अब मोबाइल पर मिलेगा Mother & Child Health Record, क्या है जननी ऐप के बारे में
'जननी' का पूरा नाम 'Journey of Antenatal, Natal and Neonatal Integrated Care' है। इस ऐप को मुख्य रूप से मां और नवजात शिशु के लिए तैयार किया गया है।
'जननी' का पूरा नाम 'Journey of Antenatal, Natal and Neonatal Integrated Care' है। इस ऐप को मुख्य रूप से मां और नवजात शिशु के लिए तैयार किया गया है।
Chickenpox in pregnancy : प्रेग्नेंसी में चिकनपॉक्स होना काफी ज्यादा घातक साबित हो सकता है। इस स्थिति कई बार गर्भपात का भी खतरा हो सकता है। आइए डॉक्टर से समझते हैं प्रेग्नेंसी में चिकनपॉक्स होने पर किन समस्याओं का खतरा रहता है?
स्वस्थ और सुरक्षित गर्भावस्था के महत्व को समझाने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से हर साल 11 अप्रैल को नेशनल सेफ मदरहुड डे ( National Safe Motherhood Day 2023) मनाया जाता है।
डॉक्टर अंजलि कुमार ने महिलाओं की सेहत से जुड़े ऐसे टिप्स दे रही हैं, जो उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ हेल्दी बनाने में भी मदद करेंगे।
काजल ने कहा, कि मदरहुड एक मुश्किल और सबसे चुनौतीपूर्ण काम है। लेकिन, यह किसी पुरस्कार से कम नहीं है।
हर्ष और भारती का गुड न्यूज़ शेयर करने का अंदाज़ बहुत ही अलग और निराला था। कपल ने वीडियो मैसेज के ज़रिए अपनी खुशी अपने फैंस के साथ शेयरी की, जिसके टाइटल में लिखा कि ‘हम मां बनने वाले हैं।’
Parenting Tips For Young Mother: बच्चे की परवरिश और परिवार शुरू करने के लिए प्लानिंग करना बहुत महत्वपूर्ण है। सोचें कि आपके और आपके बच्चे के लिए क्या सही होगा और साथी से इस बारे में बात करें।
इसके विपरीत अगर प्रेगनेंसी में कोई महिला सिगरेट व शराब, एक्सरसाइज न करना, अन हेल्दी खाना और वजन पर ध्यान न देना इत्यादि लाइफस्टाइल अपनाती हैं तो इसका नतीजा उनके बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उठा कर चुकाना पड़ता है।
चीनी के इस्तेमाल से घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने का सबसे बेहतर समय सुबह का होता है। उठने के बाद का सबसे पहला यूरिन लेकर ही यह टेस्ट करना सबसे प्रभावी होता है, क्योंकि सुबह के समय वाला यूरिन डाइल्यूटेड नहीं होता है।
उष्ट्रासन का अभ्यास प्रेगनेंट महिलाओं को जरूर करना चाहिए। इसके अभ्यास से रीढ़ की हड्डियां मजबूत होती हैं। पेट और कमर को यह लचीला बनाता है।
प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीने में कहीं भी यात्रा करने से बचें वरना मिसकैरिज का खतरा बढ़ जाता है।
प्रेगनेंट महिलाओं को कॉफी-चाय भी कम ही पीनी चाहिए। कॉफी में मौजूद कैफीन भ्रूण के लिए सही नहीं होता है। स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी कॉफी नहीं पीनी चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे बेचैन और चिड़चिड़े हो जाते हैं।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की उचित देखभाल और प्रसव संबंधी जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल की तरह 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया।
पीआरपी एक ऐसी तकनीक है, जिसमें मरीज के शरीर से ब्लड निकाल कर उसे विशेष तकनीक की मदद से ब्लड कंपोनेंट को अलग किया गया, जिसमें प्लेटलेट्स रिच पदार्थ काफी मात्रा में होते हैं।
करीना कपूर खान और मीरा राजपूत को बार-बार ट्रोल किया जाता है कि वे अपने बच्चों को खुद गोद में उठाए क्यों नज़र नहीं आती।
पीएमएनसीएच पार्टनर फोरम (मातृत्व, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सहभागिता मंच) में प्रधानमंत्री के वक्तव्य का मूलपाठ
किसी मां से ना कहें, 'तुम्हारी ज़िंदगी से रोमांस खत्म समझो।'
एक बार में बहुत ज़्यादा खाना ज्यादा खाने से बचें, पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
पीठ ने कहा कि जब पूरी दुनिया में बच्चों को दूध पिलाने के लिए अलग से कमरे बनाए गए हैं, तो भारत में ऐसा क्यों नहीं किया गया?
मां-बेटी के खूबसूरत रिश्ते को बयां करती हैं ये तस्वीरें।
पिछले साल मार्च में करन जौहर के अपने जुड़वां बच्चों का स्वागत किया था। यह बच्चे सरोगेसी के जरिए हुए।
इन तस्वीरों की ही तरह आप भी अपने बेबी के साथ वाली तस्वीरें Instagram पर करें शेयर.
मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊं, माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊं।
इस योजना का उद्देश्य मजदूरी हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के लिए नकद प्रोत्साहन देना है, ताकि महिलाओं को बच्चे के प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम मिल सके।
'जननी' का पूरा नाम 'Journey of Antenatal, Natal and Neonatal Integrated Care' है। इस ऐप को मुख्य रूप से मां और नवजात शिशु के लिए तैयार किया गया है।
Chickenpox in pregnancy : प्रेग्नेंसी में चिकनपॉक्स होना काफी ज्यादा घातक साबित हो सकता है। इस स्थिति कई बार गर्भपात का भी खतरा हो सकता है। आइए डॉक्टर से समझते हैं प्रेग्नेंसी में चिकनपॉक्स होने पर किन समस्याओं का खतरा रहता है?
स्वस्थ और सुरक्षित गर्भावस्था के महत्व को समझाने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिहाज से हर साल 11 अप्रैल को नेशनल सेफ मदरहुड डे ( National Safe Motherhood Day 2023) मनाया जाता है।
डॉक्टर अंजलि कुमार ने महिलाओं की सेहत से जुड़े ऐसे टिप्स दे रही हैं, जो उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ हेल्दी बनाने में भी मदद करेंगे।
काजल ने कहा, कि मदरहुड एक मुश्किल और सबसे चुनौतीपूर्ण काम है। लेकिन, यह किसी पुरस्कार से कम नहीं है।
हर्ष और भारती का गुड न्यूज़ शेयर करने का अंदाज़ बहुत ही अलग और निराला था। कपल ने वीडियो मैसेज के ज़रिए अपनी खुशी अपने फैंस के साथ शेयरी की, जिसके टाइटल में लिखा कि ‘हम मां बनने वाले हैं।’
Parenting Tips For Young Mother: बच्चे की परवरिश और परिवार शुरू करने के लिए प्लानिंग करना बहुत महत्वपूर्ण है। सोचें कि आपके और आपके बच्चे के लिए क्या सही होगा और साथी से इस बारे में बात करें।
इसके विपरीत अगर प्रेगनेंसी में कोई महिला सिगरेट व शराब, एक्सरसाइज न करना, अन हेल्दी खाना और वजन पर ध्यान न देना इत्यादि लाइफस्टाइल अपनाती हैं तो इसका नतीजा उनके बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां उठा कर चुकाना पड़ता है।
चीनी के इस्तेमाल से घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने का सबसे बेहतर समय सुबह का होता है। उठने के बाद का सबसे पहला यूरिन लेकर ही यह टेस्ट करना सबसे प्रभावी होता है, क्योंकि सुबह के समय वाला यूरिन डाइल्यूटेड नहीं होता है।
उष्ट्रासन का अभ्यास प्रेगनेंट महिलाओं को जरूर करना चाहिए। इसके अभ्यास से रीढ़ की हड्डियां मजबूत होती हैं। पेट और कमर को यह लचीला बनाता है।
प्रेगनेंसी के शुरुआती तीन महीने में कहीं भी यात्रा करने से बचें वरना मिसकैरिज का खतरा बढ़ जाता है।
प्रेगनेंट महिलाओं को कॉफी-चाय भी कम ही पीनी चाहिए। कॉफी में मौजूद कैफीन भ्रूण के लिए सही नहीं होता है। स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी कॉफी नहीं पीनी चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे बेचैन और चिड़चिड़े हो जाते हैं।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की उचित देखभाल और प्रसव संबंधी जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल की तरह 11 अप्रैल को राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया।
पीआरपी एक ऐसी तकनीक है, जिसमें मरीज के शरीर से ब्लड निकाल कर उसे विशेष तकनीक की मदद से ब्लड कंपोनेंट को अलग किया गया, जिसमें प्लेटलेट्स रिच पदार्थ काफी मात्रा में होते हैं।
करीना कपूर खान और मीरा राजपूत को बार-बार ट्रोल किया जाता है कि वे अपने बच्चों को खुद गोद में उठाए क्यों नज़र नहीं आती।
पीएमएनसीएच पार्टनर फोरम (मातृत्व, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य सहभागिता मंच) में प्रधानमंत्री के वक्तव्य का मूलपाठ
किसी मां से ना कहें, 'तुम्हारी ज़िंदगी से रोमांस खत्म समझो।'
एक बार में बहुत ज़्यादा खाना ज्यादा खाने से बचें, पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
पीठ ने कहा कि जब पूरी दुनिया में बच्चों को दूध पिलाने के लिए अलग से कमरे बनाए गए हैं, तो भारत में ऐसा क्यों नहीं किया गया?
पिछले साल मार्च में करन जौहर के अपने जुड़वां बच्चों का स्वागत किया था। यह बच्चे सरोगेसी के जरिए हुए।
इस योजना का उद्देश्य मजदूरी हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के लिए नकद प्रोत्साहन देना है, ताकि महिलाओं को बच्चे के प्रसव से पहले और बाद में पर्याप्त आराम मिल सके।
इस दौरान कभी भी अपना समय टीवी देखने या मोबाइल चलाने में बर्बाद न करें बल्कि उस टाइम में सो जायें!
मां-बेटी के खूबसूरत रिश्ते को बयां करती हैं ये तस्वीरें।
इन तस्वीरों की ही तरह आप भी अपने बेबी के साथ वाली तस्वीरें Instagram पर करें शेयर.
मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊं, माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊं।