
ग्रामीण महिलाओं व लड़कियों को अब हाईजीन से सौदा नहीं करना पड़ेगा, तैयार हो रहे इको-फ्रेंडली सैनिटरी पैड
आज भी ग्रामीण भारत में बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर सेनेटरी पैड्स की पहुंच नहीं है और अगर है तो वे वहां के लोगों के लिए काफी महंगे हैं। ऐसे में क्या गन्ने के अवशेष से तैयार हो रहे ये पैड्स स्थिति को बदल सकते हैं?




























































