मुंबई पहुंची लम्पी स्किन डिजिज, 2 पालतू पशुओं में संक्रमण की पुष्टि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भार में अब तक 75 हजार से अधिक पशुओं में लम्पी स्किन की बीमारी की पुष्टि की जा चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र के 17 जिलों में कुल 352 पशु संक्रमित हो चुके हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भार में अब तक 75 हजार से अधिक पशुओं में लम्पी स्किन की बीमारी की पुष्टि की जा चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र के 17 जिलों में कुल 352 पशु संक्रमित हो चुके हैं।
यह बीमारी चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि, लम्पी वायरस स्किन डिजिज में जो लक्षण दिखायी देते है वह मनुष्यों में दिखने वाले मंकीपॉक्स के लक्षणों से काफी मिलते-जुलते हैं।
मंकी पॉक्स जैसा यह वायरस मच्छरों, मक्खियों, जूं एवं ततैयों के कारण फैलता है। इसे हम 'गांठदार त्वचा रोग वायरस' भी कहते हैं। यह मवेशियों के सीधे संपर्क में आने और दूषित भोजन एवं पानी से फैलती है। इस बीमारी से बचने और इसे रोकने के लिए अभी तक 2.68 लाख पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भार में अब तक 75 हजार से अधिक पशुओं में लम्पी स्किन की बीमारी की पुष्टि की जा चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र के 17 जिलों में कुल 352 पशु संक्रमित हो चुके हैं।
यह बीमारी चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि, लम्पी वायरस स्किन डिजिज में जो लक्षण दिखायी देते है वह मनुष्यों में दिखने वाले मंकीपॉक्स के लक्षणों से काफी मिलते-जुलते हैं।
मंकी पॉक्स जैसा यह वायरस मच्छरों, मक्खियों, जूं एवं ततैयों के कारण फैलता है। इसे हम 'गांठदार त्वचा रोग वायरस' भी कहते हैं। यह मवेशियों के सीधे संपर्क में आने और दूषित भोजन एवं पानी से फैलती है। इस बीमारी से बचने और इसे रोकने के लिए अभी तक 2.68 लाख पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।