प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है? डाइटिशियन ने शेयर किए टिप्स
भारत में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में कम हीमोग्लोबिन (खून की कमी) बहुत ही आम समस्या है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं खून की कमी को कैसे पूरा किया जाए।
भारत में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में कम हीमोग्लोबिन (खून की कमी) बहुत ही आम समस्या है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं खून की कमी को कैसे पूरा किया जाए।
प्रदूषित हवा में मौजूद धूल, धुआं, जहरीली गैसें और सूक्ष्म कण प्रेग्नेंसी (Pregnancy Care) के दौरान श्वसन तंत्र, इम्यूनिटी और शिशु के विकास को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में मां को अपना ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इसके बारे में
How Air Pollution Can Affect Your Pregnancy Tips to Prevent : प्रदूषित हवा का असर प्रेग्नेंट महिला और बच्चे पर गंभीर रूप से पड़ता है।
Top 10 Countries With the Most Premature Births: प्रीमैच्योर डिलीवरी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 17 नवंबर को वर्ल्ड प्रीमैच्योर डिलीवरी डे मनाया जाता है।
Pregnancy tips: प्रेगनेंसी के दौरान महिला को अपने शरीर का ध्यान जरूर रखना चाहिए खासतौर पर तिसरी तिमाही में। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि तीसरी तिमाही के अंतिम चरणों में गर्भवती महिला को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में, 10 में से 3 से अधिक महिलाओं और शिशुओं को वर्तमान में जन्म के बाद शुरूआती दिनों में प्रसवोत्तर देखभाल नहीं मिलती है।
महिलाओं को प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद फीडिंग के दौरान अधिक मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है जो, ना मिल पाने पर उनमें शारीरिक कमज़ोरी बढ़ जाती है। (Post Pregnancy Weakness)
पोस्टपार्टम डिप्रेशन या पोस्टनेटल डिप्रेशन की स्थिति आमतौर पर प्रेगनेंसी और बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद तक तक बनी रहती है। लेकिन, एक हालिया स्टडी में ऐसा कहा गया है कि, महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को 3 वर्षों तक डिप्रेशन महसूस हो सकती है।
प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं, ऐसे में अक्सर पेट, जांघों, ब्रेस्ट और हिप्स पर ये निशान देखने को मिलते हैं। स्ट्रेच मार्क्स के होने से त्वचा ढीली पड़ जाती है और मॉश्चराइज़ की कमी से त्वचा रूखी भी हो जाती है, जिससे खुजली की समस्या पैदा होना आम है। वैसे तो सही तरीके का स्किनकेयर से ये हल्के पड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे गायब भी हो जाते हैं।
मां बनने के बाद प्रॉपर डायट लेना बेहद जरूरी है। इससे आप और आपका बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। जानें, नई बनी मांओं को खानपान (Healthy Diet after Delivery) में किन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए...
टीवी एक्ट्रेस स्मृति खन्ना ने जिस तरह से सिर्फ एक सप्ताह में ही वजन कम (post pregnancy weight loss) कर लिया है, उसे देखकर लगता नहीं कि पोस्ट प्रेग्नेंसी वजन कम करना काफी मुश्किल काम है। यकीन नहीं हो रहा आपको? यकीन करने लगेंगी, जब आप स्मृति की पोस्ट प्रेग्नेंसी तस्वीर देखेंगी।
पोस्ट-प्रेगनेंसी पीरियड में बेली फैट निकलने लगता है और महिलाओं की फिगर भी बिगड़ जाती है। लेकिन, डायट पर ध्यान देने और कुछ योगासनों की मदद से यह प्रेगनेंसी वेट कम (Tips to lose weight after pregnancy) करने में मदद हो सकती है।
Panjiri Recipe for Lactating Mothers: पंजीरी एक पौष्टिक और पारम्परिक भारतीय डिश हैं। इसे, अवसर और ज़रूरत के हिसाब से अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है। जैसा कि, यह एक पोस्ट-प्रेगनेंसी डायट में शामिल करने के लिहाज से एक हेल्दी ऑप्शन है। क्योंकि, इसमें ड्राईफ्रूट, डिंक और घी जैसे फूड्स के पौष्टिक गुण भरे होते हैं।
डिलीवरी के बाद जरूर खाएं मेथी का लड्डू। जानें, किस तरह एक मेथी का लड्डू सर्दियों में पहुंचाता है लाभ।
जानें, जो पहली बार मां (Post-Pregnancy Diet) बनीं हैं, उन महिलाओं को अपने खानपान (New mom diet) में क्या जरूर शामिल करना चाहिए-
साथ ही सीखें अजवायन का हलवा बनाने की हेल्दी रेसिपी।
डिलीवरी के बाद प्रॉपर डायट लेना जरूरी हो जाता है ताकि आप और आपका बच्चा दोनों स्वस्थ और बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। जानें, नई बनी मांओं को खानपान (Healthy Diet after Delivery) में किन बातों का ख्याल रखना चाहिए... चाहिए-
बच्चों को पालने की बहुत सी तकनीक हम जानवरों से भी सीख सकते हैं।
कुछ महिलाओं में डिलेवरी के बाद बालों के झड़ने की समस्या बहुत तेज हो जाती है। डिलेवरी के बाद बालों की समस्या से निजात पाने के लिए सबसे....
भारत में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में कम हीमोग्लोबिन (खून की कमी) बहुत ही आम समस्या है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं खून की कमी को कैसे पूरा किया जाए।
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