एक ऐसी अनोखी तकनीक का पता लगाया है। जिससे, जन्म लेने के बाद भी इस बात का पता लगाया जा सकेगा कि नवजात बच्चे को भविष्य में टाइप 1 डायबिटीज़ (Type 1 Diabetes) हो सकता है। जर्नल नेचर मेडिसिन (journal Nature Medicine) में छपे इस शोध के बारे में ऐसा कहा जा रहा है कि, यह नवजात शिशुओं में आजीवन रहने वाली इस परेशानी का पता लगना ज्यादा आसान हो जाता है। एक अमेरिकी एनजीओ जेडीआरएफ से जुड़े और इस स्टडी में हिस्सा ले रहे संजोय दत्ता ने कहा कि, टाइप 1 डायबिटीज़ की स्थिति बनने के लिए जेनेटिक या अनुवांशिक कारण ज़िम्मेदार होते हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से नवजात बच्चों में इस बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता।