IVF ट्रीटमेंट क्या है? जानें इसकी प्रक्रिया, सफलता दर, जोखिम और खर्चा
IVF Treatment in Hindi: जो कपल्स नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पाते हैं, उनके लिए आईवीएफ एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है। जानें, क्या है इसकी प्रक्रिया, सफलता दर और खर्चा-
IVF Treatment in Hindi: जो कपल्स नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पाते हैं, उनके लिए आईवीएफ एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है। जानें, क्या है इसकी प्रक्रिया, सफलता दर और खर्चा-
अगर आप आईवीएफ करवाना चाहते हैं, तो इससे पहले कुछ टेस्ट जरूर करवाएं। इससे सेहत की सही जानकारी मिलेगी और आईवीएफ के सफल होने की संभावना बढ़ेगी।
20 से 30 साल की उम्र की महिलाओं में आईवीएफ द्वारा गर्भधारण की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि उनमें अंडों की क्वालिटी ज्यादा अच्छी होेती है।
सफल गर्भावस्था हासिल करने के लिए एक या दो आईवीएफ ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। यह शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक रूप से काफी थकाने वाला हो सकता है, लेकिन आपको यह जानना चाहिए कि आप इस संघर्ष में अकेले नहीं है।
गुजरात एक महिला ने 70 वर्ष की आयु में आईवीएफ तकनीक की मदद से एक बेटे को जन्म दिया है जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस तकनीक में दवाइयों और सर्जिकल तरीकों की मदद से स्पर्म द्वारा एग को फर्टिलाइज़ करने की कोशिश की जाती है और फिर फर्टिलाइज एग को यूटरस में इम्प्लांट किया जाता है।
आए दिन कई दंपतियों को बार-बार इन व्रिटो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ करवाने के बावजूद विफलता हाथ लगने की शिकायतें रहती हैं।
आज आईवीएफ के पर्सनलाइज्ड प्रोटोकॉल्स की जरूरत बढ़ गई है। इनमें पर्सनलाइज्ड एंब्रायो ट्रांसफा-पीईटी- और पर्सनलाइज्ड ओवेरियन स्टिम्युलेशन प्रमुख हैं।
पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता और उसकी मात्रा गर्भ धारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह पुरुष प्रजनन क्षमता का एक निर्णायक कारक भी है।
कपल्स जानकारी के अभाव में गलत आईवीएफ सेंटर का चुनाव कर लेते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
IVF Treatment in Hindi: जो कपल्स नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पाते हैं, उनके लिए आईवीएफ एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है। जानें, क्या है इसकी प्रक्रिया, सफलता दर और खर्चा-
अगर आप आईवीएफ करवाना चाहते हैं, तो इससे पहले कुछ टेस्ट जरूर करवाएं। इससे सेहत की सही जानकारी मिलेगी और आईवीएफ के सफल होने की संभावना बढ़ेगी।
20 से 30 साल की उम्र की महिलाओं में आईवीएफ द्वारा गर्भधारण की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि उनमें अंडों की क्वालिटी ज्यादा अच्छी होेती है।
सफल गर्भावस्था हासिल करने के लिए एक या दो आईवीएफ ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। यह शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक रूप से काफी थकाने वाला हो सकता है, लेकिन आपको यह जानना चाहिए कि आप इस संघर्ष में अकेले नहीं है।
गुजरात एक महिला ने 70 वर्ष की आयु में आईवीएफ तकनीक की मदद से एक बेटे को जन्म दिया है जो इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस तकनीक में दवाइयों और सर्जिकल तरीकों की मदद से स्पर्म द्वारा एग को फर्टिलाइज़ करने की कोशिश की जाती है और फिर फर्टिलाइज एग को यूटरस में इम्प्लांट किया जाता है।
आए दिन कई दंपतियों को बार-बार इन व्रिटो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ करवाने के बावजूद विफलता हाथ लगने की शिकायतें रहती हैं।
आज आईवीएफ के पर्सनलाइज्ड प्रोटोकॉल्स की जरूरत बढ़ गई है। इनमें पर्सनलाइज्ड एंब्रायो ट्रांसफा-पीईटी- और पर्सनलाइज्ड ओवेरियन स्टिम्युलेशन प्रमुख हैं।
पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता और उसकी मात्रा गर्भ धारण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह पुरुष प्रजनन क्षमता का एक निर्णायक कारक भी है।
कपल्स जानकारी के अभाव में गलत आईवीएफ सेंटर का चुनाव कर लेते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।