क्या मेनोपॉज में बढ़ जाती है बवासीर की दिक्कत, ये कारण हैं जिम्मेदार
Piles in Menopause: बवासीर एक आम समस्या है, जो लंबे समय तक कब्ज बने रहने की वजह से हो सकती है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में बवासीर के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।
Piles in Menopause: बवासीर एक आम समस्या है, जो लंबे समय तक कब्ज बने रहने की वजह से हो सकती है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में बवासीर के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एक मेडिकल ट्रीटमेंट है। इस प्रक्रिया में महिला के शरीर में जिन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, उसे दवाओं के रूप में दिया जाता है। डॉ. रुचि श्रीवास्तव बता रही हैं हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) किन महिलाओं के लिए फायदेमंद है।
why is cancer risk increases after menopause in women : मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कैंसर का खतरा बढ़ना एक सच है। आइए डॉक्टर से जानते हैं मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कैंसर का खतरा क्यों (Menopause ke Baad Women me Cancer Kyu Badhta hai) बढ़ाता है।
Menopause Before 35 Years: आमतौर पर मेनोपॉज 45 से 50 साल की उम्र के बीच होता है। लेकिन, आजकल महिलाओं को 35 साल की उम्र में पीरियड्स बंद हो रहे हैं। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
How to Stay Fit in Menopause: मेनोपॉज में हेल्थ चेकअप कराना बहुत जरूरी होता है। इससे आप लंबे समय तक फिट और हेल्दी बने रहेंगे। मेनोपॉज में आपको इन गलतियों को करने से बचना चाहिए।
Perimenopause And Menopause Tips: 45-55 की उम्र के बाद कई महिलाएं मेनोपॉज का सामना करती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए आपका खान-पान अहम भूमिका निभाता है। कैसे? आइए न्यूट्रिशनिस्ट से जानें।
Menopause Kya Hota Hai | मेनोपॉज महिलाओं के शरीर में उम्र के अनुसार होने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसके बारे में हर किसी को जानना जरूरी है ताकि समय के अनुसार स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।
What is Early Menopause: आजकल महिलाओं में समय से पहले अर्ली मेनोपॉज यानी समय से पहले रजोनिवृत्ति के लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जिनके बारे में इस लेख में हेल्थ एक्सपर्ट्स आपको कुछ खास जानकारी देने वाले हैं।
Yoga For Menopause: मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Menopause ke Liye Jadi Buti: अगर आप मेनोपॉज फेज में हैं, तो इन जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं। इनसे आपको काफी राहत मिलेगी।
45 साल की उम्र में महिलाओं को मेनोपॉज हो सकता है। यह महिलाओं के पीरियड्स रूकने की नेचुरल प्रक्रिया है। मेनोपॉज के लक्षण तकरीबन 4-5 वर्ष पहले ही दिखायी देने लगते हैं। इस दौरान महिलाओं को कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स से गुजरना पड़ सकताा है। मेनोपॉज के कुछ ऐसे ही लक्षणों (Menopause Symptoms) के बारे में हम लिख रहे हैं यहां। अगर आपकी मां इन परेशानियों से गुजर रही हैं तो नजरअंदाज ना करें और उन्हें डॉक्टर को दिखाएं।
मेनोपॉज के बाद शरीर में कुछ बदलाव हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है!
Menopause Related Diseases: मेनोपॉज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं को पीरियड्स आने बंद हो जाते हैं। हालांकि, मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने का जोखिम बढ़ जाता है। आइए, जानते हैं इसके बारे में-
Early Menopause Causes: समय से पहले मेनोपॉज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Manopause ke karan: मेेनोपॉज या पीरियड्स बंद होना भले ही नेचुरल प्रक्रिया है लेकिन कई गलतियों की वजह से भी कुछ महिलाओं में अर्ली मेनोपॉज हो सकता है।
क्या पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द हो रहा है या कंसीव करने में परेशानी आ रही है? भारत में कई महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।
खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड्स महिलाओं में PCOS की समस्या का कारण बन रहा है। ऐसे में इससे बचने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इस बारे में-
मेनोपॉज़ के दौरान शरीर में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जिनसे कई महिलाओं को एक खास समस्या का सामना करना पड़ता है। आखिर क्या हैं इसके कारण और कैसे पाई जा सकती है राहत?
Piles in Menopause: बवासीर एक आम समस्या है, जो लंबे समय तक कब्ज बने रहने की वजह से हो सकती है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में बवासीर के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एक मेडिकल ट्रीटमेंट है। इस प्रक्रिया में महिला के शरीर में जिन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, उसे दवाओं के रूप में दिया जाता है। डॉ. रुचि श्रीवास्तव बता रही हैं हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) किन महिलाओं के लिए फायदेमंद है।
why is cancer risk increases after menopause in women : मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कैंसर का खतरा बढ़ना एक सच है। आइए डॉक्टर से जानते हैं मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कैंसर का खतरा क्यों (Menopause ke Baad Women me Cancer Kyu Badhta hai) बढ़ाता है।
Menopause Before 35 Years: आमतौर पर मेनोपॉज 45 से 50 साल की उम्र के बीच होता है। लेकिन, आजकल महिलाओं को 35 साल की उम्र में पीरियड्स बंद हो रहे हैं। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
How to Stay Fit in Menopause: मेनोपॉज में हेल्थ चेकअप कराना बहुत जरूरी होता है। इससे आप लंबे समय तक फिट और हेल्दी बने रहेंगे। मेनोपॉज में आपको इन गलतियों को करने से बचना चाहिए।
Perimenopause And Menopause Tips: 45-55 की उम्र के बाद कई महिलाएं मेनोपॉज का सामना करती हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए आपका खान-पान अहम भूमिका निभाता है। कैसे? आइए न्यूट्रिशनिस्ट से जानें।
Menopause Kya Hota Hai | मेनोपॉज महिलाओं के शरीर में उम्र के अनुसार होने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसके बारे में हर किसी को जानना जरूरी है ताकि समय के अनुसार स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।
What is Early Menopause: आजकल महिलाओं में समय से पहले अर्ली मेनोपॉज यानी समय से पहले रजोनिवृत्ति के लक्षण देखने को मिल रहे हैं, जिनके बारे में इस लेख में हेल्थ एक्सपर्ट्स आपको कुछ खास जानकारी देने वाले हैं।
Yoga For Menopause: मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Menopause Related Diseases: मेनोपॉज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं को पीरियड्स आने बंद हो जाते हैं। हालांकि, मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने का जोखिम बढ़ जाता है। आइए, जानते हैं इसके बारे में-
Early Menopause Causes: समय से पहले मेनोपॉज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
Manopause ke karan: मेेनोपॉज या पीरियड्स बंद होना भले ही नेचुरल प्रक्रिया है लेकिन कई गलतियों की वजह से भी कुछ महिलाओं में अर्ली मेनोपॉज हो सकता है।
Menopause problems: मेनोपॉज महिलाओं के शरीर में एक निश्चित समय पर आने वाली एक नेचुरल कंडीशन है, लेकिन इसके बारे में पर्याप्त जानकारी होना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे महिलाओं को कई मानसिक व शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं।
आम तौर पर यह फेज 40-50 साल की उम्र में शुरू होता है, लेकिन स्मोकिंग करने वाली महिलाओं में ये उम्र कम हो सकती है।
Heart Diseases in Women After Menopause: हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज, संतुलित डाइट, स्ट्रेस फ्री लाइफ और तंबाकू को पूरी तरह से अवॉइड कर महिलाएं मेनोपॉज के बाद हृदय रोग के खतरे को काफी कम कर सकती हैं.
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल में बदलाव आता है। यह बदलाव हार्ट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
मेनोपॉज जैसे-जैसे नजदीक आता है उसके साथ ही उनमें मानसिक दबाव बढ़ सकता है। इस स्थिति को बॉडी डिस्मॉर्फिया कहा जाता है।
मेनोपॉज एक ऐसा समय है जब महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। जिसका असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। इस अवस्था में महिलाओं को गुस्सा आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
Menopause ke Liye Jadi Buti: अगर आप मेनोपॉज फेज में हैं, तो इन जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं। इनसे आपको काफी राहत मिलेगी।
Blood clots during periods : पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉटिंग की परेशानी होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। आइए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से-
आयुर्वेद की मदद से बालों को स्वस्थ रखने के लिए महिलाओं को क्या करना चाहिए, उसी से जुड़ी कुछ टिप्स आप पढ़ सकते हैं यहां।
एक नयी स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि, लॉन्ग कोविड के कुछ 205 लक्षण हैं और यह दुनियाभर के मरीजों में देखे जा रहे हैं। लेकिन, पुरुषों और महिलाओं की सेक्सुल हेल्थ से जुड़े कुछ चौंकानेवाले लक्षण (Long Covid Impact on Sexual Health) भी सामने आए हैं। जिनके बारे में जानकर लोग हैरान रह गए हैं। (New Long Covid Symptoms)
मेनोपॉज़ (Menopause) शुरु होने पर महिलाओं को अचानक वजन बढ़ने, चिड़चिड़ापन, कमज़ोरी, हेयर फॉल और स्किन पर डार्क सर्कल या झाइयां दिखने जैसी परेशानियां होने लगती हैं। (Symptoms of Menopause), इन सबके बीच आपको किस तरह की डायट अपनानी चाहिए, उसके बारे में पढ़ें यहां-
जिम में घंटो एक्सरसाइज करने और डाइट कंट्रोल करने के बाद भी उनके पेट पर जमी चर्बी कम नहीं हो पाती। जबकि कुछ लोगों में तो इसका उल्टा ही असर होता है।
मेनोपॉज की अवस्था में शरीर में कई प्रकार के बदलाव होते हैं, जिससे महिलाओं को तनाव, मूड स्विंग्स और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा नींद की जरूरत होती है। लेकिन क्यों होती है आप जानते हैं ?
ज्यादा अल्कोहल के सेवन के कारण भी आप Early Menopause की शिकार हो सकती हैं!
मेनोपॉज के बाद शरीर में कुछ बदलाव हार्ट हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। सही लाइफस्टाइल अपनाकर इस खतरे को कम किया जा सकता है!
क्या पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द हो रहा है या कंसीव करने में परेशानी आ रही है? भारत में कई महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।
मेनोपॉज़ के दौरान शरीर में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जिनसे कई महिलाओं को एक खास समस्या का सामना करना पड़ता है। आखिर क्या हैं इसके कारण और कैसे पाई जा सकती है राहत?
जिस तरह पीरियड्स को लेकर कई तरह के मिथ होते हैं ठीक उसी तरह मेनोपॉज को लेकर भी कई मिथ हैं जिनके बारे में आपको पहले से ही पता होना चाहिए
दरअसल मेनोपॉज एक महिला को तब होता है जब उसे लगातार 12 महीनों में पीरियड्स नहीं होता है और वह अब स्वाभाविक रूप से गर्भवती नहीं हो सकती है। यह आमतौर पर 45 और 55 की उम्र के बीच शुरू होता है
एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं की सेहत से जुड़ा बहुत खास हार्मोन है फेमिनिटी से जुड़ी कई चीजें इस हार्मोन से प्रभावित होती हैं इसकी कमी से महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है
45 साल की उम्र में महिलाओं को मेनोपॉज हो सकता है। यह महिलाओं के पीरियड्स रूकने की नेचुरल प्रक्रिया है। मेनोपॉज के लक्षण तकरीबन 4-5 वर्ष पहले ही दिखायी देने लगते हैं। इस दौरान महिलाओं को कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स से गुजरना पड़ सकताा है। मेनोपॉज के कुछ ऐसे ही लक्षणों (Menopause Symptoms) के बारे में हम लिख रहे हैं यहां। अगर आपकी मां इन परेशानियों से गुजर रही हैं तो नजरअंदाज ना करें और उन्हें डॉक्टर को दिखाएं।
खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी फूड्स महिलाओं में PCOS की समस्या का कारण बन रहा है। ऐसे में इससे बचने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं इस बारे में-