
Brush kitani der tak karna chahiye: दांतों की अच्छी सफाई के लिए कितनी देर ब्रश करना चाहिए?
यह बहस होती रहती है कि लोगों को कितनी देर तक दांतों पर ब्रश चलाना चाहिए या कितनी देर तक दांतों की सफाई करनी चाहिए।

यह बहस होती रहती है कि लोगों को कितनी देर तक दांतों पर ब्रश चलाना चाहिए या कितनी देर तक दांतों की सफाई करनी चाहिए।

पीले दांतों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इन घरेलू उपायों की मदद ली जा सकती है।

क्या आप जानते हैं कि हमारे दांतो की आप साफ-सफाई कितनी जरुरी है, क्योंकि हाल में हुए एक शोध में पाया गया है कि दांतो को स्वस्थ रखकर आप सिर और गर्दन के कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।

बच्चों को ओरल हेल्थ से जुड़ी ये बातें समझाएं जिससे वे अपने दांतों, मसूड़ों और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रख सकें।

Aloe vera gel for teeth: दांतों को हेल्दी और साफ रखने के लिए रेगुलर टूथपेस्ट की जगह फ्रेश एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे मिलने वाले कई फायदे आपको हैरान कर देंगे।

Oral hygiene tips: यदि आप अपने मुंह की स्वच्छता का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं, तो शरीर में कई बड़ी बीमारियां पैदा हो सकती हैं और इनमें डायबिटीज व हार्ट अटैक जैसी बीमारियां भी शामिल हैं। जानें ओरल हाइजीन रखने के तरीके

Oral Hygiene Tips In Hindi: हल्की सी मुस्कान हमेशा चेहरे पर रखने के साथ आप हमेशा खुद को कॉन्फिडेंट और पॉजिटिव महसूस कर सकते हैं लेकिन अगर आपकी ओरल हाइजीन अच्छी नहीं है तो आपका कॉन्फिडेंस कम हो सकता है।

नमक कई प्रकार से ओरल हेल्थ को बेहतर बनाता है। हालांकि, दांतों में नमक लगाने से दांतों को फायदे के साथ-साथ नुकसान का भी डर होता है। इसीलिए आवश्यक है कि हम दांतों से नमक की सफाई का सही तरीका समझें।

प्रेगनेंसी में शरीर में हार्मोन्स के स्तर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जिसके चलते मसूड़ों और दांतों पर भी प्रभाव पड़ता है। दांतों का पीलापन बढ़ने, प्लाक जमा होने और दांत कमज़ोर होने का डर बढ़ जाता है। इसी तरह कई बार दांतों का रंग भूरा हो जाता है। कई महिलाओं में यह समस्या बच्चे के जन्म के बाद बनी रहती है। दांतों की तरह प्रेगनेंसी में गम प्रॉब्लम्स भी बढ़ सकती हैं। इसीलिए, दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए प्रेगनेंट महिलाओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।

एक नयी स्टडी में कहा गया है कि, जो लोग ठीक से मुंह की सफाई नहीं करते, उन्हें कैंसर का खतरा होता है। इस स्टडी में लगभग 20 सालों तक कई लोगों की ओरल हेल्थ से जुड़ी आदतों को ध्यान में रखते हुए इसके निष्कर्ष निकाले गए हैं। (Poor Oral Health)

प्राचीन समय में लोग अपने दांतों को साफ करने के लिए कड़वे पौधों की टहनियों का इस्तेमाल करते थे। कड़वी टहनियों में मौजूद ऐन्टीमाइक्रोबीअल प्रॉपर्टीज दांतों को स्वस्थ रखने और दांतों में मौजूद उन कीटाणुओं को दूर करने में मदद करती है जो दांतों की सड़न का कारण बनते हैं।

कई बार बहुत छोटे बच्चे टूथब्रश पर लगा टूथपेस्ट चाट लेते हैं और उसके बाद ब्रश इधर-उधर फेंक कर खेलने लगते हैं। लेकिन, आप इसे हल्के में ना लें। क्योंकि, ओरल हाइजिन की वजह से बच्चों को कैविटी, गम प्रॉब्लम्स और दांतों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए, बच्चों को ब्रशिंग की आदत छोटी उम्र से ही फॉलो करना सिखाएं। (Oral Hygiene Tips for Children )

सुबह की भागदौड़ में जीभ की सफाई करते समय हम उतना ध्यान नहीं रखते। कई बार लोग यह सोचकर नहीं जीभ साफ (Tongue Cleaning) करते कि,यह उतना ज़रूरी नहीं। लेकिन जीभ सही तरीके से साफ ना करने से बहुत से नुकसान हो सकते हैं। इसी तरह छोटे बच्चों को ओरल हाइजिन की आदतें सिखानी पड़ती हैं। बच्चे जो, आमतौर पर ठीक तरह से ब्रश नहीं करते। इसीलिए, उन्हें जीभ की सफाई सही तरीके करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें, समझाएं कि जीभ की सही सफाई करने से उन्हें कुछ फायदे हो सकते हैं।

कई बार लापरवाही या ओरल हाइजिन (Oral Hygiene) की कमी के कारण भी दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। इसी तरह, सांसों से बदबू (bad breath) आने की परेशानी और जीभ का रंग बदलने भी लगता है। इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ आम मसालों और किचन में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ चीज़ों के बारे में लिख रहे हैं इस स्लाइड में।

मुंह की सफाई ठीक तरह से न करने के कारण मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया पनपना शुरू कर देते हैं। यही बैक्टीरिया धमनियों में खून के थक्के जमा देते हैं।

नींबू के रस से मसूड़ों की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण मसूड़ों के इंफेक्शन को दूर करने में मदद करते हैं।

मेथी पत्ता में विटामिन ए, बी6, सी और पर्याप्त मात्रा में फॉलिक एसिड पाया जाता है।

दांत बाहर की ओर निकलने के मुख्य कारण हैं इर्रेगुलर टीथ, मालअलाइनमेंट, क्रुक्ड टीथ।

दांतों और मुंह की साफ सफाई की कमी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

अगर आपके शरीर से बहुत बदबू आती है, तो बेकिंग पाउडर लगाएं।

क्या कैंकर सोर या मुंह के छाले कर रहे हैं आपको परेशान, तो आजमाएं ये पुराने लेकिन देसी तरीके!

अगर आप भी हर बार खाना खाने के बाद ब्रश करते हैं तो पहले इस आर्टिकल को पढ़ें!

आमतौर पर काली और बालों वाली जीभ धूम्रपान, बहुत अधिक कॉफी पीने का परिणाम है।

यह बहस होती रहती है कि लोगों को कितनी देर तक दांतों पर ब्रश चलाना चाहिए या कितनी देर तक दांतों की सफाई करनी चाहिए।

क्या आप जानते हैं कि हमारे दांतो की आप साफ-सफाई कितनी जरुरी है, क्योंकि हाल में हुए एक शोध में पाया गया है कि दांतो को स्वस्थ रखकर आप सिर और गर्दन के कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं।

Aloe vera gel for teeth: दांतों को हेल्दी और साफ रखने के लिए रेगुलर टूथपेस्ट की जगह फ्रेश एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे मिलने वाले कई फायदे आपको हैरान कर देंगे।

Oral Hygiene Tips In Hindi: हल्की सी मुस्कान हमेशा चेहरे पर रखने के साथ आप हमेशा खुद को कॉन्फिडेंट और पॉजिटिव महसूस कर सकते हैं लेकिन अगर आपकी ओरल हाइजीन अच्छी नहीं है तो आपका कॉन्फिडेंस कम हो सकता है।

नमक कई प्रकार से ओरल हेल्थ को बेहतर बनाता है। हालांकि, दांतों में नमक लगाने से दांतों को फायदे के साथ-साथ नुकसान का भी डर होता है। इसीलिए आवश्यक है कि हम दांतों से नमक की सफाई का सही तरीका समझें।

प्रेगनेंसी में शरीर में हार्मोन्स के स्तर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जिसके चलते मसूड़ों और दांतों पर भी प्रभाव पड़ता है। दांतों का पीलापन बढ़ने, प्लाक जमा होने और दांत कमज़ोर होने का डर बढ़ जाता है। इसी तरह कई बार दांतों का रंग भूरा हो जाता है। कई महिलाओं में यह समस्या बच्चे के जन्म के बाद बनी रहती है। दांतों की तरह प्रेगनेंसी में गम प्रॉब्लम्स भी बढ़ सकती हैं। इसीलिए, दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए प्रेगनेंट महिलाओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।

एक नयी स्टडी में कहा गया है कि, जो लोग ठीक से मुंह की सफाई नहीं करते, उन्हें कैंसर का खतरा होता है। इस स्टडी में लगभग 20 सालों तक कई लोगों की ओरल हेल्थ से जुड़ी आदतों को ध्यान में रखते हुए इसके निष्कर्ष निकाले गए हैं। (Poor Oral Health)

प्राचीन समय में लोग अपने दांतों को साफ करने के लिए कड़वे पौधों की टहनियों का इस्तेमाल करते थे। कड़वी टहनियों में मौजूद ऐन्टीमाइक्रोबीअल प्रॉपर्टीज दांतों को स्वस्थ रखने और दांतों में मौजूद उन कीटाणुओं को दूर करने में मदद करती है जो दांतों की सड़न का कारण बनते हैं।

कई बार बहुत छोटे बच्चे टूथब्रश पर लगा टूथपेस्ट चाट लेते हैं और उसके बाद ब्रश इधर-उधर फेंक कर खेलने लगते हैं। लेकिन, आप इसे हल्के में ना लें। क्योंकि, ओरल हाइजिन की वजह से बच्चों को कैविटी, गम प्रॉब्लम्स और दांतों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए, बच्चों को ब्रशिंग की आदत छोटी उम्र से ही फॉलो करना सिखाएं। (Oral Hygiene Tips for Children )

सुबह की भागदौड़ में जीभ की सफाई करते समय हम उतना ध्यान नहीं रखते। कई बार लोग यह सोचकर नहीं जीभ साफ (Tongue Cleaning) करते कि,यह उतना ज़रूरी नहीं। लेकिन जीभ सही तरीके से साफ ना करने से बहुत से नुकसान हो सकते हैं। इसी तरह छोटे बच्चों को ओरल हाइजिन की आदतें सिखानी पड़ती हैं। बच्चे जो, आमतौर पर ठीक तरह से ब्रश नहीं करते। इसीलिए, उन्हें जीभ की सफाई सही तरीके करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें, समझाएं कि जीभ की सही सफाई करने से उन्हें कुछ फायदे हो सकते हैं।

मुंह की सफाई ठीक तरह से न करने के कारण मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया पनपना शुरू कर देते हैं। यही बैक्टीरिया धमनियों में खून के थक्के जमा देते हैं।

नींबू के रस से मसूड़ों की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण मसूड़ों के इंफेक्शन को दूर करने में मदद करते हैं।

मेथी पत्ता में विटामिन ए, बी6, सी और पर्याप्त मात्रा में फॉलिक एसिड पाया जाता है।

दांत बाहर की ओर निकलने के मुख्य कारण हैं इर्रेगुलर टीथ, मालअलाइनमेंट, क्रुक्ड टीथ।

दांतों और मुंह की साफ सफाई की कमी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

क्या कैंकर सोर या मुंह के छाले कर रहे हैं आपको परेशान, तो आजमाएं ये पुराने लेकिन देसी तरीके!

अगर आप भी हर बार खाना खाने के बाद ब्रश करते हैं तो पहले इस आर्टिकल को पढ़ें!

पीले दांतों की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इन घरेलू उपायों की मदद ली जा सकती है।

बच्चों को ओरल हेल्थ से जुड़ी ये बातें समझाएं जिससे वे अपने दांतों, मसूड़ों और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रख सकें।

Oral hygiene tips: यदि आप अपने मुंह की स्वच्छता का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं, तो शरीर में कई बड़ी बीमारियां पैदा हो सकती हैं और इनमें डायबिटीज व हार्ट अटैक जैसी बीमारियां भी शामिल हैं। जानें ओरल हाइजीन रखने के तरीके

कई बार लापरवाही या ओरल हाइजिन (Oral Hygiene) की कमी के कारण भी दांतों और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। इसी तरह, सांसों से बदबू (bad breath) आने की परेशानी और जीभ का रंग बदलने भी लगता है। इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ आम मसालों और किचन में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ चीज़ों के बारे में लिख रहे हैं इस स्लाइड में।

अगर आपके शरीर से बहुत बदबू आती है, तो बेकिंग पाउडर लगाएं।

आमतौर पर काली और बालों वाली जीभ धूम्रपान, बहुत अधिक कॉफी पीने का परिणाम है।