पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की उम्र में निधन
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दिल्ली में देहांत हो गया। उनका आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में पिछले 21 दिनों से इलाज चल रहा था। प्रणब मुखर्जी 84 वर्ष के थे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दिल्ली में देहांत हो गया। उनका आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में पिछले 21 दिनों से इलाज चल रहा था। प्रणब मुखर्जी 84 वर्ष के थे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सोमवार को तबीयत और बिगड़ गई। आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल ने कहा है कि फेफड़ों के संक्रमण के कारण वह सेप्टिक शॉक में हैं। पिछले 21 दिनों से ब्रेन सर्जरी के बाद वह हॉस्पिटल में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी रविवार से ही गहरे कोमा (coma) में चले गए हैं। उनकी हालत अब भी नाजुक और स्थिर बनी हुई है। आखिर, क्या है कोमा में जाना? कैसे पहचानें इसके लक्षणों और कारणों को, जानें यहां...
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तबीयत फेफड़े में संक्रमण होने की वजह से बिगड़ने लगी थी। वह बीते 10 दिनों से हॉस्पिटल में ब्रेन सर्जरी के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। फिलहाल, उनकी सेहत में हल्का सुधार हो रहा है। जानिए, क्या है फेफड़े में संक्रमण और इसके लक्षण, कारण, घरेलू उपचार....
प्रणब मुखर्जी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उनके महत्वपूर्ण और क्लीनिकल पैरामीटर्स स्थिर हैं, लेकिन वे अब भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। मस्तिष्क में खून का थक्का जमने के बाद उनकी आपातकालीन सर्जरी की गई थी। जानिए, क्या है ब्रेन क्लॉटिंग और सर्जरी के साइड एफेक्ट्स...
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सोमवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में एक ब्रेन सर्जरी की गई। मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए की गई इस सर्जरी के बाद अब वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। यह जानकारी सूत्रों से मिली है। सर्जरी से पहले 84 साल के मुखर्जी का कोरोनावायरस टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया था।
सोमवार दोपहर को एक ट्वीट करके प्रणब मुखर्जी ने इस बारे में बताया। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, अबकी बार अस्पताल जाने का कारण अलग है। क्योंकि, मेरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव है। अपने इस ट्वीट में पूर्व राष्ट्रपति ने आग्रह किया है कि, जो लोग भी पिछले सप्ताहभर में मेरे सम्पर्क में आए हैं। उन सभी से मैं अपील करता हूं कि वे, अपना कोरोना टेस्ट कराएं और खुद को क्वारंटाइन करें।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का दिल्ली में देहांत हो गया। उनका आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में पिछले 21 दिनों से इलाज चल रहा था। प्रणब मुखर्जी 84 वर्ष के थे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सोमवार को तबीयत और बिगड़ गई। आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल ने कहा है कि फेफड़ों के संक्रमण के कारण वह सेप्टिक शॉक में हैं। पिछले 21 दिनों से ब्रेन सर्जरी के बाद वह हॉस्पिटल में हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी रविवार से ही गहरे कोमा (coma) में चले गए हैं। उनकी हालत अब भी नाजुक और स्थिर बनी हुई है। आखिर, क्या है कोमा में जाना? कैसे पहचानें इसके लक्षणों और कारणों को, जानें यहां...
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तबीयत फेफड़े में संक्रमण होने की वजह से बिगड़ने लगी थी। वह बीते 10 दिनों से हॉस्पिटल में ब्रेन सर्जरी के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। फिलहाल, उनकी सेहत में हल्का सुधार हो रहा है। जानिए, क्या है फेफड़े में संक्रमण और इसके लक्षण, कारण, घरेलू उपचार....
प्रणब मुखर्जी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उनके महत्वपूर्ण और क्लीनिकल पैरामीटर्स स्थिर हैं, लेकिन वे अब भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। मस्तिष्क में खून का थक्का जमने के बाद उनकी आपातकालीन सर्जरी की गई थी। जानिए, क्या है ब्रेन क्लॉटिंग और सर्जरी के साइड एफेक्ट्स...
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सोमवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में एक ब्रेन सर्जरी की गई। मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए की गई इस सर्जरी के बाद अब वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। यह जानकारी सूत्रों से मिली है। सर्जरी से पहले 84 साल के मुखर्जी का कोरोनावायरस टेस्ट भी पॉजिटिव पाया गया था।
सोमवार दोपहर को एक ट्वीट करके प्रणब मुखर्जी ने इस बारे में बताया। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, अबकी बार अस्पताल जाने का कारण अलग है। क्योंकि, मेरी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव है। अपने इस ट्वीट में पूर्व राष्ट्रपति ने आग्रह किया है कि, जो लोग भी पिछले सप्ताहभर में मेरे सम्पर्क में आए हैं। उन सभी से मैं अपील करता हूं कि वे, अपना कोरोना टेस्ट कराएं और खुद को क्वारंटाइन करें।