
ऑस्ट्रिलया की ये सब्जी कोरोनावायरस को 99.9 फीसदी कर रही नष्ट, स्टडी में एक्सपर्ट्स ने बताया चमत्कार
एक स्टडी में ये सामने आया है कि ऑस्ट्रेलियाई लहसुन कोविड और कॉमन फ्लू को 99.9 फीसदी तक नष्ट करने में प्रभावी पाया गया है।

एक स्टडी में ये सामने आया है कि ऑस्ट्रेलियाई लहसुन कोविड और कॉमन फ्लू को 99.9 फीसदी तक नष्ट करने में प्रभावी पाया गया है।

full fat dairy products benefits : फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन दिल के लिए नुकसानदायक बताया जाता है। लेकिन ये कुछ कारणों से फायदेमंद भी है।

New Study: अमेरिका में हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया कि कॉफी के बचे हुए हिस्से का इस्तेमाल इलेक्ट्रोड कोटिंग के लिए किया जा सकता है। इस रिसर्च में दिमागी समस्याओं का पता लगाने में काफी मदद मिल सकती है।

एक नए अध्ययन में ये दावा किया गया है कि कोविड-19 स्पष्ट रूप से कोई श्वसन रोग यानी सांस से जुड़ी बीमारी नहीं है। जानिए फिर क्या है कोरोनावायरस।

चीन से राहत देने वाली एक खबर सामने आई है कि चीन में बनी कोरोनावायरस की वैक्सीन बंदरों पर प्रभावी साबित हुई है। पाइकोवैक (PiCoVacc) नाम की इस वैक्सीन को पेइचिंग स्थित सिनोवैक बायोटेक कंपनी ने तैयार की है। यह वैक्सीन शरीर में जाते ही प्रतिरक्षा प्रणाली को एंटीबॉडी बनाने पर जोर देती है और एंटीबॉडी वायरस को खत्म करने लगती है।

साल 2013 में प्रचलन में आने के बाद से टैंक-स्टाइल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के एरोसोल या वाष्प में लेड, निकल, आयरन और कॉपर जैसी कार्सिनोजेन धातुओं का सांद्रण बढ़ा है।

सादा और स्वादिष्ट इंडियन फूड दुनिया भर में धूम मचा रहा है। अभी हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि कैलोरी में कम होने के कारण यह जेनेटिक बीमारियों पर भी लगाम लगा सकता है।

रिसर्च टीम ने इस अध्ययन के लिए 45 वर्ष व इससे अधिक उम्र के लगभग 11 हजार चीनी निवासियों से संबंधित सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

शोधकर्ताओं ने कहा कि किशोरों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले स्कूलों में किए जा रहे प्रयासों में गैर-डेटिंग को स्वस्थ विकास के एक विकल्प के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।

भारत में जहां सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है, वहां के 80-90 फीसदी लोगों का विटामिन डी की कमी से जूझना चौंका देने वाला है। हाल के सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि रेड वाइन पीने वालों की आंत के माइक्रोबायोटा में जीवाणुओं के विभिन्न प्रजातियों की एक बड़ी संख्या थी। उनके मुताबिक, ऐसा शायद रेड वाइन में अधिक मात्रा में मौजूद पॉलीफिनोल्स की वजह से हो सकता है।

इसमें उतने प्रोटीन होते हैं, जितने अंडे में। इसके अलावा सभी जरूरी अमीनो एसिड भी इसमें मौजूद रहते हैं। डाइटरी फाइबर, विटामिन ए, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन बी 12 के साथ ही इसमें लोहे और जस्ता जैसे महत्वपूर्ण खनिज तत्व, भी शामिल होते हैं।

शोधकर्ताओं ने चुहियों पर किए गए एक शोध में यह निष्कर्ष निकाला है कि स्तन कैंसर में मौजूद कैंसर सेल को फैट सेल में बदल कर उसका बढ़ना रोका जा सकता है।

नए शोध में न्यूरो कैमिस्ट्री पर हुए विस्तृत अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भांग का लगातार इस्तेमाल (Cannabis Hazards) ब्रेन के फंक्शन को प्रभावित करता है। यह कार्टिसोल और डोपामाइन की सिगनलिंग को प्रभावित करता है।

लाल मांस की पहचान एक संभावित कार्सिनोजेन के रूप में की गई है। हमारे अध्ययन में और अधिक सबूत मिले हैं कि लाल मांस स्तन कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है, जबकि पोल्ट्री कम जोखिम के साथ जुड़ी हुई मिली।

अगर सुप्त टीबी यानी निष्क्रिय तपेदिक का मरीज अपना इलाज नहीं कराता है तो निष्क्रिय तपेदिक सक्रिय तपेदिक में बदल सकती है।

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने गहन शोध के बाद एक ऐसा टूल खोज निकाला है जो डेंगूू, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों को पैदा ही नहीं होने देगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि चेहरे पर मुस्कान देखकर आप यह नहीं कह सकते कि व्यक्ति खुश है। भौंहों का उठाना या तानना गुस्सा और उदासी दोनों का ही प्रतीक हो सकता है।

महिलाओं की असहनीय दर्द की बीमारी एंडोमेट्रिओसिस में राहत दिलवाने के लिए अब बोटोक्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल एक छोटे से समूह पर इसका परीक्षण किया जा रहा है। अगर यह सफल रहा तो भविष्य में एक नई उम्मीद जागेगी।

वैज्ञानिकों ने गहन शोध के बाद ऐसे बैक्टीरिया को खोज निकाला है, जो डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण को रोकने में कामयाब हैं। इस बैक्टीरिया युक्त मच्छरों की नई फौज संक्रमण फैलाने वाले मच्छरों का मुकाबला करेंगे।

एम्स एवं आयुष मंत्रालय द्वारा किए गए साझा परीक्षण में यह बात सामने आई कि आदिवासी जख्मों को भरने के लिए जिन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं, वे कारगर हैं और उनका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं है।

वैज्ञानिकों ने लगातार शोध के बाद एक ऐसे तनाव के बारे में पता लगाया है, जिसके होने से डीएनए में बदलाव हो जाता है। उम्र बढ़ाने वाले इस तनाव की उपस्थिति वे मनुष्यों में भी खोजना चाह रहे हैं।

अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन 'एएसएम माइक्रोब-2019' में प्रस्तुत शोध निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि माइक्रोबायोम में बदलाव संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो सकते हैं।

छुट्टियां यानी हॉलीडेज मन को तरोताजा कर देती हैं। पर क्या आप जानते हैं कि यह आपकी सेहत के लिए भी उतनी ही लाभदायक हैं, जितनी मन के लिए। तो आप भी छुट्टियों के इस मौसम में जमकर करें सैर सपाटा।

एक स्टडी में ये सामने आया है कि ऑस्ट्रेलियाई लहसुन कोविड और कॉमन फ्लू को 99.9 फीसदी तक नष्ट करने में प्रभावी पाया गया है।

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New Study: अमेरिका में हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया कि कॉफी के बचे हुए हिस्से का इस्तेमाल इलेक्ट्रोड कोटिंग के लिए किया जा सकता है। इस रिसर्च में दिमागी समस्याओं का पता लगाने में काफी मदद मिल सकती है।

एक नए अध्ययन में ये दावा किया गया है कि कोविड-19 स्पष्ट रूप से कोई श्वसन रोग यानी सांस से जुड़ी बीमारी नहीं है। जानिए फिर क्या है कोरोनावायरस।

चीन से राहत देने वाली एक खबर सामने आई है कि चीन में बनी कोरोनावायरस की वैक्सीन बंदरों पर प्रभावी साबित हुई है। पाइकोवैक (PiCoVacc) नाम की इस वैक्सीन को पेइचिंग स्थित सिनोवैक बायोटेक कंपनी ने तैयार की है। यह वैक्सीन शरीर में जाते ही प्रतिरक्षा प्रणाली को एंटीबॉडी बनाने पर जोर देती है और एंटीबॉडी वायरस को खत्म करने लगती है।

साल 2013 में प्रचलन में आने के बाद से टैंक-स्टाइल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के एरोसोल या वाष्प में लेड, निकल, आयरन और कॉपर जैसी कार्सिनोजेन धातुओं का सांद्रण बढ़ा है।

सादा और स्वादिष्ट इंडियन फूड दुनिया भर में धूम मचा रहा है। अभी हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि कैलोरी में कम होने के कारण यह जेनेटिक बीमारियों पर भी लगाम लगा सकता है।

रिसर्च टीम ने इस अध्ययन के लिए 45 वर्ष व इससे अधिक उम्र के लगभग 11 हजार चीनी निवासियों से संबंधित सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

शोधकर्ताओं ने कहा कि किशोरों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले स्कूलों में किए जा रहे प्रयासों में गैर-डेटिंग को स्वस्थ विकास के एक विकल्प के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।

भारत में जहां सूर्य की रोशनी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है, वहां के 80-90 फीसदी लोगों का विटामिन डी की कमी से जूझना चौंका देने वाला है। हाल के सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि रेड वाइन पीने वालों की आंत के माइक्रोबायोटा में जीवाणुओं के विभिन्न प्रजातियों की एक बड़ी संख्या थी। उनके मुताबिक, ऐसा शायद रेड वाइन में अधिक मात्रा में मौजूद पॉलीफिनोल्स की वजह से हो सकता है।

इसमें उतने प्रोटीन होते हैं, जितने अंडे में। इसके अलावा सभी जरूरी अमीनो एसिड भी इसमें मौजूद रहते हैं। डाइटरी फाइबर, विटामिन ए, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन बी 12 के साथ ही इसमें लोहे और जस्ता जैसे महत्वपूर्ण खनिज तत्व, भी शामिल होते हैं।

शोधकर्ताओं ने चुहियों पर किए गए एक शोध में यह निष्कर्ष निकाला है कि स्तन कैंसर में मौजूद कैंसर सेल को फैट सेल में बदल कर उसका बढ़ना रोका जा सकता है।

नए शोध में न्यूरो कैमिस्ट्री पर हुए विस्तृत अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भांग का लगातार इस्तेमाल (Cannabis Hazards) ब्रेन के फंक्शन को प्रभावित करता है। यह कार्टिसोल और डोपामाइन की सिगनलिंग को प्रभावित करता है।

लाल मांस की पहचान एक संभावित कार्सिनोजेन के रूप में की गई है। हमारे अध्ययन में और अधिक सबूत मिले हैं कि लाल मांस स्तन कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हो सकता है, जबकि पोल्ट्री कम जोखिम के साथ जुड़ी हुई मिली।

अगर सुप्त टीबी यानी निष्क्रिय तपेदिक का मरीज अपना इलाज नहीं कराता है तो निष्क्रिय तपेदिक सक्रिय तपेदिक में बदल सकती है।

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने गहन शोध के बाद एक ऐसा टूल खोज निकाला है जो डेंगूू, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों को पैदा ही नहीं होने देगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि चेहरे पर मुस्कान देखकर आप यह नहीं कह सकते कि व्यक्ति खुश है। भौंहों का उठाना या तानना गुस्सा और उदासी दोनों का ही प्रतीक हो सकता है।

महिलाओं की असहनीय दर्द की बीमारी एंडोमेट्रिओसिस में राहत दिलवाने के लिए अब बोटोक्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल एक छोटे से समूह पर इसका परीक्षण किया जा रहा है। अगर यह सफल रहा तो भविष्य में एक नई उम्मीद जागेगी।

वैज्ञानिकों ने गहन शोध के बाद ऐसे बैक्टीरिया को खोज निकाला है, जो डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण को रोकने में कामयाब हैं। इस बैक्टीरिया युक्त मच्छरों की नई फौज संक्रमण फैलाने वाले मच्छरों का मुकाबला करेंगे।

एम्स एवं आयुष मंत्रालय द्वारा किए गए साझा परीक्षण में यह बात सामने आई कि आदिवासी जख्मों को भरने के लिए जिन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करते हैं, वे कारगर हैं और उनका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं है।

वैज्ञानिकों ने लगातार शोध के बाद एक ऐसे तनाव के बारे में पता लगाया है, जिसके होने से डीएनए में बदलाव हो जाता है। उम्र बढ़ाने वाले इस तनाव की उपस्थिति वे मनुष्यों में भी खोजना चाह रहे हैं।

अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी के वार्षिक सम्मेलन 'एएसएम माइक्रोब-2019' में प्रस्तुत शोध निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि माइक्रोबायोम में बदलाव संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील हो सकते हैं।

छुट्टियां यानी हॉलीडेज मन को तरोताजा कर देती हैं। पर क्या आप जानते हैं कि यह आपकी सेहत के लिए भी उतनी ही लाभदायक हैं, जितनी मन के लिए। तो आप भी छुट्टियों के इस मौसम में जमकर करें सैर सपाटा।