
डाइट में शामिल करें फाइबर से भरपूर फूड्स, नहीं होंगी ये बीमारियां
फाइबर हमें ढेर सारे आहारों से मिलता है और इसका सेवन हमें रोज करना चाहिए। फाइबर वाले आहारों का सेवन करने से आप इन खतरनाक बीमारियों से बचे रह सकते हैं।

फाइबर हमें ढेर सारे आहारों से मिलता है और इसका सेवन हमें रोज करना चाहिए। फाइबर वाले आहारों का सेवन करने से आप इन खतरनाक बीमारियों से बचे रह सकते हैं।

जिम में घंटों पसीना भी बहाते हैं। पर इसके बावजूद वजन कम नहीं होता। क्या आप जानते हैं कि वजन कम न होने के पीछे आपकी कुछ डायट मिस्टेक्स भी हो सकती हैं।

बहुत से लोग जो पेट, जांघों और हिप्स पर जमे फैट को घटा नहीं पाते, इसे छिपाने की कोशिश करने लगते हैं। उससे फैट छिपने की बजाए सेहत के लिए कई नुकसानदायक प्रभाव छोड़ने लगता है।

ये मत सोचिये की स्तनपान कराने से आप के स्तन लटक जायेंगे या उनका आकार बिगड़ जाएगा, बल्कि स्तनपान कराने से आप का वजन कम होता है और पेट अंदर जाता है।

शायद आपको पता नहीं कि दही की तासीर गर्म मानी गई है। साथ ही पाचन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए दही सबसे उत्तम आहार है।

फ्रिक्वेंटली डाइट लेने वालों की तुलना में ऐसे लोग तेजी से वेट लूज करते हैं जो स्नैक्स को लेने से बचते हैं। इसलिए खाने की सही टाइमिंग और थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाते रहना आपके वेट लॉस की कुंजी हो सकती है।

यदि आप मोटापे की समस्या से छुटकारा चाहती हैं तो आप बैठकर काम करने की बजाय खड़े होकर काम करना शुरू कर दें।

कई तरह के पोषक तत्वों और खनिजों से भरपूर स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है मैकाडामिया नट्स, एक स्वस्थ व्यक्ति हर रोज 28 ग्राम नट्स का सेवन कर सकता है।

अपनी डाइट में इन फलों को नियमित रूप से शामिल करें, वजन जरूर होगा कम।

भटूरे के साथ परोसे जाने वाले छोले यानी काबुली चने अपने पोषण तत्वों में खास होते हैं, जिनके सेवन से वजन कम होने के साथ और भी कई फायदे मिलते हैं।

आप सैर पर नहीं जा पाते या फिर आपको दिनभर बैठे रहना पड़ता है या आपको भूख बहुत अधिक लगती है तो ऐसे में योगा से आप फिट रह सकते हैं।

जो लोग मोटे हैं, उन्हें परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट के सेवन को सीमित करने का लक्ष्य रखना चाहिए क्योंकि वे रक्त शर्करा के स्तर और इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं। इंसुलिन प्रतिरोध वाले लोगों में, इस वृद्धि से आगे वजन बढ़ सकता है।

ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि एक्सरसाइज करने से भूख बढ़ती है। वेट लिफ्टिंग करने से भूख अधिक लगने लगती है और इससे आपके वजन घटाने के लक्ष्य में बाधा आ सकती है।

तनाव कम करने और दिमाग को शांत करने के लिए आपको नटराजासन का अभ्यास करना चाहिए।

अगर आप सही मात्रा में भोजन करते हैं तो आपका शरीर ऊर्जावान रहता है। साथ ही आप जल्दी उठ जाते हैं और आपको ऊर्जावान रहने के लिए पूरे दिन कॉफी की जरूरत भी नहीं होती है।

खाने के बीच में एक-एक घूंट पानी पीते रहना चाहिए। इससे खाना और मुलायम हो जाता है, जिसे पेट के लिए पचाना आसान हो जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करने से हृदय रोग, स्ट्रोक, ब्रेन डिजीज यहां तक कि किडनी फेलियर भी हो सकता है। यदि आप एक दिन में कम से कम एक केला खाएं तो रक्तचाप में वृद्धि को नियंत्रित कर सकते हैं।

आप बच्चे को जन्म देने के बाद पीने के लिए सिर्फ गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें। क्योंकि गर्म पानी ना केवल पेट कम करता है बल्कि यह बॉडी को मोटा होने से भी बचाता है।

नियमित रूप से अलसी का काढ़ा पीने से कब्ज, पेट दर्द, पेट में मरोड़ जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

तेजी से वजन घटाने के लिए जरूरी है कि आप एक्सरसाइज शुरू कर दें। शुरुआत में चाहे आप एक्सरसाइज कम करें लेकिन बाद में इसका समय बढ़ा दें।

मेंटेन रखना है कम वजन, तो ज्यादा न खाएं ये पांच चीजें

कमर और पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकते हैं ये आसान उपाय।

रिसर्च में यह साबित हुआ है कि पानी पीने से मेटाबॉलिज्म फास्ट होता है और कैलोरीज फास्ट बर्न होती है।

अध्ययन में कहा गया है कि जब कोई व्यक्ति सुबह की अपेक्षा दोपहर के वक्त आराम करता है, तो कैलरी अधिक बर्न होती है।

हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करने से हृदय रोग, स्ट्रोक, ब्रेन डिजीज यहां तक कि किडनी फेलियर भी हो सकता है। यदि आप एक दिन में कम से कम एक केला खाएं तो रक्तचाप में वृद्धि को नियंत्रित कर सकते हैं।

आप बच्चे को जन्म देने के बाद पीने के लिए सिर्फ गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें। क्योंकि गर्म पानी ना केवल पेट कम करता है बल्कि यह बॉडी को मोटा होने से भी बचाता है।

नियमित रूप से अलसी का काढ़ा पीने से कब्ज, पेट दर्द, पेट में मरोड़ जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

तेजी से वजन घटाने के लिए जरूरी है कि आप एक्सरसाइज शुरू कर दें। शुरुआत में चाहे आप एक्सरसाइज कम करें लेकिन बाद में इसका समय बढ़ा दें।

कमर और पेट की चर्बी को कम करने में मदद कर सकते हैं ये आसान उपाय।

रिसर्च में यह साबित हुआ है कि पानी पीने से मेटाबॉलिज्म फास्ट होता है और कैलोरीज फास्ट बर्न होती है।

अध्ययन में कहा गया है कि जब कोई व्यक्ति सुबह की अपेक्षा दोपहर के वक्त आराम करता है, तो कैलरी अधिक बर्न होती है।

स्किम मिल्क में काफी कम मात्रा में फैट होता है इसलिए इसे नॉन-फैट मिल्क भी कहा जाता है।

प्रोटीन की कमी को दूर करने वाला पी प्रोटीन मिल्क शाकाहारी व लैक्टोज इनटाॅलरेंट के लिए है बेहतर विकल्प।

फ्रूट सलाद, जूस, शेक या सैंडविच बनाकर, जिस तरह से भी आप फलों का सेवन करेंगे, वजन कम होगा।

अगर लौकी का जूस पीकर बोर हो गए हैं, तो लौकी का उबालकर उसमें नमक मिलाकर खाने से भी वजन कम होता है।

हमेशा फिट और स्लिम-ट्रिम रहना चाहते हैं, तो अपने लिए किसी अच्छी डायटिशियन से अपना डायट चार्ट बनवाएं या फिर ऐसी डायट लें, जो आपको तेजी से वजन घटाने में मदद करे।

हेल्दी और कम कैलोरी युक्त डायट लेने के साथ-साथ कुछ हेल्दी ड्रिंक्स को भी रोज पीना शुरू कर दें।

अलसी का बीज शरीर की सूजन कम करके वजन को बढ़ने से रोकता है।

मोटे लोग प्रतिदिन 5-6 बार भोजन करने की तुलना में दिन भर में कम कैलोरी और अधिक प्रोटीन युक्त भोजन लेकर अधिक संतुष्ट और कम भूखे रहते हैं।

मोटापे को कम करना है तो सुबह सबसे पहले आप खाली पेट पानी पिएं, इसके बाद ही आप नाश्ता करें।

पोंछा लगाते समय 30 मिनट में 145 कैलोरी खर्च होती है। यह ट्रेडमिल पर 15 मिनट दौड़ने के बराबर होता है।

डब्लूएचओ के अनुसार, दुनिया भर में लगभग एक अरब 20 करोड़ लोग मोटे लोगों की श्रेणी में हैं।

एक शोध के अनुसार, पास्ता खाने से वजन बढ़ता नहीं बल्कि घटता है।

पालक में विटामिन के और ए होता है। इसके अलावा इसमें दूसरे विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो वजन कम करने में मदद करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हम जो कुछ भी खाते हैं वो कार्बन डाइऑक्साइड रूप में हमारे फेफड़ों से बाहर फेंक दिया जाता है। हम जो भी कार्बोहाइड्रेट और वसा लेते हैं वो कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में टूट जाता है।

भाप में भोजन को पकाने से पोषक तत्वों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

प्रतिदिन एक चम्मच अलसी खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

गलत तरीके से रनिग की शुरुआत पड़ सकती है सेहत पर भारी।