लम्पी डिजिज से प्रभावित इन 7 जिलों में लगा पशु लॉक डाउन, विशेष गाइडलाइंस जारी
लम्पी डिजिज के खतरे को देखते हुए राज्य में जानवरों की आवाजाही से जुड़ी नयी गाइडलाइंस जारी की गयी हैं। वहीं, पशु मेलों पर भी पाबंदी लगा दी गयी है।
लम्पी डिजिज के खतरे को देखते हुए राज्य में जानवरों की आवाजाही से जुड़ी नयी गाइडलाइंस जारी की गयी हैं। वहीं, पशु मेलों पर भी पाबंदी लगा दी गयी है।
लम्पी स्किन डिजिज एक संक्रामक बीमारी है जिसमें संक्रमित जानवरों की मौत भी हो जाती है। वहीं, जानवरों के सम्पर्क में आने से ये बीमारी इंसानों में फैल सकती है।
अपर मुख्य सचिव, पशुधन, डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में 1 करोड़ 50 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
राजस्थान अब तक वायरस से संक्रमित लगभग 14 लाख जानवरों के साथ सबसे खराब स्थिति का सामना कर रहा है, जिनमें से 64,000 की मौत हो चुकी है। राजस्थान के बाद पंजाब है, जिसमें 1,73,159 संक्रमित जानवर हैं, जिनमें से 17,200 की मौत हो चुकी है और मृत्यु दर 10 प्रतिशत से अधिक है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भार में अब तक 75 हजार से अधिक पशुओं में लम्पी स्किन की बीमारी की पुष्टि की जा चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र के 17 जिलों में कुल 352 पशु संक्रमित हो चुके हैं।
Lumpy skin disease in hindi: भारत में लम्पी स्किन डिजीज तेजी से फैल रहा है, जिससे निपटने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जानें भारत में लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति क्या है।
लंपी स्किन डिजीज एक संक्रामक वायरल रोग है जो मवेशियों के बीच मच्छरों, मक्खियों, जूँ और ततैया के संपर्क में आने से फैलता है, साथ ही साथ यह दूषित भोजन और पानी से ही फैल सकता है। वहीं इस रोग के दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अभी तक 173 मामले सामने आए हैं, जिसके चलते अब दिल्ली सरकार टीकाकरण रणनीति अपनाने जा रही है।
Lumpy Virus Cow: लंपी वायरस एक ऐसा वायरस है जो पशुओं को संक्रमित कर रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी लंपी वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
Lumpy Skin Disease: राजस्थान में लंपी वायरस के टीकाकरण की शुरुआत हो गई है। पर वायरस से बचाव के लिए व्यापक तौर पर टीकाकरण करवाने की जरुरत है।
गाय के दूध का उत्पादन जानवर से होता है और सोया का दूध एक पौधे से निकलता है। गाय के दूध में लैक्टोज़ होता है जबकि सोया दूध 100% लैक्टोज़ फ्री होता है। सोया का दूध शाकाहारी लोगों के लिए एक शाकाहारी दूध का विकल्प है जबकि गाय का दूध जानवर का ही दूध होता है। गाय के दूध में लैक्टोज़ होता है जिससे कुछ लोग इससे एलर्जी होती है जबकि सोया दूध में ऐसा नहीं होता है। गाय के दूध में कैल्शियम होता है जो बढ़ते बच्चों के लिए ज़रूरी है जबकि सोया दूध में प्रोटीन, वसा और कार्बोहायड्रेट होता है।
लम्पी डिजिज के डर से राजस्थान में लोगों ने अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने और लम्पी डिजिज से बचने के लिए दूध पीना छोड़ दिया है और काली चाय पीना शुरू कर रहे हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लंपी स्किन रोग के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों को जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं,और संक्रमण से बचने के लिए गौशालाओं की साफ-सफाई, सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव, फॉगिंग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए हैं।
लंपी त्वचा रोग के लक्षणों की बात करें तो इसमें बुखार, अंगों में सूजन, आंखों से पानी आना और लार का स्राव शामिल है।
Lumpy virus outbreak: लंपी वायरस के मामले भारत के कई राज्यों में बढ़ गए हैं। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश के जिलों में भी इस वायरस से मवेशियों के बीमार होने की खबर आ रही है।
Goat pox vaccine: लंपी स्किन डिजीज यानी एलएसडी (LSD) का प्रकोर अब भारत के कई राज्यों में फैल चुका है। स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने गुजरात, राजस्थान और पंजाब को गोट पॉक्स वैक्सीन की 28 लाख खुराक सप्लाई की हैं।
यह बीमारी चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि, लम्पी वायरस स्किन डिजिज में जो लक्षण दिखायी देते है वह मनुष्यों में दिखने वाले मंकीपॉक्स के लक्षणों से काफी मिलते-जुलते हैं।
मंकी पॉक्स जैसा यह वायरस मच्छरों, मक्खियों, जूं एवं ततैयों के कारण फैलता है। इसे हम 'गांठदार त्वचा रोग वायरस' भी कहते हैं। यह मवेशियों के सीधे संपर्क में आने और दूषित भोजन एवं पानी से फैलती है। इस बीमारी से बचने और इसे रोकने के लिए अभी तक 2.68 लाख पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।
लम्पी डिजिज के खतरे को देखते हुए राज्य में जानवरों की आवाजाही से जुड़ी नयी गाइडलाइंस जारी की गयी हैं। वहीं, पशु मेलों पर भी पाबंदी लगा दी गयी है।
लम्पी स्किन डिजिज एक संक्रामक बीमारी है जिसमें संक्रमित जानवरों की मौत भी हो जाती है। वहीं, जानवरों के सम्पर्क में आने से ये बीमारी इंसानों में फैल सकती है।
अपर मुख्य सचिव, पशुधन, डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में 1 करोड़ 50 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
राजस्थान अब तक वायरस से संक्रमित लगभग 14 लाख जानवरों के साथ सबसे खराब स्थिति का सामना कर रहा है, जिनमें से 64,000 की मौत हो चुकी है। राजस्थान के बाद पंजाब है, जिसमें 1,73,159 संक्रमित जानवर हैं, जिनमें से 17,200 की मौत हो चुकी है और मृत्यु दर 10 प्रतिशत से अधिक है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भार में अब तक 75 हजार से अधिक पशुओं में लम्पी स्किन की बीमारी की पुष्टि की जा चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र के 17 जिलों में कुल 352 पशु संक्रमित हो चुके हैं।
Lumpy skin disease in hindi: भारत में लम्पी स्किन डिजीज तेजी से फैल रहा है, जिससे निपटने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जानें भारत में लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति क्या है।
Lumpy Virus Cow: लंपी वायरस एक ऐसा वायरस है जो पशुओं को संक्रमित कर रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी लंपी वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
Lumpy Skin Disease: राजस्थान में लंपी वायरस के टीकाकरण की शुरुआत हो गई है। पर वायरस से बचाव के लिए व्यापक तौर पर टीकाकरण करवाने की जरुरत है।
लम्पी डिजिज के डर से राजस्थान में लोगों ने अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने और लम्पी डिजिज से बचने के लिए दूध पीना छोड़ दिया है और काली चाय पीना शुरू कर रहे हैं।
Lumpy virus outbreak: लंपी वायरस के मामले भारत के कई राज्यों में बढ़ गए हैं। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश के जिलों में भी इस वायरस से मवेशियों के बीमार होने की खबर आ रही है।
Goat pox vaccine: लंपी स्किन डिजीज यानी एलएसडी (LSD) का प्रकोर अब भारत के कई राज्यों में फैल चुका है। स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने गुजरात, राजस्थान और पंजाब को गोट पॉक्स वैक्सीन की 28 लाख खुराक सप्लाई की हैं।
यह बीमारी चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि, लम्पी वायरस स्किन डिजिज में जो लक्षण दिखायी देते है वह मनुष्यों में दिखने वाले मंकीपॉक्स के लक्षणों से काफी मिलते-जुलते हैं।
लंपी स्किन डिजीज एक संक्रामक वायरल रोग है जो मवेशियों के बीच मच्छरों, मक्खियों, जूँ और ततैया के संपर्क में आने से फैलता है, साथ ही साथ यह दूषित भोजन और पानी से ही फैल सकता है। वहीं इस रोग के दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अभी तक 173 मामले सामने आए हैं, जिसके चलते अब दिल्ली सरकार टीकाकरण रणनीति अपनाने जा रही है।
गाय के दूध का उत्पादन जानवर से होता है और सोया का दूध एक पौधे से निकलता है। गाय के दूध में लैक्टोज़ होता है जबकि सोया दूध 100% लैक्टोज़ फ्री होता है। सोया का दूध शाकाहारी लोगों के लिए एक शाकाहारी दूध का विकल्प है जबकि गाय का दूध जानवर का ही दूध होता है। गाय के दूध में लैक्टोज़ होता है जिससे कुछ लोग इससे एलर्जी होती है जबकि सोया दूध में ऐसा नहीं होता है। गाय के दूध में कैल्शियम होता है जो बढ़ते बच्चों के लिए ज़रूरी है जबकि सोया दूध में प्रोटीन, वसा और कार्बोहायड्रेट होता है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लंपी स्किन रोग के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों को जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं,और संक्रमण से बचने के लिए गौशालाओं की साफ-सफाई, सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव, फॉगिंग की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए हैं।
लंपी त्वचा रोग के लक्षणों की बात करें तो इसमें बुखार, अंगों में सूजन, आंखों से पानी आना और लार का स्राव शामिल है।
मंकी पॉक्स जैसा यह वायरस मच्छरों, मक्खियों, जूं एवं ततैयों के कारण फैलता है। इसे हम 'गांठदार त्वचा रोग वायरस' भी कहते हैं। यह मवेशियों के सीधे संपर्क में आने और दूषित भोजन एवं पानी से फैलती है। इस बीमारी से बचने और इसे रोकने के लिए अभी तक 2.68 लाख पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।