बहुत अधिक पपीता खाएंगे तो शरीर को होगें ये नुकसान, पेट में दर्द से लेकर स्किन एलर्जिस का बढ़ सकता है खतरा
अधिक मात्रा में पपीता खाने या केमिकल से पकाए गए पपीते को खाने से भी कई लोगों को कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
अधिक मात्रा में पपीता खाने या केमिकल से पकाए गए पपीते को खाने से भी कई लोगों को कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
ANA Blood Test Kya hota h: ANA ब्लड टेस्ट ऑटोइम्यून बीमारी का पता लगाने के लिए किया जाता है। जब किसी महिला का बार बार मिसकैरेज होता है तो उस स्थिति में भी डॉक्टर इस टेस्ट को करा सकते हैं।
Recurrent Miscarriage Causes And Treatment: गर्भपात कितना दर्दनाक और हृदय विदारक हो सकता है, यह केवल एक महिला जान सकती है, जिसने इसका अनुभव किया है l बच्चा होने की आशाएं और खुशियां एक ही पल में समाप्त हो जाती हैं।
सीनियर गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर दीपा दीवान (Obstetrics And Gynaecology Dr. Deepa Dewan) से जानिए शुरुआती मिसकैरेज के कारण और इसे रोकने के लिए कौन से जरूरी ब्लड टेस्ट करा सकते हैं।
यहां पढ़ें, क्या सच में गर्भवती महिला के लिए नुकनसानदायक है पपीते का सेवन। (Eating Papaya During Pregnancy)
गीता बसरा ने बताया कि उनका 2 बार गर्भपात हुआ था और दो बार अपने बच्चे को खोने की तकलीफ से उन्हें गुज़रना पड़ा। (Geeta Basra Miscarriages) लेकिन, गीता उन सभी महिलाओं से हिम्मत ना हारने की सलाह देती है जो मिसकैरेज़ की वजह से मां नहीं बन सकी हैं। (Pregnancy After Miscarriage)
कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनका मिसकैरेज प्रेगनेंसी के 5वें या 7वें हफ्ते (Misscarraige In 5th Week Of Pregnancy) में ही हो जाता है।
टीवी एक्ट्रेस निशा रावल का आरोप है कि उनके पति करन मेहरा उनके साथ मारपीट करते रहे हैं। निशा का कहना है कि घरेलू हिंसा की वजह से वह बाइपोलर डिप्रेशन में चली गयी थीं।(Karan Mehra-Nisha Rawal)
विश्व आयोडिन दिवस (world iodine deficiency day in Hindi) पर इस पोषक तत्व के महत्व, इसके फायदे और इसकी कमी की वजह से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास किए जाते हैं। आयोडिन की कमी और इसकी वजह से होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम्स से दुनियाभर के लोग जूझ रहे हैं।
कई प्रेग्नेंट महिलाओं को आयोडीन की कमी हो जाती है। आयोडीन शिशु के संपूर्ण विकास के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। इससे प्रेग्नेंसी में ऊर्जा लेवल बढ़ती है। जानें, प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन की कमी होना क्यों नुकसानदायक हो सकता है।
हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि बार-बार जिन महिलाओं को गर्भपात होता है, उन्हें डायबिटीज खासकर टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.
कई बार मजबूरी में अबॉर्शन यानी गर्भपात करवाना पड़ता है, तो कई बार किन्हीं समस्याओं के चलते अनचाहा गर्भपात हो जाता है। किसी भी स्त्री के लिए यह बहुत तनाव पूर्ण समय होता है। इस दौरान अपनी सेहत को बिल्कुल भी नजरंदाज न करें।
इस रिसर्च के मुताबिक, महिलाओं के बार-बार गर्भ का गिरने के लिए पुरुष जिम्मेदार होते हैं। इंपीरियल कॉलेज, लंदन में हुई इस रिसर्च के अनुसार स्पर्म की सेहत से किसी प्रेगनेंसी की सेहत तय होती है। वैज्ञानिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि इस शोध का खुलासा समस्या से जूझ रहे दंपत्तियों की जिंदगी आसान बना सकेगा।
इस रिसर्च के मुताबिक, महिलाओं के बार-बार गर्भ का गिरने के लिए पुरुष जिम्मेदार होते हैं। इंपीरियल कॉलेज, लंदन में हुई इस रिसर्च के अनुसार स्पर्म की सेहत से किसी प्रेगनेंसी की सेहत तय होती है। वैज्ञानिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि इस शोध का खुलासा समस्या से जूझ रहे दंपत्तियों की जिंदगी आसान बना सकेगा।
अक्सर पुरुष मिसकैरेज के कुछ ही दिनों बाद सेक्स करना चाहते हैं, पर इसके लिए महिलाएं मानसिक रूप से तैयार नहीं होती हैं। ऐसे में यहां सवाल यही उठता है कि इस नाजुक हालात में क्या सेक्स के लिए पार्टनर को बोलना सही है?
जानें, गर्भपात के बारे में ऐसी ही कुछ बातें, जो पूरी तरह से सही नहीं हैं।
प्रेगनेंसी में कॉफी-चाय के अधिक सेवन से हो सकता है गर्भपात
Recurrent Miscarriage Causes And Treatment: गर्भपात कितना दर्दनाक और हृदय विदारक हो सकता है, यह केवल एक महिला जान सकती है, जिसने इसका अनुभव किया है l बच्चा होने की आशाएं और खुशियां एक ही पल में समाप्त हो जाती हैं।
यहां पढ़ें, क्या सच में गर्भवती महिला के लिए नुकनसानदायक है पपीते का सेवन। (Eating Papaya During Pregnancy)
गीता बसरा ने बताया कि उनका 2 बार गर्भपात हुआ था और दो बार अपने बच्चे को खोने की तकलीफ से उन्हें गुज़रना पड़ा। (Geeta Basra Miscarriages) लेकिन, गीता उन सभी महिलाओं से हिम्मत ना हारने की सलाह देती है जो मिसकैरेज़ की वजह से मां नहीं बन सकी हैं। (Pregnancy After Miscarriage)
कई महिलाएं ऐसी भी होती हैं जिनका मिसकैरेज प्रेगनेंसी के 5वें या 7वें हफ्ते (Misscarraige In 5th Week Of Pregnancy) में ही हो जाता है।
विश्व आयोडिन दिवस (world iodine deficiency day in Hindi) पर इस पोषक तत्व के महत्व, इसके फायदे और इसकी कमी की वजह से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास किए जाते हैं। आयोडिन की कमी और इसकी वजह से होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम्स से दुनियाभर के लोग जूझ रहे हैं।
कई प्रेग्नेंट महिलाओं को आयोडीन की कमी हो जाती है। आयोडीन शिशु के संपूर्ण विकास के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है। इससे प्रेग्नेंसी में ऊर्जा लेवल बढ़ती है। जानें, प्रेग्नेंसी के दौरान आयोडीन की कमी होना क्यों नुकसानदायक हो सकता है।
हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि बार-बार जिन महिलाओं को गर्भपात होता है, उन्हें डायबिटीज खासकर टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.
कई बार मजबूरी में अबॉर्शन यानी गर्भपात करवाना पड़ता है, तो कई बार किन्हीं समस्याओं के चलते अनचाहा गर्भपात हो जाता है। किसी भी स्त्री के लिए यह बहुत तनाव पूर्ण समय होता है। इस दौरान अपनी सेहत को बिल्कुल भी नजरंदाज न करें।
इस रिसर्च के मुताबिक, महिलाओं के बार-बार गर्भ का गिरने के लिए पुरुष जिम्मेदार होते हैं। इंपीरियल कॉलेज, लंदन में हुई इस रिसर्च के अनुसार स्पर्म की सेहत से किसी प्रेगनेंसी की सेहत तय होती है। वैज्ञानिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि इस शोध का खुलासा समस्या से जूझ रहे दंपत्तियों की जिंदगी आसान बना सकेगा।
अक्सर पुरुष मिसकैरेज के कुछ ही दिनों बाद सेक्स करना चाहते हैं, पर इसके लिए महिलाएं मानसिक रूप से तैयार नहीं होती हैं। ऐसे में यहां सवाल यही उठता है कि इस नाजुक हालात में क्या सेक्स के लिए पार्टनर को बोलना सही है?
यह अध्ययन वर्ष 2007 से 2015 के बीच किया गया जिसमें लगभग 1300 महिलाओं को शामिल किया गया। इन्होंने गर्भपात के बाद (20 हफ्ते की गर्भावस्था तक) चिकित्सीय मदद के लिए आपातकालीन विभाग का रुख किया था।
गर्भपात के कारण महिलाओं को शारीरिक और मानसिक कष्ट से गुजरना पड़ता है।
अधिक वजन या मोटापे से पीड़ित महिलाओं में गर्भधारण की संभावनाएं अपेक्षाकृत कम रहती हैं।
मिसकैरेज यूं हीं नहीं होता, इसके पीछे कई कारण होते हैं। एक से अधिक बार गर्भपात होना बहुत बड़ी समस्या हो सकती है।
गर्भपात के बाद जल्द रिकवरी के लिए ज़रूरी है कि आपका आहार भी सही हो।
अगर गर्भावस्था के दौरान वजन अचानक से घटने लगता है। यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि यह गर्भपात के लक्षणों में से एक है।
एलो जेल के सेवन से उन्हें भी बचना चाहिए, जिन्हें आंतों से संबंधित कोई समस्या जैसे क्रॉन्स डिजीज, अल्सरेटिव कोलाइटिस हो।
अधिक मात्रा में पपीता खाने या केमिकल से पकाए गए पपीते को खाने से भी कई लोगों को कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
ANA Blood Test Kya hota h: ANA ब्लड टेस्ट ऑटोइम्यून बीमारी का पता लगाने के लिए किया जाता है। जब किसी महिला का बार बार मिसकैरेज होता है तो उस स्थिति में भी डॉक्टर इस टेस्ट को करा सकते हैं।
सीनियर गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर दीपा दीवान (Obstetrics And Gynaecology Dr. Deepa Dewan) से जानिए शुरुआती मिसकैरेज के कारण और इसे रोकने के लिए कौन से जरूरी ब्लड टेस्ट करा सकते हैं।
टीवी एक्ट्रेस निशा रावल का आरोप है कि उनके पति करन मेहरा उनके साथ मारपीट करते रहे हैं। निशा का कहना है कि घरेलू हिंसा की वजह से वह बाइपोलर डिप्रेशन में चली गयी थीं।(Karan Mehra-Nisha Rawal)
इस रिसर्च के मुताबिक, महिलाओं के बार-बार गर्भ का गिरने के लिए पुरुष जिम्मेदार होते हैं। इंपीरियल कॉलेज, लंदन में हुई इस रिसर्च के अनुसार स्पर्म की सेहत से किसी प्रेगनेंसी की सेहत तय होती है। वैज्ञानिक अब उम्मीद कर रहे हैं कि इस शोध का खुलासा समस्या से जूझ रहे दंपत्तियों की जिंदगी आसान बना सकेगा।
जानें, गर्भपात के बारे में ऐसी ही कुछ बातें, जो पूरी तरह से सही नहीं हैं।
प्रेगनेंसी में कॉफी-चाय के अधिक सेवन से हो सकता है गर्भपात