पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग क्यों होती है?
पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होती है, तो यह कुछ कारणों की वजह से हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है।
पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होती है, तो यह कुछ कारणों की वजह से हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है।
Mahilao me Hone Wale Rog: महिलाओं के शरीर में स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं हैं, जो बेहद गंभीर होती हैं लेकिन फिर भी उनके शुरुआती लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाता है। इस लेख में हम आपको इसी बारे में बताने वाले हैं।
What Causes Less Bleeding During Periods: पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग होने के पीछे शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं। आइए जानते हैं कौन से देसी नुस्खें फ्लो को नॉर्मल कर सकते हैं।
Importance of Menstrual Health and Hygiene in Women's wellness: स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि महिलाएं पीरियड्स के दौरान अपना ध्यान रखें तो इससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
Normal Periods But Not Getting Pregnant: रेगुलर सही पीरियड्स आना लेकिन भी प्रेग्नेंट न हो पाना कई बार महिलाओं को उलझन में डाल देता है, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ से हम इस बारे में सभी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानेंगे।
Bleeding in Periods: किसी को पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो किसी को कम। ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल रहता है कि कितनी ब्लीडिंग नॉर्मल होती है? जानें इसके बारे में-
महिला फर्टिलिटी पर इसका प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण होता है। जब यह सही तरीके से काम नहीं करती, तो यह सीधे ओव्यूलेशन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इस प्रक्रिया में थायराइड हार्मोन अहम भूमिका निभाता है।
कुछ महिलाओं को पीरियड्स में खून के साथ-साथ मांस के टुकड़े भी आते हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स में मांस के टुकड़े क्यों (Periods Main Mass ke tukde kyu aate hain) आते हैं?
डॉ. मनन गुप्ता के अनुसार, पीरियड्स के दौरान काला या बहुत गहरा खून अक्सर पुराने रक्त (old blood) के बाहर आने के कारण दिखाई देता है।
कई महिलाओं के मन में शादी के बाद यह सवाल उठता है कि पीरियड्स का इनरेगुलर होना क्या नॉर्मल है? कुछ महिलाओं को शादी के तुरंत बाद पीरियड्स देर से आने लगते हैं, तो कुछ को जल्दी-जल्दी या बहुत कम ब्लीडिंग होने लगती है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
Breast Itching During Periods: पीरियड्स के दौरान ब्रेस्ट में खुजली होना आम बात होती है। ये खुजली हार्मोनल बदलावों के कारण होती है।
Early Puberty: अगर आपकी बेटी की उम्र बढ़ रही है, तो उन्हें समय रहते मासिक धर्म के बारे में बता दें, ताकि अचानक स्थिति आने पर वह घबराएं नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब लड़कियों को उम्र से पहले ही पीरियड्स हो रहे हैं। क्यों? आइए डॉक्टर से जानते हैं।
Irregular Periods Or Thyroid: क्या आपके पीरियड्स भी फिक्स डेट पर नहीं आते हैं या वजन बढ़ने और थकान होने जैसी समस्या हो रही है? अगर हां तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है।
पीरियड्स सिर्फ डेट नहीं बताते, ये आपकी बॉडी के अंदर चल रहे बदलावों का साइलेंट मैसेज होते हैं। कभी जल्दी, कभी देर से आने वाले ये संकेत कई बड़े सवाल खड़े कर सकते हैं।
Recurrent infections in women Causes and prevention tips : महिलाओं में बार-बार इंफेक्शन होना एक सामान्य लेकिन नजरअंदाज न करने वाली समस्या है। सही जानकारी, स्वच्छता, संतुलित जीवनशैली को अपनाकर इससे बचा जा सकता है।
What food is good during a period : पीरियड्स के दौरान अगर आपको भी दर्द, मूड स्विंग्स और अन्य समस्याएं होती हैं, तो आपको अपनी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए। आइए आपको बताते हैं।
Spotting After Periods: पीरियड्स के बाद स्पॉटिंग हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
Benefits of drinking milk during period : पीरियड्स के दौरान अगर आप दूध पीते हैं, तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स में दूध पीने से क्या होता है?
पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होती है, तो यह कुछ कारणों की वजह से हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से मिलना बहुत जरूरी है।
Mahilao me Hone Wale Rog: महिलाओं के शरीर में स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी समस्याएं हैं, जो बेहद गंभीर होती हैं लेकिन फिर भी उनके शुरुआती लक्षणों को इग्नोर कर दिया जाता है। इस लेख में हम आपको इसी बारे में बताने वाले हैं।
What Causes Less Bleeding During Periods: पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग होने के पीछे शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं। आइए जानते हैं कौन से देसी नुस्खें फ्लो को नॉर्मल कर सकते हैं।
Importance of Menstrual Health and Hygiene in Women's wellness: स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि महिलाएं पीरियड्स के दौरान अपना ध्यान रखें तो इससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
Normal Periods But Not Getting Pregnant: रेगुलर सही पीरियड्स आना लेकिन भी प्रेग्नेंट न हो पाना कई बार महिलाओं को उलझन में डाल देता है, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ से हम इस बारे में सभी महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानेंगे।
Bleeding in Periods: किसी को पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है तो किसी को कम। ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल रहता है कि कितनी ब्लीडिंग नॉर्मल होती है? जानें इसके बारे में-
महिला फर्टिलिटी पर इसका प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण होता है। जब यह सही तरीके से काम नहीं करती, तो यह सीधे ओव्यूलेशन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इस प्रक्रिया में थायराइड हार्मोन अहम भूमिका निभाता है।
कुछ महिलाओं को पीरियड्स में खून के साथ-साथ मांस के टुकड़े भी आते हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स में मांस के टुकड़े क्यों (Periods Main Mass ke tukde kyu aate hain) आते हैं?
डॉ. मनन गुप्ता के अनुसार, पीरियड्स के दौरान काला या बहुत गहरा खून अक्सर पुराने रक्त (old blood) के बाहर आने के कारण दिखाई देता है।
कई महिलाओं के मन में शादी के बाद यह सवाल उठता है कि पीरियड्स का इनरेगुलर होना क्या नॉर्मल है? कुछ महिलाओं को शादी के तुरंत बाद पीरियड्स देर से आने लगते हैं, तो कुछ को जल्दी-जल्दी या बहुत कम ब्लीडिंग होने लगती है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
Breast Itching During Periods: पीरियड्स के दौरान ब्रेस्ट में खुजली होना आम बात होती है। ये खुजली हार्मोनल बदलावों के कारण होती है।
Early Puberty: अगर आपकी बेटी की उम्र बढ़ रही है, तो उन्हें समय रहते मासिक धर्म के बारे में बता दें, ताकि अचानक स्थिति आने पर वह घबराएं नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब लड़कियों को उम्र से पहले ही पीरियड्स हो रहे हैं। क्यों? आइए डॉक्टर से जानते हैं।
Irregular Periods Or Thyroid: क्या आपके पीरियड्स भी फिक्स डेट पर नहीं आते हैं या वजन बढ़ने और थकान होने जैसी समस्या हो रही है? अगर हां तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है।
Recurrent infections in women Causes and prevention tips : महिलाओं में बार-बार इंफेक्शन होना एक सामान्य लेकिन नजरअंदाज न करने वाली समस्या है। सही जानकारी, स्वच्छता, संतुलित जीवनशैली को अपनाकर इससे बचा जा सकता है।
What food is good during a period : पीरियड्स के दौरान अगर आपको भी दर्द, मूड स्विंग्स और अन्य समस्याएं होती हैं, तो आपको अपनी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए। आइए आपको बताते हैं।
Spotting After Periods: पीरियड्स के बाद स्पॉटिंग हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
Benefits of drinking milk during period : पीरियड्स के दौरान अगर आप दूध पीते हैं, तो इससे शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स में दूध पीने से क्या होता है?
Are period cramps a sign of bad health : अगर आपको पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द होता है, तो यह कई गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता हो सकता है। आइए आपको बताते हैं।
Periods me Kya na Kare: मासिक धर्म के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए इस लेख में हम आपको ऐसी ही कुछ गलतियों के बारे में बताने वाले हैं जो अक्सर पीरियड्स के दौरान की जाती हैं।
अगर आप पीरियड्स के दर्द से ज्यादा परेशान रहते हैं तो इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। इनसे पेट की मांसपेशियों को आराम मिलेगा और ऐंठन भी कम होगी।
Healthy Food in menstrual: पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और अन्य तकलीफों से राहत पाने के लिए डाइट में कुछ चीजों को शामिल किया जाना चाहिए। आइए आपको बताते हैं।
Herbs to Get Relief From Periods Pain: पीरियड पेन से छुटकारा पाने के लिए दर्दनिवारक दवाइयों के बजाय कुछ जड़ी-बूटियों का सेवन किया जा सकता है। इससे ऐंठन में आराम मिलेगा और मांसपेशियां रिलैक्स फील करेंगी।
Reason Periods miss without pregnancy : पीरियड्स मिस होने पर अक्सर लोगों का इशारा प्रेग्नेंसी की ओर जाता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है। इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स मिस होने के पीछे की क्या वजह है?
Periods Lane Ke Gharelu Upay - कई बार महिलाओं के पीरियड्स आने में देरी हो जाती है। तो क्या घरेलू उपायों की मदद से पीरियड्स जल्दी लाए जा सकते हैं? आइए, जानते हैं कि कौन से है वे 5 घरेलू उपाय-
periods main breathing exercises karna chahiye ya nahi: कई लोगों को कन्फ्यूजन रहती है कि पीरियड्स के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए या नहीं! आज हम जानेंगे कि आखिर कौन सी ब्रीदिंग एक्सरसाइज breathing exercises करना फायदेमंद होता है।
Foods For Reduce Period Pain - पीरियड्स के दौरान दर्द को कम करने के लिए अच्छे आहार का सेवन करना फायदेमंद होता है। इससे पेट में ब्लोटिंग और ऐंठन की समस्या बहुत कंट्रोल रहती है।
Irregular Periods Blood Tests: अनियमित पीरियड्स की समस्या का सही कारण पता लगाने के लिए आप कुछ ब्लड टेस्ट करवा सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Periods Jaldi Kaise Laye: कई महिलाएं अपने पीरियड डेट को लेकर बहुत ही परेशान रहती हैं, लेकिन अगर आप अपने पीरियड्स जल्दी लाना चाहते हैं तो ये 5 घरेलू उपाय अपना सकते हैं जो बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हैं।
शहतूत का फल गर्मियों में खाने से इम्यून पॉवर बढ़ती है और साथ ही कई तरह की बीमारियों का रिस्क भी कम होता है।
मेंस्ट्रुअल साइकिल केवल आपके हार्मोन्स से जुड़ी हुई समस्या है। यह आपकी ओवरऑल हेल्थ से जुड़ी होती है। 35-40 साल की उम्र के बाद कई मदर्स को इर्रेग्यूलर पीरियड्स की समस्या (Irregular periods problems in mothers) हो सकती है। इस समस्या से आराम पाने के लिए कुछ एक्सपर्ट टिप्स पढ़ें यहां।
Periods me jyada dard kyu hota hai: महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान दर्द होना आम बात है और अगर किसी कारण से अचानक से मासिक धर्म के दौरान ज्यादा दर्द है तो इसके पीछे कई बीमारियां हो सकती है।
पीरियड्स शुरू होने के साथ ही लड़कियों को सही देखभाल और भरपूर पोषण की जरूरत होती है।
Blood clots during periods : पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की परेशानी होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-
Foods For Periods Pain पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन से राहत पाने के लिए हेल्दी डाइट लेनी चाहिए। इसके लिए आप अपनी डाइट में कुछ फूड्स को शामिल कर सकती हैं। आइए, जानते हैं इनके बारे में -
इर्रेग्यूलर पीरियड्स की समस्या के कई कारण हो सकते है जैसे, तनाव, थायरॉइड, उम्र, दवाइओं के सेवन के साइड-इफेक्ट्स, लाइफस्टाइल से जुड़ी गड़बड़ियां वगैरह।
Ginger for Periods Pain: पीरियड्स के दर्द को दूर करने के लिए आप अदरक का सेवन कर सकते हैं। इसका सेवन आप कई तरीकों से कर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान से तरीके-
पीरियड्स सिर्फ डेट नहीं बताते, ये आपकी बॉडी के अंदर चल रहे बदलावों का साइलेंट मैसेज होते हैं। कभी जल्दी, कभी देर से आने वाले ये संकेत कई बड़े सवाल खड़े कर सकते हैं।
क्या आप भी कभी किसी खास मौके पर पीरियड्स रोकने वाली गोली ले चुकी हैं? ज़रा सोचिए, ये छोटी सी दवा आपके शरीर पर कितना बड़ा असर डाल सकती है…
भागदौड़ और स्ट्रेस भरी ज़िंदगी में एक बीमारी चुपचाप महिलाओं की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है। जानिए क्या है वो खतरा, जो अक्सर नजरअंदाज हो जाता है।
जब मासूम उम्र में शुरू हो जाए वो बदलाव जिसकी उम्मीद ही नहीं होती...तो ये सिर्फ एक फिजिकल बदलाव नहीं, एक अलार्म भी हो सकता है।
गर्मी और पीरियड्स का कॉम्बिनेशन बन सकता है इंफेक्शन की वजह। जानिए कौनसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और कैसे रखें खुद का ख्याल।
हर महीने का एक पैटर्न होता है। लेकिन जब ये पैटर्न बदलने लगे, तो शरीर कुछ कह रहा होता है। एक छोटी-सी अनदेखी बड़े इशारे को नजरअंदाज़ करने जैसा हो सकता है।
हर महिला का पीरियड्स एक्सपीरियंस एक जैसा नहीं होता। लेकिन कुछ बदलाव आपकी बॉडी की चेतावनी भी हो सकते हैं। क्या आपका पीरियड पैटर्न हेल्दी है या एक वॉर्निंग साइन? जानिए।
हर बार देर से आने वाले पीरियड्स… क्या ये बस यूं ही हो रहा है या कुछ बड़ा इशारा कर रहा है? कहीं आपकी रोज़मर्रा की कुछ आदतें ही तो आपके हार्मोन से खेल नहीं रहीं?
"पीरियड्स में बाल मत धोना" एक बचपन से चली आ रही सलाह, लेकिन क्या ये आज भी उतनी ही ज़रूरी है? सच जानने के लिए पहले थोड़ा पीछे लौटना पड़ेगा।
पीरियड्स में छोटी-छोटी खाने की गलतियां दर्द और थकान को बढ़ा सकती हैं। सही ब्रेकफास्ट से ही मिल सकती है असली राहत! वरना मूड स्विंग्स और पेट दर्द से दिन और मुश्किल हो सकता है।
पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट्स देखकर घबराना ज़रूरी नहीं है, अक्सर ये एक नॉर्मल बॉडी रेस्पॉन्स होता है। लेकिन कुछ सिचुएशंस में ये संकेत हो सकते हैं कि आपको डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
पीरियड क्रैम्प्स तब होते हैं जब यूट्रस की मसल्स सिकुड़ती हैं और प्रोस्टाग्लैंडीन हार्मोन ज्यादा बनने से दर्द बढ़ जाता है। अगर दर्द असहनीय हो, तो यह एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स या पीसीओएस जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
स्पेस में पीरियड्स को लेकर कई सवाल उठते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह धरती की तरह ही नॉर्मल तरीके से होते हैं। माइक्रोग्रैविटी के बावजूद, शरीर का नैचुरल सिस्टम ब्लड को कंट्रोल में रखता है, जिससे कोई दिक्कत नहीं होती।
पीरियड्स को लेकर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, खट्टा खाने से कोई नुकसान नहीं होता और हल्की एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकती है।
पीरियड्स को लेकर कई मिथ्स लोगों के बीच गहराई से फैले हुए हैं, जिनका साइंस से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन क्या सच में ये बातें सही हैं या सिर्फ बेवजह की गलतफहमियां?
पीरियड्स रेगुलर होने के बावजूद भी प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ सकती है! इसके पीछे कई हेल्थ कंडीशंस और लाइफस्टाइल फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं। आखिर इसकी असली वजह क्या है और इसका समाधान कैसे निकाला जाए?
स्मोकिंग सिर्फ फेफड़ों ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सेहत पर भी गहरा असर डाल सकती है। इससे हार्मोनल असंतुलन, पीरियड्स की अनियमितता और कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं!
पीरियड्स में आराम और हाइजीन के लिए कई ऑप्शंस मौजूद हैं, लेकिन सही चुनाव करना जरूरी है। जानिए मेंस्ट्रुअल कप के बारे में कुछ अहम बातें!
पीरियड्स के दौरान कई महिलाएं अलग अलग कारणों से सेनेटरी पैड की जगह कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, जो कई बीमारियों का कारण बन सकता है।
पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई कारणों से दर्द होता है। आइए जानते हैं पीरियड्स के दर्द को सही करने के 7 घरेलू उपाय।
पीरियड्स के दौरान कुछ तरह के लक्षण ऐसे हो सकते हैं जो किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत होते हैं और ऐसे में डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
यदि आपको पीरियड्स देर से आ रहे हैं तो इसके कुछ सामान्य लक्षण और कारण हो सकते हैं।
अक्सर लोगों के मन में एक जिज्ञासा सामने आती है कि जब महिला नागा साधु पीरियड्स में होती हैं तो वे महाकुंभ में स्नान कैसे करती हैं और इसके लिए क्या नियम होते हैं। चलिए जानते हैं।
पीरियड्स के दौरान आरामदायक नींद पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही पोजीशन में सोने से आपको राहत मिल सकती है।
पीरियड्स के दौरान एक केला रोजाना खाने के कई फायदे हो सकते हैं यहां कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं।
पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए आप कुछ हर्बल टी का सेवन कर सकते हैं। आइए जानते हैं पीरियड्स क्रैम्प को कम करने वाले हर्बल टी-
पीरियड्स में होने वाली परेशानी दूर करने में गुड़ फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में-
महिलाओं में पीरियड्स लेट से आने या मिस होने की सबसे बड़ी वजह प्रेग्नेंसी मानी जाती है। हालांकि, प्रेग्नेंसी के अलावा भी कई वजहों से पीरियड्स लेट हो सकते हैं। आइए, जानते हैं पीरियड्स में देरी के क्या कारण हो सकते हैं -
मेंस्ट्रुएशन पेन और क्रैम्प्स से आराम पाने के लिए इन नेचुरल फूड्स का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण अनियमित पीरियड्स की समस्या महिलाओं में काफी आम हो गई है। आमतौर पर, पीरियड्स लेट या मिस होने की सबसे आम वजह प्रेग्नेंसी होती हैं। लेकिन पीरियड्स में देरी के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। आइए, जानते हैं पीरियड्स लेट होने के 8 कारण क्या हैं?
पीरियड्स में अगर दर्द और थकान की वजह से आपको सो पाने में दिक्कत होती है तो ट्राई करें ये टिप्स।
एक महिला के लिए रेगुलर पीरियड्स होना बहुत जरूरी है क्योंकि अनियमित पीरियड्स आपके स्वास्थ्य को बिगाड़ सकते हैं।
पीरियड्स आने के साथ दर्द, मरोड़, जी मचलाना जैसी समस्याएं स्वाभाविक हैं, हालांकि इससे बचाव किया जा सकता है.