
मेड इन इंडिया हार्ट वॉल्व को सरकार की मंजूरी, खर्च इतना हो जायेगा कम
बिना ओपन हार्ट सर्जरी के पैर की नस से वाॅल्व लगाया जाएगा। निजी अस्पतालों में विदेशी हार्ट वाॅल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी करीब 25 लाख रु में होती थी।

बिना ओपन हार्ट सर्जरी के पैर की नस से वाॅल्व लगाया जाएगा। निजी अस्पतालों में विदेशी हार्ट वाॅल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी करीब 25 लाख रु में होती थी।

स्तन कैंसर के मरीजों के लिए गर्भावस्था संभव है। फिलहाल ऐसा कोई कारण या सबूत नहीं है, जिससे माना जाए कि स्तन कैंसर के इलाज के बाद गर्भवती होने से मां या शिशु को किसी प्रकार का जोखिम हो सकता है।

सबसे चिंता की बात यह है कि देश के पिछड़े राज्यों में सबसे ज्यादा हृदय रोग और मधुमेह के मरीज हैं। साथ ही बच्चों को होने वाली बीमारियों से भी सबसे ज्यादा पीड़ित देश के पिछड़े राज्य ही हैं।

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में पांच में से एक वयस्क और पांच में से चार किशोर शारीरिक गतिविधियां नहीं करते, जिससे हेल्थकेयर पर 54 अरब डॉलर का सीधा असर पड़ रहा है।

भारत में फाइलेरियासिस के उन्मूलन के आगे की रणनीति ''एक्सिलरेटेड प्लान फॉर एलीमिनेशन ऑफ लिम्फैटिक फाइलेरियासिस'' (एपीईएलएफ) लॉन्च किया गया।

बिना ओपन हार्ट सर्जरी के पैर की नस से वाॅल्व लगाया जाएगा। निजी अस्पतालों में विदेशी हार्ट वाॅल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी करीब 25 लाख रु में होती थी।

स्तन कैंसर के मरीजों के लिए गर्भावस्था संभव है। फिलहाल ऐसा कोई कारण या सबूत नहीं है, जिससे माना जाए कि स्तन कैंसर के इलाज के बाद गर्भवती होने से मां या शिशु को किसी प्रकार का जोखिम हो सकता है।

सबसे चिंता की बात यह है कि देश के पिछड़े राज्यों में सबसे ज्यादा हृदय रोग और मधुमेह के मरीज हैं। साथ ही बच्चों को होने वाली बीमारियों से भी सबसे ज्यादा पीड़ित देश के पिछड़े राज्य ही हैं।

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में पांच में से एक वयस्क और पांच में से चार किशोर शारीरिक गतिविधियां नहीं करते, जिससे हेल्थकेयर पर 54 अरब डॉलर का सीधा असर पड़ रहा है।

भारत में फाइलेरियासिस के उन्मूलन के आगे की रणनीति ''एक्सिलरेटेड प्लान फॉर एलीमिनेशन ऑफ लिम्फैटिक फाइलेरियासिस'' (एपीईएलएफ) लॉन्च किया गया।