माइग्रेन के दौरान क्या खा सकते हैं? जानें एक्सपर्ट से
माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, बल्कि हर किसी का ट्रिगर अलग होता है। डाइट से इसका क्या कनेक्शन है, एक्सपर्ट्स बताते हैं कुछ चौंकाने वाली बातें।
माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, बल्कि हर किसी का ट्रिगर अलग होता है। डाइट से इसका क्या कनेक्शन है, एक्सपर्ट्स बताते हैं कुछ चौंकाने वाली बातें।
माइग्रेन न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। माइग्रेन होने पर कई लक्षण नजर आते हैं जैसे, सिर के एक तरफ तेज दर्द होना। रोशनी और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता महसूस करना। यह एक स्थायी सिरदर्द है, जो माइग्रेन ट्रिगर होने पर होता है।
अधकपारी या माइग्रेन एक क्रॉनिक डिजीज है। माइग्रेन का दर्द आमतौर पर बहुत ही सामान्य होता है, मगर यह दर्द कई बार तीव्र हो जाता है। माइग्रेन की समस्या गंभीर होने के कई कारण हो सकते हैं। डॉ गोसर आशीष रमेश से जानिए माइग्रेन का दर्द बढ़ाने वाले कारक कौन-कौन से हैं।
माइग्रेन की समस्या अधिकतर महिलाओं को होती है। इसका प्रमुख कारण खराब जीवनशैली है। अगर आप माइग्रेन के रोगी हैं, तो अपने खानपान में कुछ जरूरी बदलाव करें। आइए जानते हैं कैसे-
माइग्रेन की समस्या महिलाओं को पीरियड्स के आसपास काफी बढ़ जाती है। पीरियड्स के समय होने वाले हार्मोनल बदलाव T इसकी वजह बनते हैं। ऐसे में, तेज सिरदर्द के साथ उल्टी, कमज़ोरी और भूख ना लगने जैसी कई परेशानियां भी होती हैं। इसीलिए, ऐसे में महिलाएं कोशिश करती हैं कि उनकी इस समस्या की तीव्रता कम रहे।
22 जुलाई को ''वर्ल्ड ब्रेन डे'' (World Brain Day) है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी (WFN) द्वारा यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है। इस बार 5वां सालाना ''वर्ल्ड ब्रेन डे'' सेलिब्रेट किया जाएगा। इस बार की थीम ''माइग्रेन- द पेनफुल ट्रुथ" है।
जिन लोगों को माइग्रेन या सिर दर्द की समस्या है, उन्हें काजू के सेवन से बचना चाहिए।
माइग्रेन का दर्द कई बार तो कई घंटों तक बना रहता है। माइग्रेन की समस्या अक्सर लोगों में डिप्रेशन, स्ट्रेस और कम नींद की वजह से हो जाती है।
कई तरह के भोजन माइग्रेन से संबंधित सिरदर्द को और ज्यादा खतरनाक बना देते हैं।
अवसाद, काम के दबाव और असंतुलित जीवनशैली के चलते ज्यादातर लोग हो रहे हैं माइग्रेन के शिकार।
कहीं आपको माइग्रेन होने का इनमें से कोई एक कारण तो नहीं है!
माइग्रेन न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। माइग्रेन होने पर कई लक्षण नजर आते हैं जैसे, सिर के एक तरफ तेज दर्द होना। रोशनी और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता महसूस करना। यह एक स्थायी सिरदर्द है, जो माइग्रेन ट्रिगर होने पर होता है।
अधकपारी या माइग्रेन एक क्रॉनिक डिजीज है। माइग्रेन का दर्द आमतौर पर बहुत ही सामान्य होता है, मगर यह दर्द कई बार तीव्र हो जाता है। माइग्रेन की समस्या गंभीर होने के कई कारण हो सकते हैं। डॉ गोसर आशीष रमेश से जानिए माइग्रेन का दर्द बढ़ाने वाले कारक कौन-कौन से हैं।
माइग्रेन की समस्या अधिकतर महिलाओं को होती है। इसका प्रमुख कारण खराब जीवनशैली है। अगर आप माइग्रेन के रोगी हैं, तो अपने खानपान में कुछ जरूरी बदलाव करें। आइए जानते हैं कैसे-
माइग्रेन की समस्या महिलाओं को पीरियड्स के आसपास काफी बढ़ जाती है। पीरियड्स के समय होने वाले हार्मोनल बदलाव T इसकी वजह बनते हैं। ऐसे में, तेज सिरदर्द के साथ उल्टी, कमज़ोरी और भूख ना लगने जैसी कई परेशानियां भी होती हैं। इसीलिए, ऐसे में महिलाएं कोशिश करती हैं कि उनकी इस समस्या की तीव्रता कम रहे।
22 जुलाई को ''वर्ल्ड ब्रेन डे'' (World Brain Day) है। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी (WFN) द्वारा यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है। इस बार 5वां सालाना ''वर्ल्ड ब्रेन डे'' सेलिब्रेट किया जाएगा। इस बार की थीम ''माइग्रेन- द पेनफुल ट्रुथ" है।
जिन लोगों को माइग्रेन या सिर दर्द की समस्या है, उन्हें काजू के सेवन से बचना चाहिए।
माइग्रेन का दर्द कई बार तो कई घंटों तक बना रहता है। माइग्रेन की समस्या अक्सर लोगों में डिप्रेशन, स्ट्रेस और कम नींद की वजह से हो जाती है।
अवसाद, काम के दबाव और असंतुलित जीवनशैली के चलते ज्यादातर लोग हो रहे हैं माइग्रेन के शिकार।
कई तरह के भोजन माइग्रेन से संबंधित सिरदर्द को और ज्यादा खतरनाक बना देते हैं।
कहीं आपको माइग्रेन होने का इनमें से कोई एक कारण तो नहीं है!
माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, बल्कि हर किसी का ट्रिगर अलग होता है। डाइट से इसका क्या कनेक्शन है, एक्सपर्ट्स बताते हैं कुछ चौंकाने वाली बातें।