Osteoporosis: ऑस्टियोपोरोसिस में न करें इन 5 आहारों का सेवन
ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) हड्डियों से जड़ी एक बीमारी है। इस रोग के होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।
ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) हड्डियों से जड़ी एक बीमारी है। इस रोग के होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।
ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) हड्डियों से जड़ी एक बीमारी है। इस रोग के होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।
लाइफस्टाइल से जुड़ी आपकी आदतें आपकी हड्डियों पर बुरा असर डाल सकती हैं। यहां पढ़ें कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में जो, आपकी हड्डियों को कमज़ोर बनाती हैं। अगर, आप भी इन आदतों के शिकार हैं तो, आज से ही इनको छोड़ दें।
कॉर्न का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। कुछ लोग कॉर्न को सब्जी मानते हैं। जबकि वास्तव में यह एक अनाज है, जिसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। मक्का स्वादिष्ट होने के साथ ही कई रोगों से बचाने की भी क्षमता रखता है। मकई के बीजों के साथ ही इसके रेशे भी फायदेमंद होते हैं। आज हम आपको ऑस्टियोपोरोसिस में कॉर्न के लाभ समेत अन्य बीमारियों से बचने में इसकी भूमिका के बारे में बता रहे हैं।
महिलाओं में होने वाले हॉर्मोनल बदलाव भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। माहवारी, गर्भावस्था और मेनोपॉज तक उनके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जिसका असर बोन हेल्थ पर भी पड़ता है।
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को कमजोर कर देती है. अगर खान-पान और एक्सरसाइज पर ध्यान दिया जाए तो ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे से बचा जा सकता है. जो लोग ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार होते हैं उनकी हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि सामान्य कार्य करते हुए भी हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा रहता है.
बोन्स का कमजोर होना महिलाओं और पुरुषों दोनों की समस्या हो सकती है, पर महिलाओं में ज्यादा खतरनाक स्थिति तक पहुंच जाती है।
आंकड़ों से पता चलता है कि पांच करोड़ भारतीयों को ऑस्टियोपोरोसिस है। वैसे तो किसी भी हड्डी या जोड़ में फ्रैक्चर हो सकता है, लेकिन ऑस्टियोपोरोसिस आम तौर पर वर्टिब्रल और कूल्हों के फ्रैक्चर के रूप में सामने आता है।
कम उम्र की लड़कियों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और रजोनिवृत्त महिलाओं में आदतन कैल्शियम का सेवन कम होता है, जो ओस्टियोपोरोसिस का मुख्य कारण है।
आहार के माध्यम से भी ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकते हैं, अगर अपनाएं ये डायट टिप्स!
आर्थोपेडिक्स डॉक्टरों का मानना है कि ऑस्टियोपोसिस के कारण हड्डी टूटने की संभावना 50 फीसदी लोगों में होती है।
भारत में ऑस्टियोऑर्थराइटिस आमतौर पर 55-6० की उम्र में होता है, लेकिन आज कम उम्र में भी लोग आर्थरिटिस और अपंगता का शिकार बन रहे हैं।
शहरी क्षेत्रों में फैल रही इस बीमारी की जद में आ रहे हैं युवा।
ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) हड्डियों से जड़ी एक बीमारी है। इस रोग के होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।
कॉर्न का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। कुछ लोग कॉर्न को सब्जी मानते हैं। जबकि वास्तव में यह एक अनाज है, जिसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। मक्का स्वादिष्ट होने के साथ ही कई रोगों से बचाने की भी क्षमता रखता है। मकई के बीजों के साथ ही इसके रेशे भी फायदेमंद होते हैं। आज हम आपको ऑस्टियोपोरोसिस में कॉर्न के लाभ समेत अन्य बीमारियों से बचने में इसकी भूमिका के बारे में बता रहे हैं।
महिलाओं में होने वाले हॉर्मोनल बदलाव भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। माहवारी, गर्भावस्था और मेनोपॉज तक उनके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जिसका असर बोन हेल्थ पर भी पड़ता है।
बोन्स का कमजोर होना महिलाओं और पुरुषों दोनों की समस्या हो सकती है, पर महिलाओं में ज्यादा खतरनाक स्थिति तक पहुंच जाती है।
आंकड़ों से पता चलता है कि पांच करोड़ भारतीयों को ऑस्टियोपोरोसिस है। वैसे तो किसी भी हड्डी या जोड़ में फ्रैक्चर हो सकता है, लेकिन ऑस्टियोपोरोसिस आम तौर पर वर्टिब्रल और कूल्हों के फ्रैक्चर के रूप में सामने आता है।
कम उम्र की लड़कियों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और रजोनिवृत्त महिलाओं में आदतन कैल्शियम का सेवन कम होता है, जो ओस्टियोपोरोसिस का मुख्य कारण है।
आहार के माध्यम से भी ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकते हैं, अगर अपनाएं ये डायट टिप्स!
आर्थोपेडिक्स डॉक्टरों का मानना है कि ऑस्टियोपोसिस के कारण हड्डी टूटने की संभावना 50 फीसदी लोगों में होती है।
भारत में ऑस्टियोऑर्थराइटिस आमतौर पर 55-6० की उम्र में होता है, लेकिन आज कम उम्र में भी लोग आर्थरिटिस और अपंगता का शिकार बन रहे हैं।
शहरी क्षेत्रों में फैल रही इस बीमारी की जद में आ रहे हैं युवा।
ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) हड्डियों से जड़ी एक बीमारी है। इस रोग के होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।
लाइफस्टाइल से जुड़ी आपकी आदतें आपकी हड्डियों पर बुरा असर डाल सकती हैं। यहां पढ़ें कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में जो, आपकी हड्डियों को कमज़ोर बनाती हैं। अगर, आप भी इन आदतों के शिकार हैं तो, आज से ही इनको छोड़ दें।
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को कमजोर कर देती है. अगर खान-पान और एक्सरसाइज पर ध्यान दिया जाए तो ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे से बचा जा सकता है. जो लोग ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार होते हैं उनकी हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि सामान्य कार्य करते हुए भी हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा रहता है.