सिर्फ AIIMS ही नहीं! दिल्ली के इन 5 सरकारी अस्पतालों में भी होता है निमोनिया का फ्री इलाज
आपको बता दें कि दिल्ली में एम्स के अलावा भी कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां निमोनिया का फ्री इलाज होता है। जानें, ऐसे अस्पतालों के बारे में-
आपको बता दें कि दिल्ली में एम्स के अलावा भी कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां निमोनिया का फ्री इलाज होता है। जानें, ऐसे अस्पतालों के बारे में-
Pneumonia symptoms in children: निमोनिया सीने में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो गंभीर हो सकता है और बच्चों में इसका खतरा काफी ज्यादा देखा जा सकता है। जानें बच्चों में निमोनिया की स्थिति के बारे में।
वैश्विक स्तर पर प्रत्येक वर्ष निमोनिया से 2.5 मिलियन वयस्कों और बच्चों की मौत हो जाती है। अकेले भारत में वैश्विक निमोनिया बोझ का 23 प्रतिशत है। 2018 में देश भर में 9,28,485 लोग निमोनिया से प्रभावित थे। 16.9% पर यह भारत में नवजात शिशुओं की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।
बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की सेहत लगातार खराब होती जा रही है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। खबरों के अनुसार, लालू यादव के फेफड़ों में संक्रमण हो गया है। जानें, क्या है फेफड़ों में संक्रमण और इसके लक्षण...
Lalu Yadav Health News: रिम्स के निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद का कहना है कि लालू प्रसाद को निमोनिया (Pneumonia) हो गया था और पिछले दो दिनों से उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।
निमोनिया अक्सर बैक्टीरिया, वायरल और फंगल संक्रमण के कारण होता है। यह एक प्रबंधनीय स्थिति है लेकिन यह घातक हो सकती है। यदि निमोनिया के लक्षण दिखने पर बच्चों को समय रहते डॉक्टर को दिखा दिया जाए तो बीमारी कंट्रोल में आ जाती है।
सर्दियों में बदलते मौसम में बच्चो को निमोनिया होने का खतरा रहता है. सर्दी-जुकाम जैसा लगने वाला निमोनिया बच्चों के लिए जानलेवा होता है. बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए कुछ उपाय हर मां को करना चाहिए.
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक प्रकार का इंफेक्शन है, जिसका समय रहते इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है। यह दो प्रकार का होता है- वायरल और बैक्टीरियल। वायरल निमोनिया होने पर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जानें, बच्चों को किस तरह निमोनिया के खतरे से बचाएं...
निमोनिया का कारण आमतौर पर न्युमोकोकल जीवाणु होता है, स्ट्रैप्टोकोकस निमोनिया जीवाणु जनित निमोनिया के 2/3 भाग के लिए उत्तरदायी होता है। यह फेफड़ों का एक घातक संक्रमण है जिससे संक्रमित लगभग 25 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता (unnao rape victim) की पसलियां टूटने के कारण हालत पहले से नाजुक थी ही, अब उसे निमोनिया हो गया है।
Pneumonia symptoms in children: निमोनिया सीने में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो गंभीर हो सकता है और बच्चों में इसका खतरा काफी ज्यादा देखा जा सकता है। जानें बच्चों में निमोनिया की स्थिति के बारे में।
वैश्विक स्तर पर प्रत्येक वर्ष निमोनिया से 2.5 मिलियन वयस्कों और बच्चों की मौत हो जाती है। अकेले भारत में वैश्विक निमोनिया बोझ का 23 प्रतिशत है। 2018 में देश भर में 9,28,485 लोग निमोनिया से प्रभावित थे। 16.9% पर यह भारत में नवजात शिशुओं की मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।
बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की सेहत लगातार खराब होती जा रही है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। खबरों के अनुसार, लालू यादव के फेफड़ों में संक्रमण हो गया है। जानें, क्या है फेफड़ों में संक्रमण और इसके लक्षण...
Lalu Yadav Health News: रिम्स के निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद का कहना है कि लालू प्रसाद को निमोनिया (Pneumonia) हो गया था और पिछले दो दिनों से उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी।
निमोनिया अक्सर बैक्टीरिया, वायरल और फंगल संक्रमण के कारण होता है। यह एक प्रबंधनीय स्थिति है लेकिन यह घातक हो सकती है। यदि निमोनिया के लक्षण दिखने पर बच्चों को समय रहते डॉक्टर को दिखा दिया जाए तो बीमारी कंट्रोल में आ जाती है।
सर्दियों में बदलते मौसम में बच्चो को निमोनिया होने का खतरा रहता है. सर्दी-जुकाम जैसा लगने वाला निमोनिया बच्चों के लिए जानलेवा होता है. बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए कुछ उपाय हर मां को करना चाहिए.
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक प्रकार का इंफेक्शन है, जिसका समय रहते इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है। यह दो प्रकार का होता है- वायरल और बैक्टीरियल। वायरल निमोनिया होने पर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। जानें, बच्चों को किस तरह निमोनिया के खतरे से बचाएं...
निमोनिया का कारण आमतौर पर न्युमोकोकल जीवाणु होता है, स्ट्रैप्टोकोकस निमोनिया जीवाणु जनित निमोनिया के 2/3 भाग के लिए उत्तरदायी होता है। यह फेफड़ों का एक घातक संक्रमण है जिससे संक्रमित लगभग 25 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हो जाती है।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता (unnao rape victim) की पसलियां टूटने के कारण हालत पहले से नाजुक थी ही, अब उसे निमोनिया हो गया है।
आपको बता दें कि दिल्ली में एम्स के अलावा भी कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां निमोनिया का फ्री इलाज होता है। जानें, ऐसे अस्पतालों के बारे में-