मलेरिया मुक्त हुआ मिस्र, WHO ने दिया सर्टिफिकेट
मिस्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है, जो प्राचीन काल से चली आ रही एक बीमारी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।
मिस्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है, जो प्राचीन काल से चली आ रही एक बीमारी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।
इस साल भारत में जुलाई से लेकर अभी तक मलेरिया के लगभग 64,500 केस देखने को मिल चुके हैं। इन में से लगभग 35 मृत्यु भी देखने को मिल चुकी हैं।
कोलकाता में बिना बुखार के मलेरिया का एक केस पाया गया है। डॉक्टरों का क्या कहना है इस अजीब बीमारी के बारे में
मच्छरों से बचने के लिए जरूरी है कि आप अपने आसपास साफ सफाई रखें, शरीर को पूरी तरह से ढक कर सोएं, मच्छरदानी का प्रयोग करें और अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखें।
Malaria, Dengue, And Covid-19 At Same Time: कोरोना के दौर में वायरस के कई वेरिएंट हमारे आसपास है, इसलिए हमें काफी सावधान रहने की जरूरत है.
कोरोना वायरस महामारी के प्रति जागरूकता के चलते उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में इस साल डेंगू-मलेरिया (Dengue-Malaria) के एक भी केस सामने नहीं आये हैं.
मलेरिया रोग को पैदा करने वाले एनाफिलीज मच्छर (Anopheles Mosquito) का रंग काला या डार्क ब्राउन होता है। इसके अलावा इस मच्छर की सबसे बड़ी पहचान इनकी टांगे लंबी होती हैं और इनमें पैरों पर सफेद और काली रंग की धारियां होती हैं।
मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एनोफेलिन मच्छरों के काटने से फैलती है। मलेरिया से पीड़ित रोगियों की रक्त प्लेटलेट कम हो जाती है जिसके कारण उन्हें कमजोरी, बुखार और मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। मलेरिया के लिए विशेष रूप से कोई डाइट नहीं है, लेकिन अपनी डाइट को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त पोषण महत्वपूर्ण है। अगर आप या आपके घर में कोई भी व्यक्ति मलेरिया की चपेट में आ गया है तो हम उसे तेजी से ठीक होने के लिए यहां कुछ ऐसी डाइट ट्रिक्स बता रहे हैं, जो उन्हें जल्दी से ठीक होने में मदद करेंगी।
शोध के मुताबिक मलेरिया फैलाने वाले मच्छर अब और भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो गए हैं। लंबे समय से दवाओं का मुकाबला कर रहे इन मच्छरों में दवा प्रतिरोधी तत्व पैदा हो गए हैं। दक्षिण पूर्व एशिया में इन मच्छरों की तादात बढ़ रही है।
दुनिया का पहला मलेरिया का टीका (MALARIA VACCINE) अफ्रीकी देश मलावी में लॉन्च कर दिया गया है। दुनिया भर में हर साल 4,35,000 को मौत के मुंह में ले जाने वाली इस जानलेवा बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए पिछले 30 वर्षों से इस टीके को लाने के प्रयास चल रहे थे। यह टीका पांच महीने से दो साल तक के बच्चों के लिए विकसित किया गया है।
दक्षिणी कन्नड़ के डिस्ट्रिक्ट वेक्टर-बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि जिले में इस वर्ष मलेरिया के मामले में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
ज्यादातर लोग जब बुखार और शरीर में दर्द होता है तो खुद ही कोई दर्द और बुखार की दवा या ब्रूफेन की गोली खा लेते हैं।
भारत ने 2027 तक मलेरिया मुक्त होने और 2030 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मिस्र को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया मुक्त घोषित कर दिया है, जो प्राचीन काल से चली आ रही एक बीमारी के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है।
इस साल भारत में जुलाई से लेकर अभी तक मलेरिया के लगभग 64,500 केस देखने को मिल चुके हैं। इन में से लगभग 35 मृत्यु भी देखने को मिल चुकी हैं।
कोलकाता में बिना बुखार के मलेरिया का एक केस पाया गया है। डॉक्टरों का क्या कहना है इस अजीब बीमारी के बारे में
मच्छरों से बचने के लिए जरूरी है कि आप अपने आसपास साफ सफाई रखें, शरीर को पूरी तरह से ढक कर सोएं, मच्छरदानी का प्रयोग करें और अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखें।
कोरोना वायरस महामारी के प्रति जागरूकता के चलते उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में इस साल डेंगू-मलेरिया (Dengue-Malaria) के एक भी केस सामने नहीं आये हैं.
मलेरिया रोग को पैदा करने वाले एनाफिलीज मच्छर (Anopheles Mosquito) का रंग काला या डार्क ब्राउन होता है। इसके अलावा इस मच्छर की सबसे बड़ी पहचान इनकी टांगे लंबी होती हैं और इनमें पैरों पर सफेद और काली रंग की धारियां होती हैं।
मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एनोफेलिन मच्छरों के काटने से फैलती है। मलेरिया से पीड़ित रोगियों की रक्त प्लेटलेट कम हो जाती है जिसके कारण उन्हें कमजोरी, बुखार और मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। मलेरिया के लिए विशेष रूप से कोई डाइट नहीं है, लेकिन अपनी डाइट को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त पोषण महत्वपूर्ण है। अगर आप या आपके घर में कोई भी व्यक्ति मलेरिया की चपेट में आ गया है तो हम उसे तेजी से ठीक होने के लिए यहां कुछ ऐसी डाइट ट्रिक्स बता रहे हैं, जो उन्हें जल्दी से ठीक होने में मदद करेंगी।
शोध के मुताबिक मलेरिया फैलाने वाले मच्छर अब और भी ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो गए हैं। लंबे समय से दवाओं का मुकाबला कर रहे इन मच्छरों में दवा प्रतिरोधी तत्व पैदा हो गए हैं। दक्षिण पूर्व एशिया में इन मच्छरों की तादात बढ़ रही है।
दुनिया का पहला मलेरिया का टीका (MALARIA VACCINE) अफ्रीकी देश मलावी में लॉन्च कर दिया गया है। दुनिया भर में हर साल 4,35,000 को मौत के मुंह में ले जाने वाली इस जानलेवा बीमारी से बच्चों को बचाने के लिए पिछले 30 वर्षों से इस टीके को लाने के प्रयास चल रहे थे। यह टीका पांच महीने से दो साल तक के बच्चों के लिए विकसित किया गया है।
दक्षिणी कन्नड़ के डिस्ट्रिक्ट वेक्टर-बॉर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि जिले में इस वर्ष मलेरिया के मामले में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
ज्यादातर लोग जब बुखार और शरीर में दर्द होता है तो खुद ही कोई दर्द और बुखार की दवा या ब्रूफेन की गोली खा लेते हैं।
भारत ने 2027 तक मलेरिया मुक्त होने और 2030 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Malaria, Dengue, And Covid-19 At Same Time: कोरोना के दौर में वायरस के कई वेरिएंट हमारे आसपास है, इसलिए हमें काफी सावधान रहने की जरूरत है.