
भारत में पैसों की कमी के कारण 60% मरीज बीच में ही छोड़ देते हैं इलाज, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ. प्रज्ञा रश्मि कहती हैं कि बहुत से मरीज जरूरत के इलाज सिर्फ इसलिए टाल देते हैं क्योंकि वे बीमारी से ज्यादा पैसों के खर्च और तनाव से डरते हैं।

डॉ. प्रज्ञा रश्मि कहती हैं कि बहुत से मरीज जरूरत के इलाज सिर्फ इसलिए टाल देते हैं क्योंकि वे बीमारी से ज्यादा पैसों के खर्च और तनाव से डरते हैं।

40 के बाद अगर आप कंसीव करते हैं, तो कुछ बातों पर आपको ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि आपका बच्चा हेल्दी और एक्टिव हो। इस लेख में डॉक्टर के जानते हैं कि 40 के बाद कंसीव करने पर किन बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है?

आईवीएफ ऐसे कपल्स के लिए वरदान है, जो प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण नहीं कर पाते हैं। हालांकि, आज भी लोग इस टर्म के बारे में ज्यादा जागरूक नहीं है। आइए, जानते हैं आईवीएफ से जुड़ी छोटी-बड़ी सारी जानकारियां-

Infertility Treatment IVF: खराब जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनहेल्दी डाइट हैबिट्स कहीं न कहीं इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं को भी बढ़ा रही हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सही ट्रीटमेंट की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

क्या आईवीएफ से जन्मे बच्चे वाकई बार-बार बीमार पड़ते हैं? जानें इस सवाल की सच्चाई और आम भ्रांतियों के बारे में। वीडियो में एक्सपर्ट बताएंगे आईवीएफ से जुड़ी हकीकत।

Ayurveda For Infertility: निसंतानता से परेशान लोग आजकल आयुर्वेद पर भरोसा कर रहे हैं और यहां तक कि आईवीएफ से पहले भी कुछ तरीके हैं जिनको अपनाकर आईवीएफ ट्रीटमेंट की संभावना को बढ़ाया जा सकता है।

IVF को लेकर लोगों के मन में कई तरह के भ्रम और सवाल होते हैं। इस वीडियो में इन्हीं मिथकों पर एक्सपर्ट से मिलकर करेंगे चर्चा।जानिए उन बातों का सच, जिन पर अब तक आप भरोसा करते आए हैं।

IVF Day 2025: जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी आ रही है, उनके लिए आईवीएफ एक वरदान साबित होता जा रहा है, लेकिन यह सफल तब ही होता है जब इसके बाद भी कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाता है।

IVF से भी आगे है आयुर्वेद! संतान की चाह में जब साइंस हार मान जाए, तब आयुर्वेद दिखाता है राह। महाभारत काल से लेकर आज तक, कैसे आयुर्वेद ने मां-बाप बनने का रास्ता दिखाया, जानिए डॉ. चंचल शर्मा से।

World IVF Day: ‘IVF क्या होता है?’, ‘इसकी प्रक्रिया कैसी होती है?’ और ‘आईवीएफ के फायदे’ आदि सवालों के बारे हमने डॉक्टर अंशु धर से बात की और इस प्रक्रिया के बारे में उन्होंने क्या कहा, आइए जानते हैं।

कुछ समय पहले अभिनेत्री ईशा गुप्ता (Actress Esha Gupta) ने बताया कि उन्होंने एग फ्रीजिंग करायी है। ईशा की तरह ही कई अन्य एक्ट्रेसेस और आम महिलाएं भी एग फ्रीजिंग (Egg Freezing In India) चुनने का फैसला ले रही हैं। डॉक्टर से जानते हैं कि क्यों भारत में एग फ्रीजिंग का चलन बढ़ रहा है।

आईवीएफ की प्रक्रिया में माता और पिता दोनों की समान भूमिका होती है। हालांकि, आमतौर पर पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़े विषयों को आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

IVF के बाद कई महिलाओं के मन में सवाल रहे हैं जैसे आईवीएफ के बाद क्या करना चाहिए व क्या नहीं! इसलिए विषय पर सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी क्या कहती हैं, आइए जानते हैं।

IVF Treatment in Hindi: जो कपल्स नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पाते हैं, उनके लिए आईवीएफ एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है। जानें, क्या है इसकी प्रक्रिया, सफलता दर और खर्चा-

IVF Ko Successful Kaise Kare: कई महिलाओं के आईवीएफ करवाने के बाद भी वे मां नहीं बन पाती हैं, इसका कारण है आपका खुद का ख्याल न रखता है। डॉक्टर ने बताया कि महिलाएं कौन से 3 काम करके प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ा सकती हैं।

अगर आप आईवीएफ करवाना चाहते हैं, तो इससे पहले कुछ टेस्ट जरूर करवाएं। इससे सेहत की सही जानकारी मिलेगी और आईवीएफ के सफल होने की संभावना बढ़ेगी।

IVF Stages: आईवीएफ ट्रीटमेंट उन कपल्स के लिए वरदान साबित हो सकता है, जो नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पा रहे हैं। आइए, जानते हैं आईवीएफ के चरणों के बारे में -

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि अगर किसी महिला की फर्टिलिटी पॉवर कम या अच्छी है तो आईवीएफ सक्सेसफुल होगा। लेकिन, पुरुषों की फर्टिलिटी भी आईवीएफ टेक्निक से कंसीव करने के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार आईवीएफ के बाद बहुत जल्दी प्रेगनेंसी टेस्ट नहीं करना चाहिए। एक निश्चित समय के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करने से सही रिजल्ट्स का पता चल पाता है।

World Thalassemia Day: थैलेसीमिया के मरीजों के लिए संतान उत्पत्ति एक बहुत बड़ा सपना बनकर रह जाता है, लेकिन आजकल नहीं तकनीक हैं जो इसमें काफी मदद करती हैं।

देखा जाता है कि ज्यादातर महिलाएं आईवीएफ के दौरान अपने मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर लेती हैं, जो बाद में उनकी गर्भावस्था पर भी असर डालता है। इस लेख में एक्सपर्ट्स से जानें इस दौरान कैसे रखें अपनी मेंटल हेल्थ को सही।

IVF एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें महिला के एग और पुरुष के स्पर्म को लैब में फर्टिलाइज करके गर्भधारण कराया जाता है। यह उन कपल्स के लिए फायदेमंद है, जिन्हें नेचुरली कंसीव करने में दिक्कत हो रही होती है।

Fertility and ivf center: आजकल महिलाओं में इनफर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ने लगी हैं, जिसे देखते हुए सी.के बिरला ग्रुप ने देशभर में अपने फर्टिलिटी व आईवीएफ सेंटरों की संख्या बढ़ा 50 कर दी है।

Weight control in IVF: इन विट्रो फर्टिलाइजेशन के दौरान कई बार शरीर का वजन बढ़ने लगता है, जिसे कंट्रोल करना जरूरी होता है क्योंकि इससे कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। चलिए जानते हैं कैसे करें वजन कंट्रोल।

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40 के बाद अगर आप कंसीव करते हैं, तो कुछ बातों पर आपको ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि आपका बच्चा हेल्दी और एक्टिव हो। इस लेख में डॉक्टर के जानते हैं कि 40 के बाद कंसीव करने पर किन बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है?

आईवीएफ ऐसे कपल्स के लिए वरदान है, जो प्राकृतिक तरीके से गर्भधारण नहीं कर पाते हैं। हालांकि, आज भी लोग इस टर्म के बारे में ज्यादा जागरूक नहीं है। आइए, जानते हैं आईवीएफ से जुड़ी छोटी-बड़ी सारी जानकारियां-

Infertility Treatment IVF: खराब जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनहेल्दी डाइट हैबिट्स कहीं न कहीं इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं को भी बढ़ा रही हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सही ट्रीटमेंट की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

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आईवीएफ की प्रक्रिया में माता और पिता दोनों की समान भूमिका होती है। हालांकि, आमतौर पर पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़े विषयों को आमतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

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IVF Ko Successful Kaise Kare: कई महिलाओं के आईवीएफ करवाने के बाद भी वे मां नहीं बन पाती हैं, इसका कारण है आपका खुद का ख्याल न रखता है। डॉक्टर ने बताया कि महिलाएं कौन से 3 काम करके प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ा सकती हैं।

अगर आप आईवीएफ करवाना चाहते हैं, तो इससे पहले कुछ टेस्ट जरूर करवाएं। इससे सेहत की सही जानकारी मिलेगी और आईवीएफ के सफल होने की संभावना बढ़ेगी।

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आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि अगर किसी महिला की फर्टिलिटी पॉवर कम या अच्छी है तो आईवीएफ सक्सेसफुल होगा। लेकिन, पुरुषों की फर्टिलिटी भी आईवीएफ टेक्निक से कंसीव करने के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार आईवीएफ के बाद बहुत जल्दी प्रेगनेंसी टेस्ट नहीं करना चाहिए। एक निश्चित समय के बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करने से सही रिजल्ट्स का पता चल पाता है।

World Thalassemia Day: थैलेसीमिया के मरीजों के लिए संतान उत्पत्ति एक बहुत बड़ा सपना बनकर रह जाता है, लेकिन आजकल नहीं तकनीक हैं जो इसमें काफी मदद करती हैं।

देखा जाता है कि ज्यादातर महिलाएं आईवीएफ के दौरान अपने मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर लेती हैं, जो बाद में उनकी गर्भावस्था पर भी असर डालता है। इस लेख में एक्सपर्ट्स से जानें इस दौरान कैसे रखें अपनी मेंटल हेल्थ को सही।

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लोगों में आईवीएफ को लेकर पूरी जानकारी नहीं है और इसीलिए, उनके मन में कई तरह के सवाल और मिथक भी होते हैं। जैसे अक्सर यह सवाल उठता है कि पीरियड्स के बाद कब या कितने दिन बाद आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू किया जाता है।

How Many Injections For IVF: आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान महिला को कई तरह की हार्मोनल दवाएं और इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे ओव्यूलेशन को बढ़ावा मिलता है।

पौष्टिक डाइट और न्यूट्रिएंट्स भी आईवीएफ की सफलता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सही पोषण की मदद से आपका शरीर आईवीएफ को सही रिस्पॉन्स (body’s response to IVF treatment) दे सकता है।

कई बार आईवीएफ (IVF) कराने वाली महिलाओं को जुड़वां या कई बार 3 बच्चे भी होते हैं। डॉक्टर से जानें इसके कारण।

क्या आईवीएफ से जन्मे बच्चे वाकई बार-बार बीमार पड़ते हैं? जानें इस सवाल की सच्चाई और आम भ्रांतियों के बारे में। वीडियो में एक्सपर्ट बताएंगे आईवीएफ से जुड़ी हकीकत।

IVF को लेकर लोगों के मन में कई तरह के भ्रम और सवाल होते हैं। इस वीडियो में इन्हीं मिथकों पर एक्सपर्ट से मिलकर करेंगे चर्चा।जानिए उन बातों का सच, जिन पर अब तक आप भरोसा करते आए हैं।

IVF से भी आगे है आयुर्वेद! संतान की चाह में जब साइंस हार मान जाए, तब आयुर्वेद दिखाता है राह। महाभारत काल से लेकर आज तक, कैसे आयुर्वेद ने मां-बाप बनने का रास्ता दिखाया, जानिए डॉ. चंचल शर्मा से।

IVF एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें महिला के एग और पुरुष के स्पर्म को लैब में फर्टिलाइज करके गर्भधारण कराया जाता है। यह उन कपल्स के लिए फायदेमंद है, जिन्हें नेचुरली कंसीव करने में दिक्कत हो रही होती है।

आईवीएफ (IVF) और आईयूआई (AIUI) दोनों ही प्रजनन सहायता के तकनीकी उपाय हैं, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण फर्क होते हैं। इसपर ज्यादा जानकारी से बात की डॉक्टर संदीप तलवार ने

इस तकनीक में महिला की अंडेदानी से अंडे निकालकर उनका पुरुष के Female Eggs को Male Sperm के साथ फैलोपियन ट्यूब में फर्टिलाइज है. फिर फर्टिलाइजेशन से बनने वाले एम्ब्रायो को महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है

आईवीएफ के लिए माँ और बाप अपने शरीर को कैसे तैयार करें जिससे आईवीएफ सफल हो सकें।

आईवीएफ एक फर्टिलिटी इलाज हैं जिसमें महिलाओं के अंडों को पुरूषों के शुक्राणु से अप्राकृतिक तरीके से मिलाया जाता है। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए हैं जिनको बच्चा करने में समस्या आ रही हो या फिर आनुवंशिक कारणों के चलते वो बच्चा करने में असफल हो रहे हो।