बलगम के रंगों से जानिए फेफड़े की सेहत, इस रंग का है कफ तो समझ लीजिए फेफड़ा हो गया है खराब
Phlegm Color Indication: बलगम का कलर इस बात की ओर इशारा करता है कि आपके फेफड़ों का स्वास्थ्य कैसा है? आइये बलगम के रंगों से जानते हैं अपने फेफड़ों की सेहत!
Phlegm Color Indication: बलगम का कलर इस बात की ओर इशारा करता है कि आपके फेफड़ों का स्वास्थ्य कैसा है? आइये बलगम के रंगों से जानते हैं अपने फेफड़ों की सेहत!
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि सुपर म्यूटेंट वेरिएंट फेफड़ों के निचले हिस्सों में उतना नहीं होता है, जिसका मतलब है कि यह कम नुकसान पहुंचाता है।
Chest Pain symptom in coronavirus: जानें किन कारणों से कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों में हो रहा है चेस्ट पेन यानी सीने में दर्द।
फेफड़ों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए हम आपको कुछ आयुर्वेदिक तरीके (ayurvedic ways to protect your lungs in hindi) बता रहे हैं। इन्हें फॉलो करे से कफ दोष (kapha dosha) भी कम होता है।
सीओपीडी में फेफड़ों की क्षमता एवं फेफड़ों का कार्य प्रभावित होता है। इसका निदान फेफड़ों के फंक्शन टेस्ट द्वारा होता है। फेफड़ों के फंक्शन टेस्ट का सबसे आम तरीका स्पाईरोमीट्री है।
Lungs Cleaning Naturally: फेफड़ों को डिटॉक्स करने और पॉल्यूशन को बाहर निकालने का आयुर्वेदिक तरीका क्या है? यह जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा से बात की, जिसके बारे में उन्होंने हमें विस्तार से बताया है।
जानी-मानी आयुर्वेदा एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा से जानिए पॉल्यूशन से फेफड़ों को सुरक्षित रखने के उपाय क्या हैं।
क्या आप जानते हैं कि सर्दी के मौसम में अपने फेफड़ों को आयुर्वेदिक उपचार से भी स्वस्थ रख सकते हैं। जानिए कैसे।
हाल ही में कोरोनावायरस को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है कि इस वायरस से संक्रमण के बाद भी आप के फेफड़े सही हो सकते हैं जानिए विस्तार से।
आज के हमारे इस खास लेख के जरिये हम आपको बताएंगे कि हम ऐसा क्या खाएं जिससे हमारे फेफड़े स्वस्थ रहें।
समय रहते इलाज के लिए फेफड़ों के कैंसर की जांच या स्क्रीनिंग (Lungs Cancer Sign) बहुत ही जरूरी है। लेकिन इससे पहले आपको यह जानने की आवश्यकता है कि लंग्स कैंसर (Sanjay Dutt diagnosed with lung cancer) होने का खतरा किन व्यक्तियों को सबसे अधिक होता है और किन्हें स्क्रीनिंग की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में-
कोरोनावायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी हो गया है। कोरोना फेफड़े पर सबसे पहले अटैक करता है, इसके अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखें। आइए जानते हैं कुछ ऐसे फूड्स जिससे आपके फेफड़े रहेंगे स्वस्थ-
दिवाली के समय वायु प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है. ऐसे में फेफड़ों की सफाई बेहद जरूरी हो जाती है. अगर आप अपनी जीवनशैली में इन बातों को अपना लें तो दिवाली के वायु प्रदूषण में भी अपने लंग्स को सुरक्षित रख सकते हैं.
अभी तक यह फैलाया जा रहा था कि ई-सिगरेट अन्य धूम्रपान संबंधी चीजों जैसे बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू से कम हानिकारक है। जबकि टीनेजर्स और युवाओं में ई-सिगरेट की बढ़ती लत के बीच यह सामने आ रहा है कि यह भी बहुत खतरनाक है।
डेढ़ लाख लोगों पर की गई रिसर्च में यह सामने आया है कि जो लोग स्मोकिंग करते हैं वे अपनी उम्र से पंद्रह-बीस साल ज्यादा दिखते हैं, असामयिक मौतों का एक बड़ा कारण स्मोकिंग की लत है।
पिछले 11 साल में भारतीय युवाओं में शराब की खपत दोगुनी हो गई है, इसके अलावा वे तनाव से निजात पाने के लिए कई तरह के गंभीर नशे भी करने लगे हैं।
पीएम 10 और पीएम 2.5 का लेवल खतरे के निशान से भी ऊपर जा पहुंचा है। इसकी वजह से लोगों में निमोनिया का खतरा बहुत बढ़ गया है।
मुंह खोलने और गहरी सांस लेने की यह अनैच्छिक प्रक्रिया बुरी चीज तो नहीं है, पर कई अलग स्थितियों का संकेत हो सकती है।
Phlegm Color Indication: बलगम का कलर इस बात की ओर इशारा करता है कि आपके फेफड़ों का स्वास्थ्य कैसा है? आइये बलगम के रंगों से जानते हैं अपने फेफड़ों की सेहत!
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का मानना है कि सुपर म्यूटेंट वेरिएंट फेफड़ों के निचले हिस्सों में उतना नहीं होता है, जिसका मतलब है कि यह कम नुकसान पहुंचाता है।
सीओपीडी में फेफड़ों की क्षमता एवं फेफड़ों का कार्य प्रभावित होता है। इसका निदान फेफड़ों के फंक्शन टेस्ट द्वारा होता है। फेफड़ों के फंक्शन टेस्ट का सबसे आम तरीका स्पाईरोमीट्री है।
Lungs Cleaning Naturally: फेफड़ों को डिटॉक्स करने और पॉल्यूशन को बाहर निकालने का आयुर्वेदिक तरीका क्या है? यह जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा से बात की, जिसके बारे में उन्होंने हमें विस्तार से बताया है।
क्या आप जानते हैं कि सर्दी के मौसम में अपने फेफड़ों को आयुर्वेदिक उपचार से भी स्वस्थ रख सकते हैं। जानिए कैसे।
हाल ही में कोरोनावायरस को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है कि इस वायरस से संक्रमण के बाद भी आप के फेफड़े सही हो सकते हैं जानिए विस्तार से।
आज के हमारे इस खास लेख के जरिये हम आपको बताएंगे कि हम ऐसा क्या खाएं जिससे हमारे फेफड़े स्वस्थ रहें।
समय रहते इलाज के लिए फेफड़ों के कैंसर की जांच या स्क्रीनिंग (Lungs Cancer Sign) बहुत ही जरूरी है। लेकिन इससे पहले आपको यह जानने की आवश्यकता है कि लंग्स कैंसर (Sanjay Dutt diagnosed with lung cancer) होने का खतरा किन व्यक्तियों को सबसे अधिक होता है और किन्हें स्क्रीनिंग की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में-
दिवाली के समय वायु प्रदूषण बहुत बढ़ जाता है. ऐसे में फेफड़ों की सफाई बेहद जरूरी हो जाती है. अगर आप अपनी जीवनशैली में इन बातों को अपना लें तो दिवाली के वायु प्रदूषण में भी अपने लंग्स को सुरक्षित रख सकते हैं.
अभी तक यह फैलाया जा रहा था कि ई-सिगरेट अन्य धूम्रपान संबंधी चीजों जैसे बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू से कम हानिकारक है। जबकि टीनेजर्स और युवाओं में ई-सिगरेट की बढ़ती लत के बीच यह सामने आ रहा है कि यह भी बहुत खतरनाक है।
डेढ़ लाख लोगों पर की गई रिसर्च में यह सामने आया है कि जो लोग स्मोकिंग करते हैं वे अपनी उम्र से पंद्रह-बीस साल ज्यादा दिखते हैं, असामयिक मौतों का एक बड़ा कारण स्मोकिंग की लत है।
पिछले 11 साल में भारतीय युवाओं में शराब की खपत दोगुनी हो गई है, इसके अलावा वे तनाव से निजात पाने के लिए कई तरह के गंभीर नशे भी करने लगे हैं।
पीएम 10 और पीएम 2.5 का लेवल खतरे के निशान से भी ऊपर जा पहुंचा है। इसकी वजह से लोगों में निमोनिया का खतरा बहुत बढ़ गया है।
मुंह खोलने और गहरी सांस लेने की यह अनैच्छिक प्रक्रिया बुरी चीज तो नहीं है, पर कई अलग स्थितियों का संकेत हो सकती है।
मेडिकल क्षेत्र में इसका इस्तेमाल केमिकल, दवाओं या सांप के काटने पर किया जाता है। एक्टिवेटेड चारकोल नार्मल से अलग तरह का होता है।
फ्री रेडिकल्स हानिकारक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को हानि पहुंचाते हैं।
देश के कुछ शहरों में प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि वह आम आदमी को ही नहीं, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है। इससे बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
एक रिसर्च के अनुसार स्मोंकिंग छोड़ने के 15 साल बाद भी लंग्स कैंसर होने का खतरा रहता है।
Chest Pain symptom in coronavirus: जानें किन कारणों से कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों में हो रहा है चेस्ट पेन यानी सीने में दर्द।
फेफड़ों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए हम आपको कुछ आयुर्वेदिक तरीके (ayurvedic ways to protect your lungs in hindi) बता रहे हैं। इन्हें फॉलो करे से कफ दोष (kapha dosha) भी कम होता है।
जानी-मानी आयुर्वेदा एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा से जानिए पॉल्यूशन से फेफड़ों को सुरक्षित रखने के उपाय क्या हैं।
कोरोनावायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ रखना बहुत ही जरूरी हो गया है। कोरोना फेफड़े पर सबसे पहले अटैक करता है, इसके अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखें। आइए जानते हैं कुछ ऐसे फूड्स जिससे आपके फेफड़े रहेंगे स्वस्थ-