इस दिन Launch होगी India की पहली Corona Nasal Vaccine, जानें कौन लगा सकेगा?
नेजल वैक्सीन शुरुआत में प्राइवेट अस्पतालों में लग सकेगी. इस वैक्सीन को सरकार ने भारत के कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी शामिल किया है।
नेजल वैक्सीन शुरुआत में प्राइवेट अस्पतालों में लग सकेगी. इस वैक्सीन को सरकार ने भारत के कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी शामिल किया है।
Side effects of nasal spray: सर्दियों में बार-बार बंद नाक की समस्या को रोकने के लिए लोग अक्सर नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से कई नुकसान हो सकते हैं। चलिए जानते हैं नेजल स्प्रे से होने वाले नुकसान के बारे में।
वैज्ञानिक कोरोनावायरस का तोड़ निकालने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए रूस ने पहली नेजल स्प्रे वैक्तीन रजिस्टर्ड कर दी है।
कम्पनी का दावा है कि, यह स्प्रे वायरस को इनक्यूबेट करने और फेफड़ों में फैलने से रोकता है।
Newborn Nasal Congestion: छोटे बच्चों का नासिका मार्ग बहुत पतला और छोटा होता है, जिसके चलते थोड़ी सी रुकावट होने पर सांस लेने में दिक्कतें होने लगती हैं.
एंटी-कोविड नेजल स्प्रे (Anti Covid Nasal Spray) को विकसित किया है वैंकूवर बायोटेक फर्म सैनोटाइज (SaNOtize) ने और इसके क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम ब्रिटेन और कनाडा में पॉजिटिव साबित हुए हैं। यहां तक कि ये यूके न्यू वेरिएंट के खिलाफ भी कारगर साबित हुआ है।
बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता एक ऐसे नाक का स्प्रे या नेजल स्प्रे तैयार करने में लगे हुए हैं, जो कोरोनोवायरस संक्रमण को दो दिनों तक ब्लॉक करने की क्षमता रखता है।
Side effects of nasal spray: सर्दियों में बार-बार बंद नाक की समस्या को रोकने के लिए लोग अक्सर नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल करने से कई नुकसान हो सकते हैं। चलिए जानते हैं नेजल स्प्रे से होने वाले नुकसान के बारे में।
वैज्ञानिक कोरोनावायरस का तोड़ निकालने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। इस दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए रूस ने पहली नेजल स्प्रे वैक्तीन रजिस्टर्ड कर दी है।
कम्पनी का दावा है कि, यह स्प्रे वायरस को इनक्यूबेट करने और फेफड़ों में फैलने से रोकता है।
Newborn Nasal Congestion: छोटे बच्चों का नासिका मार्ग बहुत पतला और छोटा होता है, जिसके चलते थोड़ी सी रुकावट होने पर सांस लेने में दिक्कतें होने लगती हैं.
एंटी-कोविड नेजल स्प्रे (Anti Covid Nasal Spray) को विकसित किया है वैंकूवर बायोटेक फर्म सैनोटाइज (SaNOtize) ने और इसके क्लिनिकल ट्रायल के परिणाम ब्रिटेन और कनाडा में पॉजिटिव साबित हुए हैं। यहां तक कि ये यूके न्यू वेरिएंट के खिलाफ भी कारगर साबित हुआ है।
बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता एक ऐसे नाक का स्प्रे या नेजल स्प्रे तैयार करने में लगे हुए हैं, जो कोरोनोवायरस संक्रमण को दो दिनों तक ब्लॉक करने की क्षमता रखता है।
नेजल वैक्सीन शुरुआत में प्राइवेट अस्पतालों में लग सकेगी. इस वैक्सीन को सरकार ने भारत के कोविड 19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी शामिल किया है।