
रात में होनेवाली ये समस्याएं हो सकती हैं PCOS से जुड़ी, इग्नोर किया तो बढ़ जाएंगी मुश्किलें
पीसीओएस के कुछ लक्षण ऐसे भी हैं जो केवल रात में दिखायी देते हैं। आइए जानें इन्हीं लक्षणों के बारे में।

पीसीओएस के कुछ लक्षण ऐसे भी हैं जो केवल रात में दिखायी देते हैं। आइए जानें इन्हीं लक्षणों के बारे में।

Obesity in Women : महिलाओं में मोटापा कई समस्याओं को जन्म दे सकता है। मुख्य रूप से इससे हार्ट संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में दावा किया गया कि मोटापे के चलते महिलाओं में 13 प्रकार के कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है।

ब्रिटिश अभिनेत्री जमीला जमील 10 वर्ष पहले ''ईटिंग डिसऑर्डर'' के कारण मोटापे का शिकार हो गई थीं, जिसके कारण वह किसी पार्टी या कार्यक्रम में जाने से बचती थीं। क्या है ईटिंग डिसऑर्डर, इसके कारण और किस तरह से यह प्रभावित करता है, जानें

ब्रेस्ट कैंसर पर हुए एक शोध के अनुसार विटामिन डी की कमी के साथ ही अगर मोटापा भी है तो यह ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है. विटामिन डी की कमी की वजह से शरीर में कई बदलाव होते हैं. विटामिन डी की कमी और मोटापा एक साथ होने पर महिलाओं के लिए खतरनाक होता है.

अपनी इस पोस्ट में रिताशा ने लिखा है कि वह जैसी हैं वैसे ही अपने आपको स्वीकार करती हैं अपने बेली फैट या मोटापे की वजह से अपनी ज़िंदगी जीना बंद नहीं कर सकती। मैं अपनी ज़िंदगी यूं ही जीती रहूंगी।

Women Obesity. एक अध्ययन में पता चला है कि रात को लाइट जलाकर सोने से कई खतरनाक परिणाम होते हैं. अध्ययन में यह भी पता चला है कि टीवी की रोशनी में Women Obesity की शिकार होती हैं. रात में लाइट या टीवी चलाकर सोने से सबसे अधिक नुकसान महिलाओं को होता है.

अकसर लोगों को लगता है कि ज्यादा खाने से ही वजन बढ़ता है पर कई महिलाओं ने यह भी देखा होगा कि कई तरह के व्रत उपवास और डायटिंग करने के बाद भी बढ़ा हुआ वजन कंट्रोल नहीं होता। इसकी वजह कहीं हार्मोन्स का असंतुलन तो नहीं।

साझा अध्ययन में यह बात और पुख्ता हुई कि बहुत पतले पुरुषों और बहुत मोटी महिलाओं में ज्यादा होता है अवसाद का जोखिम।

मोटापे को कम करना है तो सुबह सबसे पहले आप खाली पेट पानी पिएं, इसके बाद ही आप नाश्ता करें।

महिलाओं में कमर और पेट के आस-पास सबसे ज्यादा फैट जमा होता है। पेट के पास जमा फैट एक तो कई रोगों को अपने साथ लाता है वहीं कपड़ों के पहनने में भी परेशानी खड़ी करता है।

महिलाओं का वजन ज्यादा होने या फिर मोटापा का शिकार होने पर 50 साल की उम्र से पहले ही कोलोन कैंसर होने की संभावना होती है।

महिलाएं मोटी कमर की वजह से अच्छे कपड़े भी नहीं पहन पाती है।

यदि आप मोटापे की समस्या से छुटकारा चाहती हैं तो आप बैठ कर काम करने की बजाय खड़े होकर काम करना शुरू कर दें। यदि आप 6 घंटे खड़े होकर कार्य करते हैं तो आपका वजन तेजी से गिरने लगता है।

करीब 10 फीसदी महिलाएं किशोरावस्था में ही पीसीओएस की समस्या से प्रभावित होती हैं।

इसमें विश्लेषण से पता चला कि ज्यादा मोटापा होने से महिलाओं में सुधार नहीं होने की संभावना दोगुनी हो जाती है।

एक शोध के अनुसार, स्मार्टफोन के अधिक इस्तेमाल से मोटापा बढ़ता है, जो इन्फर्टिलिटी की समस्या को बढ़ाता है।

महिलाओं में जंक फूड के अधिक सेवन से मोटापा बढ़ रहा है, जिससे उनमें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम जैसी समस्या के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।

पीसीओएस के कुछ लक्षण ऐसे भी हैं जो केवल रात में दिखायी देते हैं। आइए जानें इन्हीं लक्षणों के बारे में।

Obesity in Women : महिलाओं में मोटापा कई समस्याओं को जन्म दे सकता है। मुख्य रूप से इससे हार्ट संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में दावा किया गया कि मोटापे के चलते महिलाओं में 13 प्रकार के कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है।

ब्रिटिश अभिनेत्री जमीला जमील 10 वर्ष पहले ''ईटिंग डिसऑर्डर'' के कारण मोटापे का शिकार हो गई थीं, जिसके कारण वह किसी पार्टी या कार्यक्रम में जाने से बचती थीं। क्या है ईटिंग डिसऑर्डर, इसके कारण और किस तरह से यह प्रभावित करता है, जानें

ब्रेस्ट कैंसर पर हुए एक शोध के अनुसार विटामिन डी की कमी के साथ ही अगर मोटापा भी है तो यह ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है. विटामिन डी की कमी की वजह से शरीर में कई बदलाव होते हैं. विटामिन डी की कमी और मोटापा एक साथ होने पर महिलाओं के लिए खतरनाक होता है.

अपनी इस पोस्ट में रिताशा ने लिखा है कि वह जैसी हैं वैसे ही अपने आपको स्वीकार करती हैं अपने बेली फैट या मोटापे की वजह से अपनी ज़िंदगी जीना बंद नहीं कर सकती। मैं अपनी ज़िंदगी यूं ही जीती रहूंगी।

अकसर लोगों को लगता है कि ज्यादा खाने से ही वजन बढ़ता है पर कई महिलाओं ने यह भी देखा होगा कि कई तरह के व्रत उपवास और डायटिंग करने के बाद भी बढ़ा हुआ वजन कंट्रोल नहीं होता। इसकी वजह कहीं हार्मोन्स का असंतुलन तो नहीं।

साझा अध्ययन में यह बात और पुख्ता हुई कि बहुत पतले पुरुषों और बहुत मोटी महिलाओं में ज्यादा होता है अवसाद का जोखिम।

मोटापे को कम करना है तो सुबह सबसे पहले आप खाली पेट पानी पिएं, इसके बाद ही आप नाश्ता करें।

महिलाओं में कमर और पेट के आस-पास सबसे ज्यादा फैट जमा होता है। पेट के पास जमा फैट एक तो कई रोगों को अपने साथ लाता है वहीं कपड़ों के पहनने में भी परेशानी खड़ी करता है।

महिलाओं का वजन ज्यादा होने या फिर मोटापा का शिकार होने पर 50 साल की उम्र से पहले ही कोलोन कैंसर होने की संभावना होती है।

यदि आप मोटापे की समस्या से छुटकारा चाहती हैं तो आप बैठ कर काम करने की बजाय खड़े होकर काम करना शुरू कर दें। यदि आप 6 घंटे खड़े होकर कार्य करते हैं तो आपका वजन तेजी से गिरने लगता है।

करीब 10 फीसदी महिलाएं किशोरावस्था में ही पीसीओएस की समस्या से प्रभावित होती हैं।

इसमें विश्लेषण से पता चला कि ज्यादा मोटापा होने से महिलाओं में सुधार नहीं होने की संभावना दोगुनी हो जाती है।

एक शोध के अनुसार, स्मार्टफोन के अधिक इस्तेमाल से मोटापा बढ़ता है, जो इन्फर्टिलिटी की समस्या को बढ़ाता है।

महिलाओं में जंक फूड के अधिक सेवन से मोटापा बढ़ रहा है, जिससे उनमें पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम जैसी समस्या के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।

Women Obesity. एक अध्ययन में पता चला है कि रात को लाइट जलाकर सोने से कई खतरनाक परिणाम होते हैं. अध्ययन में यह भी पता चला है कि टीवी की रोशनी में Women Obesity की शिकार होती हैं. रात में लाइट या टीवी चलाकर सोने से सबसे अधिक नुकसान महिलाओं को होता है.

महिलाएं मोटी कमर की वजह से अच्छे कपड़े भी नहीं पहन पाती है।