मलेरिया मुक्त हुआ मिस्र, WHO ने दिया सर्टिफिकेट
मिस्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है, जो प्राचीन काल से चली आ रही एक बीमारी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।
मिस्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है, जो प्राचीन काल से चली आ रही एक बीमारी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।
मलेरिया की रोकथाम के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हीं प्रयासों के तहत R/12 वैक्सीन्स को अफ्रीका भेजा जा रहा है।
Malaria vaccine india मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास वैक्सीन का परीक्षण किया है, जिसके रिजल्ट में पाया कि यह वैक्सीन मलेरिया के खिलाफ 80 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। जानें भारत को कब तक मिलेगी ये वैक्सीन
Malaria vaccine: दुनियाभर में हर साल लाखों लोग मलेरिया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में इस वैक्सीन को दुनिया की सबसे प्रभावी मलेरिया वैक्सीन मानी जा रही है, जिससे लाखों लोग इस बीमारी से बच सकेंगे।
डब्ल्यूएचओ (WHO) के डाटा के अनुसार, 30 से अधिक देशों में हाई मलेरिया वाले स्थान हैं, जहां एक बार मांग बढ़ने पर यह वैक्सीन हर साल 25 मिलियन से अधिक बच्चों को मलेरिया से सुरक्षा दे सकती है.
इस साल भारत में जुलाई से लेकर अभी तक मलेरिया के लगभग 64,500 केस देखने को मिल चुके हैं। इन में से लगभग 35 मृत्यु भी देखने को मिल चुकी हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब एक ऐसी वैक्सीन तैयार कर ली है, जो मलेरिया से सुरक्षा देने में प्रभावी है। डब्लूएचओ ने इस वैक्सीन को RTS,S/AS01 (RTS,S) और Mosquirix नाम दिया है।
मलेरिया की बीमारी (Malaria) दुनियाभर में हर साल 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है. मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया का संक्रमण हृदय रोग, हार्ट फेलियर (Malaria and Heart Failure) का कारण बन सकता है. हाल ही में डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफट यूनिवर्सिटी के पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने एक शोध के हवाले से यह बात कही है. उनका मानना है कि बढ़ते मलेरिया ने दिल की बीमारियों की संभावना को बढ़ा दिया है. अध्ययन के अनुसार मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेलियर की संभावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.
World Malaria Day 2019 : 25 अप्रैल यानी आज दुनियाभर में विश्व मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है। हालांकि मच्छरों का काटना किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है, पर इस बार आपको यह भी जानना चाहिए कि आखिर किस मच्छर के काटने से फैलता है यह खतरनाक रोग।
वर्ल्ड मलेरिया डे पर आप मच्छर से होने वाली इस बीमारी से बचने के उपाय और इलाज के बारे में जान ही रहे हैं लेकिन आपको अगर मच्छर ज्यादा काटते हैं तो फिर सारे उपाय बेकार हो जाते हैं।
मलेरिया होने पर बुखार, सिरदर्द, उल्टी आदि लक्षण मच्छर के काटने के 10 से 15 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं। अगर मलेरिया का तुरंत उपचार न कराया गया तो खतरनाक भी हो जाता है, क्योंकि इस रोग में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त आपूर्ति नहीं हो पाती।
दुनिया का पहला मलेरिया का टीका (MALARIA VACCINE) अफ्रीकी देश मलावी में लॉन्च कर दिया गया है। दुनिया भर में हर साल 4,35,000 को मौत के मुंह में ले जाने वाली इस जानलेवा बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए पिछले 30 वर्षों से इस टीके को लाने के प्रयास चल रहे थे। यह टीका पांच महीने से दो साल तक के बच्चों के लिए विकसित किया गया है।
मिस्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है, जो प्राचीन काल से चली आ रही एक बीमारी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।
मलेरिया की रोकथाम के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हीं प्रयासों के तहत R/12 वैक्सीन्स को अफ्रीका भेजा जा रहा है।
Malaria vaccine india मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास वैक्सीन का परीक्षण किया है, जिसके रिजल्ट में पाया कि यह वैक्सीन मलेरिया के खिलाफ 80 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। जानें भारत को कब तक मिलेगी ये वैक्सीन
Malaria vaccine: दुनियाभर में हर साल लाखों लोग मलेरिया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में इस वैक्सीन को दुनिया की सबसे प्रभावी मलेरिया वैक्सीन मानी जा रही है, जिससे लाखों लोग इस बीमारी से बच सकेंगे।
डब्ल्यूएचओ (WHO) के डाटा के अनुसार, 30 से अधिक देशों में हाई मलेरिया वाले स्थान हैं, जहां एक बार मांग बढ़ने पर यह वैक्सीन हर साल 25 मिलियन से अधिक बच्चों को मलेरिया से सुरक्षा दे सकती है.
इस साल भारत में जुलाई से लेकर अभी तक मलेरिया के लगभग 64,500 केस देखने को मिल चुके हैं। इन में से लगभग 35 मृत्यु भी देखने को मिल चुकी हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब एक ऐसी वैक्सीन तैयार कर ली है, जो मलेरिया से सुरक्षा देने में प्रभावी है। डब्लूएचओ ने इस वैक्सीन को RTS,S/AS01 (RTS,S) और Mosquirix नाम दिया है।
मलेरिया की बीमारी (Malaria) दुनियाभर में हर साल 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित करती है. मच्छरों के कारण होने वाला मलेरिया का संक्रमण हृदय रोग, हार्ट फेलियर (Malaria and Heart Failure) का कारण बन सकता है. हाल ही में डेनमार्क के हार्लेव जेनटोफट यूनिवर्सिटी के पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च फेलो फिलिप ब्रेनिन ने एक शोध के हवाले से यह बात कही है. उनका मानना है कि बढ़ते मलेरिया ने दिल की बीमारियों की संभावना को बढ़ा दिया है. अध्ययन के अनुसार मलेरिया संक्रमण के कारण हार्ट फेलियर की संभावना 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.
World Malaria Day 2019 : 25 अप्रैल यानी आज दुनियाभर में विश्व मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है। हालांकि मच्छरों का काटना किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है, पर इस बार आपको यह भी जानना चाहिए कि आखिर किस मच्छर के काटने से फैलता है यह खतरनाक रोग।
वर्ल्ड मलेरिया डे पर आप मच्छर से होने वाली इस बीमारी से बचने के उपाय और इलाज के बारे में जान ही रहे हैं लेकिन आपको अगर मच्छर ज्यादा काटते हैं तो फिर सारे उपाय बेकार हो जाते हैं।
मलेरिया होने पर बुखार, सिरदर्द, उल्टी आदि लक्षण मच्छर के काटने के 10 से 15 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं। अगर मलेरिया का तुरंत उपचार न कराया गया तो खतरनाक भी हो जाता है, क्योंकि इस रोग में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त आपूर्ति नहीं हो पाती।
दुनिया का पहला मलेरिया का टीका (MALARIA VACCINE) अफ्रीकी देश मलावी में लॉन्च कर दिया गया है। दुनिया भर में हर साल 4,35,000 को मौत के मुंह में ले जाने वाली इस जानलेवा बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए पिछले 30 वर्षों से इस टीके को लाने के प्रयास चल रहे थे। यह टीका पांच महीने से दो साल तक के बच्चों के लिए विकसित किया गया है।