
बवासीर में कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत? जानें इसके लिए कौन-सी सर्जरी है बेस्ट
वैसे तो बवासीर को दवाइयों और सही डाइट से ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन, कुछ मामलों में बवासीर के इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

वैसे तो बवासीर को दवाइयों और सही डाइट से ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन, कुछ मामलों में बवासीर के इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

Phone In Toilet: क्या आप भी टॉयलेट जाते समय फोन लेकर जाते हैं और वहां घंटों बिता देते हैं? अगर हां तो ये आपके एनल पर होने वाले फोड़े व बवासीर का खतरा बन सकता है। आइए डॉक्टर से जानें कैसे?

Bawasir me Kela aur Kapoor Khane ke Fayde: केला और कपूर को सदियों से बवासीर के मरीजों के लिए फायेदमंद बताया गया है। लेकिन इस बारे में कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखा जरूरी है और इस लेख में हम आपको कुछ जरूरी चीजों के बारे में बताएंगे।

Piles Causes: बवासीर होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके 5 मुख्य कारणों के बारे में -

How do you use neem leaves for piles? : नीम की पत्तियां बवासीर की परेशानियों को कम करने में प्रभावी हो सकती हैं। आइए जानते हैं इसके फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

महिलाओं में बवासीर के कारण: महिला हो या पुरुष बवासीर की समस्या सबके लिए दर्दनाक होती है। आइए, आज महिलाओं में इसके कारणों के बारे में जानते हैं।

Piles starting symptoms: मलाशय में खुजली या फिर हल्की जलन को हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि ये बवासीर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

बवासीर दो प्रकार की होती है। अंदरूनी पाइल्स (Internal Piles) और बाहरी बवासीर (External Piles)। इन दोनों के लक्षण शरीर में अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

बवासीर में किशमिश के फायदे : बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो कि खाने-पीने की गलत आदतों के कारण बार-बार हो सकती है। ऐसे में फाइबर से भरपूक किशमिश खाना फायदेमंद हो सकता है।

Guava in piles : बवासीर में अक्सर लोगों को कब्ज की समस्या हो जाती है। ऐसे में अमरूद खाना कैसे फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं।

Foods to avoid for Piles Disease: बवासीर में खाने-पीने की कुछ चीजें इसके लक्षणों जैसे कि कब्ज और सूजन को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में इनके बारे में जानें और इनके सेवन से बचें।

जब बवासीर बढ़ जाती है तो डॉक्टर सर्जरी कराने की सलाह देते हैं जो जरूरी भी है। लेकिन आपको सर्जरी कराने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं वो बातें क्या हैं और उन्हें ख्याल में रखने की जरूरत क्यों है?

पाइल्स (Piles) दो तरह की होती है। एक्सटर्नल पाइल्स (External Piles) और इंटरनल पाइल्स (Internal Piles)। दोनों ही पाइल्स में मरीज को स्टूल पास करने में दर्द, जलन और चुभन होती है।

पाइल्स (Piles) दो तरह की होती है। एक्सटर्नल पाइल्स (External Piles) और इंटरनल पाइल्स (Internal Piles)। दोनों ही पाइल्स में मरीज को स्टूल पास करने में दर्द, जलन और चुभन होती है।

बवासीर की वजह से बहुत से लोगों को ऑपरेशन कराना पड़ता है, लेकिन आपकी इस परेशानी में योग अहम भूमिका निभा सकता है। कई ऐसे आसान (Yoga for Piles) से आसन होते हैं, जिससे आप बवासीर जैसी गंभीर समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

बवासीर से बचे रहने के लिए आपको कुछ चीजों के सेवन से परहेज (foods to avoid in piles in hindi) करना होगा...

बवासीर की समस्या का इलाज छिपा है योगासन में और इस समस्या को दूर करने का सबसे आसान योग है पवनमुक्तासन। जानें, पवनमुक्तासन करने का तरीका और फायदे...

बवासीर की समस्या को कम करने के लिए आपको पानी के साथ अन्य लिक्विड पदार्थ, फाइबर से भरपूर भोजन करना चाहिए। इससे मल ढीला होता है और अधिक मल त्याग करने में अधिक तकलीफ महसूस नहीं होती है। आप कुछ घरेलू उपायों (Home remedies to cure piles) से भी बवासीर की समस्या को कम कर सकते हैं।

गुलाब के फूल का शरीर पर सकारात्मक असर होता है। तनाव ग्रस्त लोगों के लिए गुलाब का फूल नेचुरल दवा की तरह काम आ सकता है। जानें, गुलाब के फूल से होने वाले कुछ फायदों के (Rose Health Benefits) बारे में...

बवासीर के उपचार लिए योग को अपनाने के साथ ही आपको अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आप पवनमुक्तासन योग के जरिए बवासीर से छुटकारा पाकर रोगमुक्त हो सकते हैं।

बवासीर यानी पाइल्सु के मरीज को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसका दर्द असहनीय होता है।

करीब 70 फीसदी लोगों को अपने जीवन में किसी न किसी वक्त हेमरॉइड्स की समस्या से जूझना पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ तो यह समस्या बढ़ती ही है कई बार प्रसव के बाद भी इस समस्या से जूझना पड़ सकता है।

मूलबंध आसन करने से बवासीर को दूर किया जा सकता है। इस आसन को रूट लॉक पोज भी कहते हैं।

वैसे तो बवासीर को दवाइयों और सही डाइट से ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन, कुछ मामलों में बवासीर के इलाज के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

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जब बवासीर बढ़ जाती है तो डॉक्टर सर्जरी कराने की सलाह देते हैं जो जरूरी भी है। लेकिन आपको सर्जरी कराने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं वो बातें क्या हैं और उन्हें ख्याल में रखने की जरूरत क्यों है?

पाइल्स (Piles) दो तरह की होती है। एक्सटर्नल पाइल्स (External Piles) और इंटरनल पाइल्स (Internal Piles)। दोनों ही पाइल्स में मरीज को स्टूल पास करने में दर्द, जलन और चुभन होती है।

बवासीर की वजह से बहुत से लोगों को ऑपरेशन कराना पड़ता है, लेकिन आपकी इस परेशानी में योग अहम भूमिका निभा सकता है। कई ऐसे आसान (Yoga for Piles) से आसन होते हैं, जिससे आप बवासीर जैसी गंभीर समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

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करीब 70 फीसदी लोगों को अपने जीवन में किसी न किसी वक्त हेमरॉइड्स की समस्या से जूझना पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ तो यह समस्या बढ़ती ही है कई बार प्रसव के बाद भी इस समस्या से जूझना पड़ सकता है।

मूलबंध आसन करने से बवासीर को दूर किया जा सकता है। इस आसन को रूट लॉक पोज भी कहते हैं।

Bawasir me Kela aur Kapoor Khane ke Fayde: केला और कपूर को सदियों से बवासीर के मरीजों के लिए फायेदमंद बताया गया है। लेकिन इस बारे में कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखा जरूरी है और इस लेख में हम आपको कुछ जरूरी चीजों के बारे में बताएंगे।

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बवासीर में किशमिश के फायदे : बवासीर एक ऐसी बीमारी है जो कि खाने-पीने की गलत आदतों के कारण बार-बार हो सकती है। ऐसे में फाइबर से भरपूक किशमिश खाना फायदेमंद हो सकता है।

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बवासीर की समस्या को कम करने के लिए आपको पानी के साथ अन्य लिक्विड पदार्थ, फाइबर से भरपूर भोजन करना चाहिए। इससे मल ढीला होता है और अधिक मल त्याग करने में अधिक तकलीफ महसूस नहीं होती है। आप कुछ घरेलू उपायों (Home remedies to cure piles) से भी बवासीर की समस्या को कम कर सकते हैं।

बवासीर यानी पाइल्सु के मरीज को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसका दर्द असहनीय होता है।