20 की उम्र में ही कमजोर हो रही है महिलाओं की ओवरी, जानें क्यों बढ़ रहे हैं मामले
आजकल कई महिलाओं में मां बनने की क्षमता प्रभावित हो रही है, जिसका एक बड़ा कारण ओवरी का कमजोर होना भी है। लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।
आजकल कई महिलाओं में मां बनने की क्षमता प्रभावित हो रही है, जिसका एक बड़ा कारण ओवरी का कमजोर होना भी है। लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।
HCG Level in pregnancy : प्रेग्नेंसी में एसीजी लेवल की जांच करना बहुत ही जरूरी होता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि आपकी प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित है। आइए जानते हैं इस बारे में-
आजकल कंसीव करना एक बड़ा टास्क बन गया है। कई कपल्स कोशिश करते हैं और उन्हें बार-बार निराशा हाथ लग जाती है। जानें, ऐसे में क्या करना चाहिए?
35 Ki Age Mai Pregnancy Ke Chances: कई महिलाओं की लेट शादी होती है या वे देरी से फैमिली प्लान करती हैं, ऐसे में हर किसी के मन में ये सवाल आता है कि क्या 35 के बाद मां बनना सुरक्षित है? आइए जानते हैं डॉक्टर क्या कहते हैं।
अरबाज खान 57 साल की उम्र में एक बार फिर पिता बनने जा रहे हैं। 50 साल की उम्र के बाद प्रेगनेंसी और बच्चे की प्लानिंग करने से पहले कपल्स कुछ बातों के बारे में अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की फर्टिलिटी नेचुरली कम होने लगती है, जिससे कुछ चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही समय पर मेडिकल गाइडेंस लेना बेहद जरूरी है।
35 ke baad preganacy ke chance: महिलाओं की उम्र उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में 35-40 की उम्र में गर्भधारण में समय लग सकता है और कई तरह की समस्याएं भी आ सकती हैं। एक्सपर्ट ने 35 साल के बाद की उम्र में सेफ प्रेगनेंसी के उपाय और मेथड्स।
35 Ke baad pregnancy: 35 के पार की उम्र में महिलाओं को सही गाइडेंस और खुद का सही तरीके से ध्यान रखने की जरूरत होती है।
डॉक्टर से जानें कि 35 की उम्र के बाद कंसीव करना कितना सेफ है और इस उम्र में गर्भधारण मुश्किल क्यों माना जाता है।
जानें 40-45 वर्ष के बाद महिलाओं के लिए नेचुरली गर्भधारण करना कितना संभव है और इसके साथ किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।
Pregnancy after Menopause: मेनोपॉज के बाद गर्भावस्था एआरटी के जरिए प्राप्त की जा सकती है, लेकिन यह केवल दुर्लभ मामलों में ही संभव है। गर्भाशय को तैयार करने के लिए दो से तीन महीने के लिए हार्मोनल टैबलेट्स दिए जाते हैं, क्योंकि मेनोपॉज के कारण गर्भाशय सिकुड़ जाता है। इस तरह से मासिक धर्म को फिर से शुरू किया जा सकता है।
गौरतलब है कि सोनम कपूर की उम्र 36 वर्ष है और उन्होंने 30 साल की उम्र के बाद मां बनने का फैसला किया है।
करीना ने हाल ही में कहा है कि उन्होंने प्रेगनेंसी को लेकर कोई प्रेशर नहीं लिया।
अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बधाई हो' की रिलीज की तीसरी वर्षगांठ पर एक्टर आयुष्मान खुराना ने खुलासा किया कि वह फिल्म से पड़े सकारात्मक प्रभाव से खुश हैं, जिस फिल्म ने देर से गर्भावस्था के संबंध में समाज पर डाला है।
क्रिप्टिक प्रेगनेंसी (Cryptic Pregnancy) एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें महिला को गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों तक पता नहीं चलता कि वो प्रेगनेंट है। क्रिप्टिक प्रेगनेंसी में नही प्रेगनेंसी के कोई लक्षण दिखते हैं, न पीरियड्स बंद होते हैं और न ही बेबी बंप दिखता है।
35 साल के बाद गर्भधारण को रिस्की माना जाता है। क्योंकि, 30 की उम्र के बाद महिलाएं फिजिकली गर्भधारण के लिहाज से कम फिट होने लगती हैं। लेकिन, वहीं कई फीमेल सेलिब्रिटीज़ ने इस धारणा को ग़लत साबित कर दिया है। पढ़ें कौन हैं वे।(Bollywood Celebrities Late Pregnancy)
अनिता हसनंदानी (Anita Hassanandani Baby )की तरह अगर आपके घर भी किसी बच्चे का जन्म हुआ है या जल्द ही किसी नन्हें मेहमान का आना तय है तो यहां दिए गए नामों की लिस्ट पर भी एक बार गौर करें। इन सुंदर और प्यारे-प्यारे नामों में से शायद आपको भी मिल जाए अपने लिटिल प्रिंस के लिए एक अच्छा-सा नाम। (Modern Baby Names for Boys)
40 की उम्र में मां बनना आसान नहीं लेकिन अगर आप चाहती हैं कि इस उम्र में मां बने तो आप इन तरीकों से कंसीव कर सकती हैं। आइए जानते हैं इस उम्र में मां बनने के फायदे।
35-40 की उम्र के बाद गर्भधारण करने से कई तरह की परेशानियां भी होती हैं। खासकर, गर्भधारण के बाद गर्भपात यानि मिसकैरीज़ का ख़तरा लगातार बना रहता है। इसीलिए, लेट प्रेगनेंसी के लिए आपको खुद को फिजिकली हेल्दी रहने की आवश्यकता पड़ती है। जो महिलाएं देरी से गर्भधारण करती हैं उन्हें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
एक्सपर्ट्स के मुबातिक, प्रेग्नेंसी में स्पॉटिंग होना बहुत ही आम बाता है। 30 से 40 प्रतिशत महिलाओं को सामान्यतौर पर गर्भावस्था के पहले या फिर तीसरे महीने में स्पॉटिंग की समस्या होती है। यह किसी बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन कई बार यह खतरनाक साबित हो सकती है। स्पॉटिंग सामान्य और असामान्य भी हो सकती है। इसीलिए अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान स्पॉटिंग की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर (Spotting During Pregnancy) से संपर्क करें।
मंदिरा का कहना है, "भारतीय समाज में रहते हुए एक महिला के रूप में आपको कई रूढ़ियों का सामना करना पड़ता है। जब मैंने काम की प्रतिबद्धताओं के चलते प्रेग्नेंसी को टालने का फैसला किया, तो मुझे अलग नजरिए से देखा गया। लोग मुझे एक ऐसी महिला समझने लगे जो करियर-उन्मुख है। हालांकि यह फैसला मेरे लिए काफी मुश्किल था।
इस तकनीक में दवाइयों और सर्जिकल तरीकों की मदद से स्पर्म द्वारा एग को फर्टिलाइज़ करने की कोशिश की जाती है और फिर फर्टिलाइज एग को यूटरस में इम्प्लांट किया जाता है।
अगर कोई महिला 35 साल की उम्र के बाद गर्भवती होती हैं, तो मिसकैरिज़ या गर्भपात की संभावना बहुत अधिक होती है।
एक आम धारणा यह भी है कि ज्यादा उम्र में शादी करने से इनफर्टिलिटी का जोखिम बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि कैसे बढ़ती हुई उम्र बढ़ा देती है बांझपन का जोखिम।
आजकल कई महिलाओं में मां बनने की क्षमता प्रभावित हो रही है, जिसका एक बड़ा कारण ओवरी का कमजोर होना भी है। लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।
HCG Level in pregnancy : प्रेग्नेंसी में एसीजी लेवल की जांच करना बहुत ही जरूरी होता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि आपकी प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित है। आइए जानते हैं इस बारे में-
आजकल कंसीव करना एक बड़ा टास्क बन गया है। कई कपल्स कोशिश करते हैं और उन्हें बार-बार निराशा हाथ लग जाती है। जानें, ऐसे में क्या करना चाहिए?
35 Ki Age Mai Pregnancy Ke Chances: कई महिलाओं की लेट शादी होती है या वे देरी से फैमिली प्लान करती हैं, ऐसे में हर किसी के मन में ये सवाल आता है कि क्या 35 के बाद मां बनना सुरक्षित है? आइए जानते हैं डॉक्टर क्या कहते हैं।
अरबाज खान 57 साल की उम्र में एक बार फिर पिता बनने जा रहे हैं। 50 साल की उम्र के बाद प्रेगनेंसी और बच्चे की प्लानिंग करने से पहले कपल्स कुछ बातों के बारे में अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।
35 ke baad preganacy ke chance: महिलाओं की उम्र उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में 35-40 की उम्र में गर्भधारण में समय लग सकता है और कई तरह की समस्याएं भी आ सकती हैं। एक्सपर्ट ने 35 साल के बाद की उम्र में सेफ प्रेगनेंसी के उपाय और मेथड्स।
35 Ke baad pregnancy: 35 के पार की उम्र में महिलाओं को सही गाइडेंस और खुद का सही तरीके से ध्यान रखने की जरूरत होती है।
डॉक्टर से जानें कि 35 की उम्र के बाद कंसीव करना कितना सेफ है और इस उम्र में गर्भधारण मुश्किल क्यों माना जाता है।
जानें 40-45 वर्ष के बाद महिलाओं के लिए नेचुरली गर्भधारण करना कितना संभव है और इसके साथ किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।
Pregnancy after Menopause: मेनोपॉज के बाद गर्भावस्था एआरटी के जरिए प्राप्त की जा सकती है, लेकिन यह केवल दुर्लभ मामलों में ही संभव है। गर्भाशय को तैयार करने के लिए दो से तीन महीने के लिए हार्मोनल टैबलेट्स दिए जाते हैं, क्योंकि मेनोपॉज के कारण गर्भाशय सिकुड़ जाता है। इस तरह से मासिक धर्म को फिर से शुरू किया जा सकता है।
गौरतलब है कि सोनम कपूर की उम्र 36 वर्ष है और उन्होंने 30 साल की उम्र के बाद मां बनने का फैसला किया है।
करीना ने हाल ही में कहा है कि उन्होंने प्रेगनेंसी को लेकर कोई प्रेशर नहीं लिया।
अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बधाई हो' की रिलीज की तीसरी वर्षगांठ पर एक्टर आयुष्मान खुराना ने खुलासा किया कि वह फिल्म से पड़े सकारात्मक प्रभाव से खुश हैं, जिस फिल्म ने देर से गर्भावस्था के संबंध में समाज पर डाला है।
अनिता हसनंदानी (Anita Hassanandani Baby )की तरह अगर आपके घर भी किसी बच्चे का जन्म हुआ है या जल्द ही किसी नन्हें मेहमान का आना तय है तो यहां दिए गए नामों की लिस्ट पर भी एक बार गौर करें। इन सुंदर और प्यारे-प्यारे नामों में से शायद आपको भी मिल जाए अपने लिटिल प्रिंस के लिए एक अच्छा-सा नाम। (Modern Baby Names for Boys)
40 की उम्र में मां बनना आसान नहीं लेकिन अगर आप चाहती हैं कि इस उम्र में मां बने तो आप इन तरीकों से कंसीव कर सकती हैं। आइए जानते हैं इस उम्र में मां बनने के फायदे।
35-40 की उम्र के बाद गर्भधारण करने से कई तरह की परेशानियां भी होती हैं। खासकर, गर्भधारण के बाद गर्भपात यानि मिसकैरीज़ का ख़तरा लगातार बना रहता है। इसीलिए, लेट प्रेगनेंसी के लिए आपको खुद को फिजिकली हेल्दी रहने की आवश्यकता पड़ती है। जो महिलाएं देरी से गर्भधारण करती हैं उन्हें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
एक्सपर्ट्स के मुबातिक, प्रेग्नेंसी में स्पॉटिंग होना बहुत ही आम बाता है। 30 से 40 प्रतिशत महिलाओं को सामान्यतौर पर गर्भावस्था के पहले या फिर तीसरे महीने में स्पॉटिंग की समस्या होती है। यह किसी बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन कई बार यह खतरनाक साबित हो सकती है। स्पॉटिंग सामान्य और असामान्य भी हो सकती है। इसीलिए अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान स्पॉटिंग की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर (Spotting During Pregnancy) से संपर्क करें।
मंदिरा का कहना है, "भारतीय समाज में रहते हुए एक महिला के रूप में आपको कई रूढ़ियों का सामना करना पड़ता है। जब मैंने काम की प्रतिबद्धताओं के चलते प्रेग्नेंसी को टालने का फैसला किया, तो मुझे अलग नजरिए से देखा गया। लोग मुझे एक ऐसी महिला समझने लगे जो करियर-उन्मुख है। हालांकि यह फैसला मेरे लिए काफी मुश्किल था।
इस तकनीक में दवाइयों और सर्जिकल तरीकों की मदद से स्पर्म द्वारा एग को फर्टिलाइज़ करने की कोशिश की जाती है और फिर फर्टिलाइज एग को यूटरस में इम्प्लांट किया जाता है।
अगर कोई महिला 35 साल की उम्र के बाद गर्भवती होती हैं, तो मिसकैरिज़ या गर्भपात की संभावना बहुत अधिक होती है।
एक आम धारणा यह भी है कि ज्यादा उम्र में शादी करने से इनफर्टिलिटी का जोखिम बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि कैसे बढ़ती हुई उम्र बढ़ा देती है बांझपन का जोखिम।
खराब दांत या फिर मसूड़ों की खराब हालत भी बांझपन के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
शोध के परिमाण में यह बात सामने आई की जिन महिलाओं ने फास्ट फूड का लगातार सेवन किया था, उन्हें प्रेगनेंट होने में एक माह का अधिक समय लगा।
उम्र बढ़ने के साथ हर व्यक्ति को कुछ समस्याओं का सामना करना ही पड़ता है।
क्रिप्टिक प्रेगनेंसी (Cryptic Pregnancy) एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें महिला को गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों तक पता नहीं चलता कि वो प्रेगनेंट है। क्रिप्टिक प्रेगनेंसी में नही प्रेगनेंसी के कोई लक्षण दिखते हैं, न पीरियड्स बंद होते हैं और न ही बेबी बंप दिखता है।
35 साल के बाद गर्भधारण को रिस्की माना जाता है। क्योंकि, 30 की उम्र के बाद महिलाएं फिजिकली गर्भधारण के लिहाज से कम फिट होने लगती हैं। लेकिन, वहीं कई फीमेल सेलिब्रिटीज़ ने इस धारणा को ग़लत साबित कर दिया है। पढ़ें कौन हैं वे।(Bollywood Celebrities Late Pregnancy)
महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा नींद की जरूरत होती है। लेकिन क्यों होती है आप जानते हैं ?
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की फर्टिलिटी नेचुरली कम होने लगती है, जिससे कुछ चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही समय पर मेडिकल गाइडेंस लेना बेहद जरूरी है।