Dr. Chhavi Gupta
मंकीपॉक्स के कारण दुनियाभर के कई देश प्रभावित हो रहे हैं। भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है।
मंकीपॉक्स के कारण दुनियाभर के कई देश प्रभावित हो रहे हैं। भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है।
वैक्सीन पर डेटा से ये मालूम हुआ कि शुरुआत में टीका स्मॉलपॉक्स से लड़ने के लिए बनाया गया था, जिसका इस मौजूदा वक्त में इस्तेमाल बहुत ही सीमित है।
ICMR-NIRRCH ने मुंबई के बीवाईएल नायर हॉस्पिटल के साथ मिलकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कुछ सिफारिशें की हैं ताकि मंकीपॉक्स की परेशानी को हल किया जा सके।
व्यक्ति की नाक के बीचों बीच एक लाल रंग का स्पॉट हुआ था, जब उसने कुछ टेस्ट कराए तो व्यक्ति को मालूम हुआ कि वो इस घातक वायरस का शिकार है।
मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति से दूसरों तक आसानी से यह संक्रमण फैल सकता है।इसीलिए एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ लक्षण दिखने के बाद पीड़ित व्यक्ति को खुद ही आइसोलेशन में चले जाना चाहिए।
Monkeypox India: मंकीपॉक्स को लेकर देश और दुनिया में एक डर का माहौल है। ऐसे में भारत में इस तरह से मंकीपॉक्स के लक्षणों वाले व्यक्ति का मिलना, इस बात का संकेत तो नहीं कि क्या भारत में भी इस वायरस ने दस्तक दे दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी करार दिए जाने की सभी अटकलों को सिर से नकार दिया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि वह अपने साथियों और दुनियाभर के एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर इस वायरस के नाम को बदलने पर काम कर रहा है।
डब्लूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहा है कि दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहीं ये 10 बड़ी बातें।
अभी तक दुनियाभर के 20 से ज्यादा देशों में मंकीपॉक्स वायरस के 700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और बहुत से मामलें अभी भी संदिग्ध हैं।
Monkeypox virus : भारत में अभी तक मंकीपॉक्स का एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन ब्रिटेन, स्पेन, पुर्तगाल, इटली और स्वीडन जैसे यूरोपीय देशों में इस वायरस के मामले सामने आए हैं। जान लें ये सभी जरूरी बातें।
Monkeypox symptoms : डब्लूएचओ-टीडीआर में एडवाइजर और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन में ग्लोबल हेल्थ के प्रोफेसर डॉ. सुभाष हीरा का कहना है कि हालांकि अभी तक भारत में मंकीपॉक्स का एक भी मामला सामने नहीं आया है
मंकीपॉक्स के कारण दुनियाभर के कई देश प्रभावित हो रहे हैं। भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है।
वैक्सीन पर डेटा से ये मालूम हुआ कि शुरुआत में टीका स्मॉलपॉक्स से लड़ने के लिए बनाया गया था, जिसका इस मौजूदा वक्त में इस्तेमाल बहुत ही सीमित है।
ICMR-NIRRCH ने मुंबई के बीवाईएल नायर हॉस्पिटल के साथ मिलकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कुछ सिफारिशें की हैं ताकि मंकीपॉक्स की परेशानी को हल किया जा सके।
व्यक्ति की नाक के बीचों बीच एक लाल रंग का स्पॉट हुआ था, जब उसने कुछ टेस्ट कराए तो व्यक्ति को मालूम हुआ कि वो इस घातक वायरस का शिकार है।
मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति से दूसरों तक आसानी से यह संक्रमण फैल सकता है।इसीलिए एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ लक्षण दिखने के बाद पीड़ित व्यक्ति को खुद ही आइसोलेशन में चले जाना चाहिए।
Monkeypox India: मंकीपॉक्स को लेकर देश और दुनिया में एक डर का माहौल है। ऐसे में भारत में इस तरह से मंकीपॉक्स के लक्षणों वाले व्यक्ति का मिलना, इस बात का संकेत तो नहीं कि क्या भारत में भी इस वायरस ने दस्तक दे दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी करार दिए जाने की सभी अटकलों को सिर से नकार दिया है।
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डब्लूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहा है कि दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहीं ये 10 बड़ी बातें।
अभी तक दुनियाभर के 20 से ज्यादा देशों में मंकीपॉक्स वायरस के 700 से ज्यादा मामले सामने आए हैं और बहुत से मामलें अभी भी संदिग्ध हैं।
Monkeypox virus : भारत में अभी तक मंकीपॉक्स का एक भी मामला सामने नहीं आया है लेकिन ब्रिटेन, स्पेन, पुर्तगाल, इटली और स्वीडन जैसे यूरोपीय देशों में इस वायरस के मामले सामने आए हैं। जान लें ये सभी जरूरी बातें।
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