में सुधार करता है। इसके अलावा यह ब्लड सर्कुलेशन और पाचन को बढ़ाता है।
Bhramari Pranayam: भ्रामरी प्राणायाम करना सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। इससे मन को शांति मिलती है और कई रोगों से बचाव भी होता है।
Anulom vilom: इस प्राणायाम को करने से शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार होता है। इससे मन शांत होता है और कई बीमारियों से बचाव होता है।
Pranayama Benefits: प्राणायाम करना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए आपको रोज सुबह 15 से 20 मिनट प्राणायाम जरूर करना चाहिए।
Kumbhaka Pranayama ke Fayde : योग और प्राणायाम के बारे में तो लोग जानते ही लेकिन शायद कम लोग ही कुम्भक के बारे में जानते हैं। आइए जानते हैं कुम्भक क्या होता है (What is Breath Retention) और इसे करने से शरीर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
Benefits of Pranayam in Hindi: स्ट्रेस और एंजाइटी अब सामान्य बात हो गई है। कुछ लोगों को तनाव, डिप्रेशन तक ले जाता है। ऐसे में अगर आपको मन शांत करना है तो रोजाना सिर्फ 10 मिनट प्रणायाम करना शुरू कर दें। आपको 10 फायदे होंगे।
प्राणायाम एक प्राचीन सांस लेने की तकनीक है जो भारत में योग प्रथाओं से उत्पन्न हुई है। इसमें विभिन्न शैलियों और गहराई में अपनी सांस को नियंत्रित करना शामिल है। आयुर्वेद के अनुसार, प्राणायाम से कोई भी व्यक्ति अपने वात, पित्त और कफ दोषों को बैलेंस कर सकता है।
गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में शरीर के तापमान को सही रखना बहुत जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से प्राणयाम करें। यहां 3 प्राणायामों के बारे में बताया गया है।
प्राणायाम सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद और उपयोगी हैं क्योंकि, ये मन और हृदय के तनाव को कम करते हैं। प्राणायाम के कई प्रकार हैं। जिन्हें, आप घर पर और आसानी से कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स प्राणायाम करने वालों को इन ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ेस की एक पूरी श्रृंखला सिखाते हैं और उसे ही अपनाने की सलाह भी देते हैं। कपालभांति, भ्रामरी, अनुलोम विलोम (नाड़ी शोधन प्राणायाम) प्राणायम के ही प्रकार हैं। आइए जानते हैं प्राणायाम करने के लिए सही समय और इसके सही तरीके के बारे में। (International Yoga Day 2020 in hindi)
डायबिटीज (Yoga for diabetes), अस्थमा, कमजोर इम्यून सिस्टम, सांस लेने में तकलीफ होने पर कोरोनावायरस या कोविड-19 खतरनाक साबित हो सकता है। जरूरी नहीं कि आपको हर छींक, खांसी, बुखार की समस्या कोरोनावायरस संक्रमित होने पर ही हो। फिर भी इन सभी तरह की परेशानियों से बचने के लिए आप भस्त्रिका प्राणायम करना शुरू कर दें।
Breathing exercise for stress: अक्सर, ऑफिस के काम या किसी ज़रूरी काम को नियत समय तक ना कर पाने की वजह से बहुत अधिक तनाव होता है। तो, वहीं कई लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में, टैक्सी-रिक्शा ना मिलने, ट्रैफिक में अटकने जैसी परेशानियों की वजह से भी बहुत ज़्यादा बेचैन हो जाते हैं। इससे, उनका तनाव भी बढ़ जाता है। इससे, सांस लेने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।
कई योगासन ऐसे हैं, जो ठंड के दिनों में शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं। शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं, जिससे आप सर्दी में होने वाली बीमारियों से बचे रहते हैं। इसके लिए आप प्रणायाम भी कर सकते हैं। जानें, कौन से प्राणायाम करने से सर्दी में खुद (Yoga for winter season) को गर्म रख सकते हैं।
कुछ पुरानी बातें जो लोगो ने हमेशा फॉलो की हैं, उन्ही पुराने तरीकों से आपकी त्वचा रह सकती है सर्दियों के मौसम में सुरक्षित। अगर कुछ पुराने और पारम्परिक भारतीय तरीकों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करें, तो आपकी स्किन के लिए सर्दियों के मौसम में भी कोई परेशानी नहीं होगी।
प्रदूषित हवा में सांस लेने से हमारी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में योगासनों की मदद से भी सेहत पर प्रदूषित हवा के प्रभाव को कम कर सकते हैं। ( Yoga to beat Air Pollution)
बालों को सफेद होने से रोकने व बाल काले रखने का नेचुरल तरीका हर कोई खोजता रहता है. लेकिन बालों को आप हमेशा काले नहीं रख सकते हैं. लेकिन योग में कुछ ऐसे आसन और प्राणायाम हैं जो बालों को काला रखने में मदद करते हैं. अगर आप भी योगासन करते हैं तो इस प्राणायाम के बारे में जरूर जानकारी रखें.
नियमित रूप से योगाभ्यास (Yoga for heart) करके आप हृदय रोग से बचे रह सकते हैं। आप चाहें, तो प्राणायाम का अभ्यास भी कर सकते हैं। कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करने से आप दिल के रोगों से बचे रहेंगे। वर्ल्ड हार्ट डे (world heart day) पर जानें, कैसे ये दोनों प्राणायाम करने से आपका दिल स्वस्थ रहेगा।
बाहर ही नहीं अब घर का माहौल भी प्रदूषण से बच नहीं पा रहा। इससे मुकाबला करने के लिए आपके फेफड़ों का मजबूत होना जरूरी है। बता रहे हैं आपको ऐसे योगासन जो इस काम में मदग करेंगे।
अगर आप तेजी से वजन घटाना चाहते हैं तो हर रोज कम से कम पंद्रह मिनट कपालभाति का अभ्यास करें।
कपालभाति प्राणायाम शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। यह किडनी और लीवर के कामकाज में सुधार करता है। इसके अलावा यह ब्लड सर्कुलेशन और पाचन को बढ़ाता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 पर कपालभाती प्राणायाम जरूर करें। कपालभाती प्राणायाम करने के लिए आप सिद्धासन, पद्मासन या वज्रासन में बैठकर सांसों को बाहर छोड़ने की क्रिया करें। सांसों को बाहर छोड़ने या फेंकते समय पेट को अंदर की ओर धक्का देना है।
प्राणायाम शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है। यह किडनी और लीवर के कामकाज में सुधार करता है। इसके अलावा यह ब्लड सर्कुलेशन और पाचन को बढ़ाता है।
5 से 10 मिनट तक भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास करने से दिल के दौरे का खतरा होता है कम।
सर्दी हो या गर्मी, हमेशा कमरे के तापमान वाला पानी पिएं। ठंडा या गर्म पानी शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होता। सर्दियों में भी कमरे के तापमान वाला पानी पीना बेहतर है। बहुत जरूरी लगे और जुकाम आदि हो तो हल्का गुनगुना पानी पी सकते हैं।
बेवक्त खाना, नींद पूरी न लेना, तनाव अधिक लेना, फास्ट फूड अधिक खाना, जल्दी-जल्दी भोजन करना, शारीरिक क्रिया कम होना, देर तक बैठ कर काम करना आदि इसके प्रमुख कारण हैं। पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है शरीर को सक्रिय रखना। योग इसमें मददगार है।
कपालभाती वजन कम करने और मोटापे को नियंत्रित करने का एक असरदार तरीका है।
Kanwar Yatra Ki Thakan Kaise Dur Kre: आज हम आपको इस लेख में 4 ऐसी असरदार ब्रीदिंग एक्सरसाइज के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें कांवड़ यात्री अपनी यात्रा के दौरान कर सकते हैं और अपनी थकान मिटा सकते हैं।
Pranayama for high bp: हाई बीपी के दौरान हमरा ब्लड सर्कुलेशन बहुत तेज होता है, जिससे हमारे दिल पर दवाब पड़ता है। ऐसे में आप इन प्राणायम की मदद से बीपी कंट्रोल कर सकते हैं।
सर्दियों के दिनों में कई ऐसी समस्या्एं होती हैं, जिनके लिए न तो दवा ली जा सकती है और न ही कोई उपाय बचता है। ऐसे में योगासन ही सर्वोत्तम है!
अनुलोम विलोम का इस्तेमाल फेफड़ों को मजबूत करने के लिए कई वर्षों से किया जा रहा है। ये प्राणायाम शरीर को फिट और मन को स्वस्थ रखने में मददगार है।
Kapalbhati ke Fayde : कपालभाति का नियमित रूप से अभ्यास करने से आप मोटापा, डार्क सर्कल जैसी कई परेशानियों को दूर कर सकते हैं।