
कोविड-19 से बढ़ सकता है ब्रेन फॉग और डिमेंशिया का रिस्क, इतने समय तक बना रहता है खतरा
लैंसेट की एक स्टडी के अनुसार, कोविड-19 के मरीजों में मानसिक समस्याओं का रिस्क 2 साल तक अधिक बना रह सकता है।

लैंसेट की एक स्टडी के अनुसार, कोविड-19 के मरीजों में मानसिक समस्याओं का रिस्क 2 साल तक अधिक बना रह सकता है।

हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, कोविड संक्रमण के बाद दिल से जुड़ी बीमारियों, कोरोनरी हार्ट डिजिजेज और हार्ट फेल होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ सकता है।

इन टिप्स की मदद से ना केवल कोविड के बाद होने वाली तकलीफों और थकान से आराम मिलेगा बल्कि, तेजी से रिकवर होने में भी मदद होगी।

वेगस नर्व दिल की धड़कन और बोलने की क्षमता को भी निर्धारित करती है। यह तांत्रिका मस्तिष्क से लेकर धड़ तक जाती है और दिल, फेंफड़ों तथा आंतों तक इसका विस्तार होता है।

हाल ही में हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद कुछ लोगों में इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) या फिर लंबे समय तक नजर आने वाले गैस्ट्रोइंटेस्टिनल से संबंधित लक्षण नजर आ सकते हैं।

पुणे में 3 महीनों में कुल 4 मामले ऐसे आए हैं जहां कोविड रिकवरी के बाद लोगों में गम्भीर फंगल इंफेक्शन का पता चला है। इस नये फंगस के बारे में पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, पोस्ट-कोविड समय में बुजुर्गों में तेजी से कम होती मेमरी के साथ-साथ अकेलेपन और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से भी जूझना पड़ा। (Risk Of Post-Covid Depression In Elderly )

कोरोनावायरस होने के बाद पित्ताशय की थैली में गैंग्रीन होना बहुत ही गंभीर समस्या है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में 5 मरीजों में इस तरह का मामला सामने आया है।

एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करके पोस्ट कोविड अपने वजन बढ़ने के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, वे वापस स्लिम-ट्रिम हो गई हैं, क्योंकि उन्होंने अपना वजन कम कर लिया है।

दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल के डॉक्टरों को कोविड से उबरने वाले पीड़ितों के लिवर में बड़े आकार के फोड़े होने का पता चला है। (Large Liver Abscesses In Recovered Covid Patients )

द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ में प्रकाशित शोध (स्टडी) में बच्चों में न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं की एक विस्तृत स्पेक्ट्रम की पहचान की गई है और इस शोध ने सुझाव दिया गया है कि वे कोविड-19 के साथ भर्ती वयस्कों की तुलना में अधिक सामान्य हो सकते हैं। (children hospitalised with Covid developed brain complications)

एक नयी रिपोर्ट में कुछ ऐसे केसेस के बारे में भी बताया गया जहां, 2-2 फॉलोअप करने के बाद इन मरीज़ों में संक्रमण से उबरने के 1 बाद भी कोविड-19 संक्रमण के एक से दो लक्षण ज़रूर देखने को मिले। (Post Covid Symptoms in Hindi)

Post Covid Complications: लोगों में कोविड से ठीक होने के बाद कई ऐसे लक्षण मिल रहे हैं जैसे कि सूजन, गैस, एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स या कब्ज आदि। इनकी वजह को जानना जरूरी है।

कुछ मरीजों में पोस्ट कोविड रिकवरी के बाद भी मांसपेशियों में दर्द, थकान की शिकायत रहती है। यदि आप अपनी फिटनेस को लेकर चिंतित हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आप वर्कआउट कब से कर सकते हैं? वर्कआउट सेशन (Exercising after COVID-19 recovery) घर पर शुरू करने के लिए जानें कब, कैसे और कितना वर्कआउट करना आपकी सेहत के लिए सही होगा।

Post covid complications in hindi : कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों में फेफड़ों से जु़ड़ी ये 2 समस्याएं सामने आ रही हैं। जानिए कौन सी हैं ये समस्याएं।

लैंसेट की एक स्टडी के अनुसार, कोविड-19 के मरीजों में मानसिक समस्याओं का रिस्क 2 साल तक अधिक बना रह सकता है।

हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, कोविड संक्रमण के बाद दिल से जुड़ी बीमारियों, कोरोनरी हार्ट डिजिजेज और हार्ट फेल होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ सकता है।

इन टिप्स की मदद से ना केवल कोविड के बाद होने वाली तकलीफों और थकान से आराम मिलेगा बल्कि, तेजी से रिकवर होने में भी मदद होगी।

वेगस नर्व दिल की धड़कन और बोलने की क्षमता को भी निर्धारित करती है। यह तांत्रिका मस्तिष्क से लेकर धड़ तक जाती है और दिल, फेंफड़ों तथा आंतों तक इसका विस्तार होता है।

हाल ही में हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद कुछ लोगों में इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) या फिर लंबे समय तक नजर आने वाले गैस्ट्रोइंटेस्टिनल से संबंधित लक्षण नजर आ सकते हैं।

पुणे में 3 महीनों में कुल 4 मामले ऐसे आए हैं जहां कोविड रिकवरी के बाद लोगों में गम्भीर फंगल इंफेक्शन का पता चला है। इस नये फंगस के बारे में पता चलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गयी है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, पोस्ट-कोविड समय में बुजुर्गों में तेजी से कम होती मेमरी के साथ-साथ अकेलेपन और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं से भी जूझना पड़ा। (Risk Of Post-Covid Depression In Elderly )

कोरोनावायरस होने के बाद पित्ताशय की थैली में गैंग्रीन होना बहुत ही गंभीर समस्या है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में 5 मरीजों में इस तरह का मामला सामने आया है।

एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करके पोस्ट कोविड अपने वजन बढ़ने के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, वे वापस स्लिम-ट्रिम हो गई हैं, क्योंकि उन्होंने अपना वजन कम कर लिया है।

दिल्ली के सर गंगा राम हॉस्पिटल के डॉक्टरों को कोविड से उबरने वाले पीड़ितों के लिवर में बड़े आकार के फोड़े होने का पता चला है। (Large Liver Abscesses In Recovered Covid Patients )

द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ में प्रकाशित शोध (स्टडी) में बच्चों में न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं की एक विस्तृत स्पेक्ट्रम की पहचान की गई है और इस शोध ने सुझाव दिया गया है कि वे कोविड-19 के साथ भर्ती वयस्कों की तुलना में अधिक सामान्य हो सकते हैं। (children hospitalised with Covid developed brain complications)

एक नयी रिपोर्ट में कुछ ऐसे केसेस के बारे में भी बताया गया जहां, 2-2 फॉलोअप करने के बाद इन मरीज़ों में संक्रमण से उबरने के 1 बाद भी कोविड-19 संक्रमण के एक से दो लक्षण ज़रूर देखने को मिले। (Post Covid Symptoms in Hindi)

Post Covid Complications: लोगों में कोविड से ठीक होने के बाद कई ऐसे लक्षण मिल रहे हैं जैसे कि सूजन, गैस, एसिडिटी, एसिड रिफ्लक्स या कब्ज आदि। इनकी वजह को जानना जरूरी है।

Post covid complications in hindi : कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों में फेफड़ों से जु़ड़ी ये 2 समस्याएं सामने आ रही हैं। जानिए कौन सी हैं ये समस्याएं।