4 तरह का होता है Parkinson, हर एक का असर अलग; डॉक्टर से जानिए कैसे
पार्किंसन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 11 अप्रैल को वर्ल्ड पार्किंसन डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं पार्किंसन रोगों के 4 प्रकार के बारे में।
पार्किंसन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 11 अप्रैल को वर्ल्ड पार्किंसन डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं पार्किंसन रोगों के 4 प्रकार के बारे में।
Young Onset Parkinson's Disease: पार्किंसंस डिजीज आमतौर पर 50 की उम्र के बाद ही होती है। लेकिन पिछले कुछ समय से इसके मामले युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। आइए, जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव -
Young Onset Parkinson's Disease: पार्किंसंस डिजीज आमतौर पर 50 की उम्र के बाद ही होती है। लेकिन पिछले कुछ समय से इसके मामले युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। आइए, जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव -
YOPD: तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों में पार्किंसन डिजीज भी एक है, जो आमतौर पर 50 की उम्र के बाद ही होता है। लेकिन कुछ लोगों में यह बीमारी 30 की उम्र के आसपास भी हो सकती है, जिसके बारे में एक्सपर्ट्स कुछ खास जानकारी देंगे।
Neurological disease: कई ऐसी न्यूरोलॉजिकल डिजीज है जो समय के साथ-साथ काफी परेशानियां पैदा कर देती हैं और पार्किंसन डिजीज भी उनमें से एक है, जिसके मामले पिछले कुछ सालों में युवाओं में भी देखने को मिल रहे हैं।
विश्व पार्किंसंस दिवस 2024: पार्किंसंस एक दिमाग से जुड़ी बीमारी है, जो बुजुर्गों के साथ-साथ आजकल युवाओं में होने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक्सपर्ट्स से जानें पार्किंसंस रोग के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां।
स्टडी के शोधकर्ताओं द्वारा दावा किया गया है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से पार्किंसन डिजीज का खतरा बढ़ता है।
पार्किंसन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 11 अप्रैल को वर्ल्ड पार्किंसन डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं पार्किंसन रोगों के 4 प्रकार के बारे में।
Young Onset Parkinson's Disease: पार्किंसंस डिजीज आमतौर पर 50 की उम्र के बाद ही होती है। लेकिन पिछले कुछ समय से इसके मामले युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। आइए, जानते हैं इसके कारण, लक्षण और बचाव -
YOPD: तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों में पार्किंसन डिजीज भी एक है, जो आमतौर पर 50 की उम्र के बाद ही होता है। लेकिन कुछ लोगों में यह बीमारी 30 की उम्र के आसपास भी हो सकती है, जिसके बारे में एक्सपर्ट्स कुछ खास जानकारी देंगे।
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स्टडी के शोधकर्ताओं द्वारा दावा किया गया है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से पार्किंसन डिजीज का खतरा बढ़ता है।
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