किन महिलाओं को है ओवेरियन कैंसर का ज्यादा खतरा? बता रहे हैं डॉक्टर
8 मई को वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं किन महिलाओं को इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।
8 मई को वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं किन महिलाओं को इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।
जैसे ब्रेस्ट कैंसर के लिए मैमोग्राम होता है ऐसे ओवेरियन कैंसर के लिए कोई एक रूटीन टेस्ट नहीं है। डॉक्टर अक्सर ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड और CA-125 ब्लड टेस्ट के द्वारा इसकी जांच करते हैं।
Ovarian Cancer: बहुत कम महिलाएं व पुरुष ओवेरियन कैंसर के बारे में जानते हैं। इसलिए हमने डॉक्टर से कैंसर के इस प्रकार के बारे में विस्तार से जाना। आइए बताते हैं उन्होंने क्या जानकारी दी।
World Ovarian Cancer Day: ओवरियन कैंसर तब होता है, जब अंडाशय में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। जानें, क्यों होता है ओवरियन कैंसर?
इसमें पेट में सूजन,पेट में दबाव और दर्द, बार-बार पेशाब और इर्रेगुलर पीरियड्स जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
एक स्टडी में यह बात सामने आयी है कि नींद की खराब पैटर्न कैंसर होने का रिस्क बढ़ा सकता है।
World Ovarian Cancer Day: ओवेरियन कैंसर होने पर महिलाओं के शरीर में कुछ संकेत नजर आते हैं। आइए, डॉक्टर से जानते हैं कि किसे ओवेरियन कैंसर की जांच करवानी चाहिए?
Early Sings of Ovarian Cancer: ओवेरियन कैंसर मुख्य रूप से ओवरी के टिशू से पनपता है। पेट के निचले हिस्से में दोनों ओर ओवरी होती हैं।
Ovarian cancer age: ओवेरियन कैंसर कई बार महिलाओं की उम्र पर भी निर्भर करता है। जैसे कि 40 के बाद या मेनोपॉज के करीब आ कर महिलाओं में इसके होने का खतरा ज्यादा होता है।
एक्सपर्ट से समझें ओवेरियन कैंसर के महत्वपूर्ण लक्षणों के बारे में जिन्हें नजरअंदाज करना या इनकी लापरवाही करना हानिकारक साबित हो सकता है।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण की बात करें तो इसमें पेट फूलना, कमर में दर्द होना, नींद ना आना, कमजोरी महसूस होना या बार-बार टॉयलेट जाने जैसी समस्या सामने आती हैं। इसके इलाज में कीमोथेरेपी का सहारा लिया जाता है।
ओवेरियन कैंसर की शुरुआत में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन आगे चलकर ये जानलेवा साबित होता है, जानिए लक्षण और जोखिम कारक।
8 मई को वर्ल्ड ओवेरियन कैंसर डे मनाया जाता है। इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं किन महिलाओं को इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है।
जैसे ब्रेस्ट कैंसर के लिए मैमोग्राम होता है ऐसे ओवेरियन कैंसर के लिए कोई एक रूटीन टेस्ट नहीं है। डॉक्टर अक्सर ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड और CA-125 ब्लड टेस्ट के द्वारा इसकी जांच करते हैं।
Ovarian Cancer: बहुत कम महिलाएं व पुरुष ओवेरियन कैंसर के बारे में जानते हैं। इसलिए हमने डॉक्टर से कैंसर के इस प्रकार के बारे में विस्तार से जाना। आइए बताते हैं उन्होंने क्या जानकारी दी।
World Ovarian Cancer Day: ओवरियन कैंसर तब होता है, जब अंडाशय में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। जानें, क्यों होता है ओवरियन कैंसर?
एक स्टडी में यह बात सामने आयी है कि नींद की खराब पैटर्न कैंसर होने का रिस्क बढ़ा सकता है।
World Ovarian Cancer Day: ओवेरियन कैंसर होने पर महिलाओं के शरीर में कुछ संकेत नजर आते हैं। आइए, डॉक्टर से जानते हैं कि किसे ओवेरियन कैंसर की जांच करवानी चाहिए?
Early Sings of Ovarian Cancer: ओवेरियन कैंसर मुख्य रूप से ओवरी के टिशू से पनपता है। पेट के निचले हिस्से में दोनों ओर ओवरी होती हैं।
Ovarian cancer age: ओवेरियन कैंसर कई बार महिलाओं की उम्र पर भी निर्भर करता है। जैसे कि 40 के बाद या मेनोपॉज के करीब आ कर महिलाओं में इसके होने का खतरा ज्यादा होता है।
एक्सपर्ट से समझें ओवेरियन कैंसर के महत्वपूर्ण लक्षणों के बारे में जिन्हें नजरअंदाज करना या इनकी लापरवाही करना हानिकारक साबित हो सकता है।
ओवेरियन कैंसर की शुरुआत में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन आगे चलकर ये जानलेवा साबित होता है, जानिए लक्षण और जोखिम कारक।
इसमें पेट में सूजन,पेट में दबाव और दर्द, बार-बार पेशाब और इर्रेगुलर पीरियड्स जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
ओवेरियन कैंसर के लक्षण की बात करें तो इसमें पेट फूलना, कमर में दर्द होना, नींद ना आना, कमजोरी महसूस होना या बार-बार टॉयलेट जाने जैसी समस्या सामने आती हैं। इसके इलाज में कीमोथेरेपी का सहारा लिया जाता है।