
नवजात शिशुओं के चेहरे पर सफेद दाने क्यों होते हैं? क्या ये मिलिया हैं?
Bacho Ke Safed Dane Kyu Hote Hain: 2-3 साल से कम उम्र के बच्चों के चेहरे पर अक्सर सफेद दाने देखे जाते हैं। यह मिलिया भी हो सकता है, इसलिए आपको सही जानकारी होना बहुत जरूरी है।

Bacho Ke Safed Dane Kyu Hote Hain: 2-3 साल से कम उम्र के बच्चों के चेहरे पर अक्सर सफेद दाने देखे जाते हैं। यह मिलिया भी हो सकता है, इसलिए आपको सही जानकारी होना बहुत जरूरी है।

Newborn Take Care Tips: सर्दियों में नवजात शिशु को काफी देखभाल की जरूरत पड़ती है। इस मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही शिशु को बीमार कर सकती है।

Bache Ki Dekhbhal: आज हम आपको नवजात शिशु की देखभाल करने के 5 तरीकों के बारे में बताने वाले हैं, ताकि उन्हें इस गर्मी और बरसात के मौसम में किसी भी तरह का इंफेक्शन व बीमारी न हो।

प्रीति जिंटा ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वह अपने बच्चे को पकड़े हुए और कैमरे की ओर मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं। बच्चे का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है। प्रीति के कंधे पर बर्प का कपड़ा भी था।

शिशु जब दूध पीने के बाद आसानी से डकार नहीं ले पाते या पेट में गैस बन जाती है, तो वे बेचैनी महसूस करने लगते हैं। ऐसे में आप कुछ बातों पर गौर करके जान सकते हैं कि आपका बच्चा गैस बनने से परेशान है। इसे दूर करने के लिए आप नीचे बताए गए लक्षणों और उपायों को अपना सकते हैं।

Umbilical Cord Care Tips In Hindi: अगर शिशु के गर्भनाल की सही तरह से देखभाल न की जाए तो उससे खून और पीप आ सकता है साथ ही संक्रमण का भी खतरा रहता है। आइए गर्भनाल को साफ करने के सही तरीके

शिशु की मालिश करनी हो या फिर कुछ खिलाना-पिलाना हो, आप पुदीने के तेल का इस्तेमाल करके देखें। बच्चों को कई तरह से फायदा पहुंचेगा....

एक गर्भवती महिला को सोमवार को 87 की ऑक्सीजन सैचुरेशन के साथ आपातकालीन यूनिट में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। मंगलवार को वह लेबर रूम में गई और जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।

करीना कपूर और सैफ अली खान का दूसरा बेटा 21 मार्च को एक महीने का हो गया। दो बच्चों की मां बन चुकीं बेबो किस तरह रखती हैं अपने न्यू बॉर्न बेबी का ख्याल, जानें यहां

छोटे बच्चों की नाक सर्दी-जुकाम से बंद हो जाती है, जिससे वे ना तो चैन से सो पाते हैं और ना ही ही सांस ले पाते हैं। ऐसे में आप कुछ आसान उपायों से शिशु की बंद नाक को खोल सकती हैं....

सर्दी के मौसम में अपने शिशु को स्नान कराने से घबराते हैं, तो त्वचा की सफाई के लिए आप एक्स्ट्रा लार्ज बेबी वाइप्स का इस्तेमाल करें। इससे आप अच्छी तरह से उनकी त्वचा की साफ-सफाई कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों में गैस बनने की यह दिक्कत कमज़ोर आंतों की परेशानी का संकेत हो सकती है। इसके अलावा भी बच्चों में गैस बनने के कुछ और कारण हो सकते हैं।

1 से लेकर 7 अगस्त तक 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक 2020' (World Breastfeeding Week 2020) सेलिब्रेट किया जाएगा। हर वर्ष इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है। इस वर्ष की थीम 'सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्दियर प्लैनेट' है। जन्म के बाद एक शिशु के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। शिशु को कम से कम 6 महीने तक मां का दूध जरूर पिलाना चाहिए।

कैल्शियम हड्डियों को स्वस्थ रखता है। जब बच्चों को सही मात्रा में कैल्शियम से भरपूर चीजें खाने को दी जाएं, तो हड्डियों से संबंधी समस्या नहीं होंगी। जानें, बच्चों में कैल्शियम की कमी होने के कारण और मुख्य लक्षण (Calcium Deficiency in kids) क्या हैं।

अगर आप नई मां हैं और आपका बेबी कुछ ही महीनों का है, तो इस सीजन में जरा (Baby Care in Summer) संभल कर रहिए। अपने शिशु को इस भयानक गर्मी से बचाने के लिए कुछ खास टिप्स फॉलो कीजिए, ताकि इस गर्मी में उसे ज्यादा परेशानी ना हो।

नवजात शिशु अपनी जरूरतों को रोने के माध्यम से ही बताते हैं. कई बार कुछ बच्चे जन्म लने के बाद रोना शुरु नहीं करते हैं. क्या जन्म के बाद बच्चे का रोना जरूरी होता है.? इस सवाल का जवाब लगभग हर माता-पिता को पता होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्म के बाद बच्चे का पहली बार रोना क्यों जरूरी है.? हम इस लेख में नवजात शिशु का रोना कितना जरूरी है इसी पर बात कर रहे हैं.

बच्चे के जन्म के 48 घंटों तक नवजात शिशु पर नजर बनाए रखना चाहिए। उनकी त्वचा और आंखों पर गौर करें। देखें कि कहीं उनका रंग तो नहीं बदल रहा है। शिशु का रंग पीला तो नहीं पड़ रहा है। यदि वो पीला नजर आए तो डॉक्टर से तुरंत मिलें।

बच्चे के लिए गर्भ के अंदर और जन्म लेने के बाद की स्थिति, वातावरण और माहौल में काफी परिवर्तन होता है, जिससे उनका ब्लड प्रेशर लो हो जाता है।

अगर छह महीने के बाद भी बच्चे के रोते समय आंसू न आएं तो इसके पीछे का डीहाइड्रेशन या अश्रु वाहिनी में किसी तरह की समस्या का होना भी हो सकता है। इसके लिए तुरंत चाइल्ड स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिये।

बच्चों को पालने की बहुत सी तकनीक हम जानवरों से भी सीख सकते हैं।

न्यू बॉर्न बेबीज को अस्थमा है या नहीं, इन लक्षणों से पहचानें

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Newborn Take Care Tips: सर्दियों में नवजात शिशु को काफी देखभाल की जरूरत पड़ती है। इस मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही शिशु को बीमार कर सकती है।

प्रीति जिंटा ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वह अपने बच्चे को पकड़े हुए और कैमरे की ओर मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं। बच्चे का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है। प्रीति के कंधे पर बर्प का कपड़ा भी था।

शिशु जब दूध पीने के बाद आसानी से डकार नहीं ले पाते या पेट में गैस बन जाती है, तो वे बेचैनी महसूस करने लगते हैं। ऐसे में आप कुछ बातों पर गौर करके जान सकते हैं कि आपका बच्चा गैस बनने से परेशान है। इसे दूर करने के लिए आप नीचे बताए गए लक्षणों और उपायों को अपना सकते हैं।

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शिशु की मालिश करनी हो या फिर कुछ खिलाना-पिलाना हो, आप पुदीने के तेल का इस्तेमाल करके देखें। बच्चों को कई तरह से फायदा पहुंचेगा....

एक गर्भवती महिला को सोमवार को 87 की ऑक्सीजन सैचुरेशन के साथ आपातकालीन यूनिट में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। मंगलवार को वह लेबर रूम में गई और जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।

करीना कपूर और सैफ अली खान का दूसरा बेटा 21 मार्च को एक महीने का हो गया। दो बच्चों की मां बन चुकीं बेबो किस तरह रखती हैं अपने न्यू बॉर्न बेबी का ख्याल, जानें यहां

छोटे बच्चों की नाक सर्दी-जुकाम से बंद हो जाती है, जिससे वे ना तो चैन से सो पाते हैं और ना ही ही सांस ले पाते हैं। ऐसे में आप कुछ आसान उपायों से शिशु की बंद नाक को खोल सकती हैं....

सर्दी के मौसम में अपने शिशु को स्नान कराने से घबराते हैं, तो त्वचा की सफाई के लिए आप एक्स्ट्रा लार्ज बेबी वाइप्स का इस्तेमाल करें। इससे आप अच्छी तरह से उनकी त्वचा की साफ-सफाई कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों में गैस बनने की यह दिक्कत कमज़ोर आंतों की परेशानी का संकेत हो सकती है। इसके अलावा भी बच्चों में गैस बनने के कुछ और कारण हो सकते हैं।

1 से लेकर 7 अगस्त तक 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक 2020' (World Breastfeeding Week 2020) सेलिब्रेट किया जाएगा। हर वर्ष इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है। इस वर्ष की थीम 'सपोर्ट ब्रेस्टफीडिंग फॉर ए हेल्दियर प्लैनेट' है। जन्म के बाद एक शिशु के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है। शिशु को कम से कम 6 महीने तक मां का दूध जरूर पिलाना चाहिए।

कैल्शियम हड्डियों को स्वस्थ रखता है। जब बच्चों को सही मात्रा में कैल्शियम से भरपूर चीजें खाने को दी जाएं, तो हड्डियों से संबंधी समस्या नहीं होंगी। जानें, बच्चों में कैल्शियम की कमी होने के कारण और मुख्य लक्षण (Calcium Deficiency in kids) क्या हैं।

अगर आप नई मां हैं और आपका बेबी कुछ ही महीनों का है, तो इस सीजन में जरा (Baby Care in Summer) संभल कर रहिए। अपने शिशु को इस भयानक गर्मी से बचाने के लिए कुछ खास टिप्स फॉलो कीजिए, ताकि इस गर्मी में उसे ज्यादा परेशानी ना हो।

नवजात शिशु अपनी जरूरतों को रोने के माध्यम से ही बताते हैं. कई बार कुछ बच्चे जन्म लने के बाद रोना शुरु नहीं करते हैं. क्या जन्म के बाद बच्चे का रोना जरूरी होता है.? इस सवाल का जवाब लगभग हर माता-पिता को पता होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्म के बाद बच्चे का पहली बार रोना क्यों जरूरी है.? हम इस लेख में नवजात शिशु का रोना कितना जरूरी है इसी पर बात कर रहे हैं.

बच्चे के जन्म के 48 घंटों तक नवजात शिशु पर नजर बनाए रखना चाहिए। उनकी त्वचा और आंखों पर गौर करें। देखें कि कहीं उनका रंग तो नहीं बदल रहा है। शिशु का रंग पीला तो नहीं पड़ रहा है। यदि वो पीला नजर आए तो डॉक्टर से तुरंत मिलें।

बच्चे के लिए गर्भ के अंदर और जन्म लेने के बाद की स्थिति, वातावरण और माहौल में काफी परिवर्तन होता है, जिससे उनका ब्लड प्रेशर लो हो जाता है।

अगर छह महीने के बाद भी बच्चे के रोते समय आंसू न आएं तो इसके पीछे का डीहाइड्रेशन या अश्रु वाहिनी में किसी तरह की समस्या का होना भी हो सकता है। इसके लिए तुरंत चाइल्ड स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिये।

बच्चों को पालने की बहुत सी तकनीक हम जानवरों से भी सीख सकते हैं।

Bache Ki Dekhbhal: आज हम आपको नवजात शिशु की देखभाल करने के 5 तरीकों के बारे में बताने वाले हैं, ताकि उन्हें इस गर्मी और बरसात के मौसम में किसी भी तरह का इंफेक्शन व बीमारी न हो।

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