क्यों बढ़ रहा अकेलापन? जानें इसका सबसे बड़ा कारण और इसे खत्म करने के उपाय
अकेलेपन से जूझ रहा व्यक्ति परिवार, दोस्तों और समाज से कटा-कटा महसूस करता है। यह एक गंभीर समस्या है, जो कई कारणों से हो सकती है। इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल ठीक नहीं है।
अकेलेपन से जूझ रहा व्यक्ति परिवार, दोस्तों और समाज से कटा-कटा महसूस करता है। यह एक गंभीर समस्या है, जो कई कारणों से हो सकती है। इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल ठीक नहीं है।
Death due to loneliness: अकेले रहने वाले पुरुषों और बुजुर्गों में अकेलेपन की वजह से मृत्यु और सुसाइड के मामले अधिक देखे गए।
Loneliness Cause Deadly Disease: अकेलापन किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत खतरनाक होता है। यह आपको कई गंभीर रोगों का शिकार बना सकता है। आइए, जानते हैं विस्तार से -
Loneliness and mental health: आजकल लोगों को स्टडी या काम के कारण घर व परिवार से दूर अकेले रहना पड़ता है और यह अकेलापन कई बार उनकी मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है। जानें कैसे अकेलापन आपकी मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहा है।
Loneliness Cause Disease: अगर आप अकेले रहते हैं या फिर बाहर निकलना आपको पसंद नहीं है तो इससे आप को बहुत सी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
हाल ही में एक स्टडी की गई है। जिसमें ये सामने आया है कि अकेले रहना आपके मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ने का काम करता है।
कोरोना महामारी के बाद के दौर में बुजुर्ग तेजी से कम होते याददाश्त के साथ-साथ अकेलेपन और डिप्रेशन से पीड़ित हो रहे हैं। क्या है इसकी वजह, जानें यहां....
रिपोर्ट के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं को लगता है कि आभासी और दूरस्थ गतिविधियों ने उन्हें इस अवधि के दौरान दूसरों के साथ जुड़े रहने में मदद की है, जबकि 75 प्रतिशत ने कहा कि इन गतिविधियों ने भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद की।
लॉकडाउन के कारण पुरुष और महिलाओं दोनों पर असर देखने को मिल रहा है। हाल ही में हुए अध्ययन से पता चला है कि लॉकडाउन के कारण तीन में से एक महिला अकेलेपन से (Lockdown Loneliness) पीड़ित है।
16 से 24 वर्ष की उम्र के 40 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे अक्सर अकेलापन महसूस करते हैं, जबकि 65-74 साल के सिर्फ 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अकेलापन महसूस करते हैं।
अकेलेपन का सबसे बड़ा कारण है मन पर काबू न होना। ऐसे में उन विचारों को अपने से दूर रखें, जो आपको परेशान करती हैं। जिंदगी में होने वाली हर अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करें।
एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करते हैं, वे लगातार गतिविधियों के बीच फोन में खो जाते हैं और अपना ध्यान केंद्रित नहीं रख पाते।
अकेलापन महिलाओं में मृत्यु के दोगुने जोखिम से जुड़ा है और पुरुषों में भी इसका खतरा दोगुना होता है।
यंग ऐज के लड़के लड़कियां जब अकेलेपन के दौर से गुज़रते हैं तो उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है!
अकेलेपन से जूझ रहा व्यक्ति परिवार, दोस्तों और समाज से कटा-कटा महसूस करता है। यह एक गंभीर समस्या है, जो कई कारणों से हो सकती है। इसे नजरअंदाज करना बिल्कुल ठीक नहीं है।
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16 से 24 वर्ष की उम्र के 40 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे अक्सर अकेलापन महसूस करते हैं, जबकि 65-74 साल के सिर्फ 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अकेलापन महसूस करते हैं।
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एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग स्मार्टफोन का अधिक उपयोग करते हैं, वे लगातार गतिविधियों के बीच फोन में खो जाते हैं और अपना ध्यान केंद्रित नहीं रख पाते।
अकेलापन महिलाओं में मृत्यु के दोगुने जोखिम से जुड़ा है और पुरुषों में भी इसका खतरा दोगुना होता है।
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हाल ही में एक स्टडी की गई है। जिसमें ये सामने आया है कि अकेले रहना आपके मानसिक स्वास्थ्य को बिगाड़ने का काम करता है।