What are the symptoms of HIV?
HIV यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस जोकि एक गंभीर वायरस है जो शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। लेकिन ...
HIV यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस जोकि एक गंभीर वायरस है जो शरीर की इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। लेकिन ...
HIV Cases in Lucknow Jail: कल आई खबर के मुताबिक लखनऊ की जिला कारागार में करीब 36 कैदियों में एड्स के वायरस की पुष्टि की गई है। इतनी बड़ी संख्या में HIV पॉजिटिव लोग मिलने के कारण प्रशासन में हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं कि किस तरह फैल सकता है ये वायरस और क्या हैं इससे बचाव के उपाय..
एड्स को एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम कहते हैं। एचआईवी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस कहलाता है। यह बीमारी तब होती है, जब वायरस सफेद रक्त कोशिकाओं (संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं) को बर्बाद करके आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है।
ऐसा नहीं कि एचआईवी के बाद आप आपने परिवार के साथ नहीं रह सकते। लेकिन अपने परिवार को एचआईवी वायरस से बचाने की जिम्मेदारी भी आपकी है।
जानें कौन-सी स्थितियों में फैलता है एचआईवी वायरस।
इसीलिए अगर आपको यह समस्याएं बहुत ज़्यादा दिखाई दें या महसूस हों तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और जांच कराएं।
एड्स जागरुकता के लिए मुंबई के इन छह स्टेशनों पर एक सप्ताह तक फ्री होगी एड्स की जांच।
हरियाणा स्टेट वूमेन कमीशन ने जेलों के औचक निरीक्षण के बाद राज्य सरकार से सिफारिश की थी कि एचआईवी कैदियों को रोहतक शिफ्ट कर दिया जाए ताकि वहां स्थित एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट(एआरटी) सेंटर में उन्हें उपचार मिल सके।
जानें गर्भवती मां को एचआईवी (HIV) का कितना खतरा है?
अगर आप एचआईवी पॉजिटिव हैं और जल्द ही मां बनने वाली हैं, तो आपको इस आर्टिकल को पढ़ना चाहिए!
कुछ लोगों को 2-4 सप्ताह में ही एचआईवी (HIV) के लक्षण दिख जाते हैं तो कुछ को 10 महीनों तक नहीं दिखायी पड़ते।
HIV Cases in Lucknow Jail: कल आई खबर के मुताबिक लखनऊ की जिला कारागार में करीब 36 कैदियों में एड्स के वायरस की पुष्टि की गई है। इतनी बड़ी संख्या में HIV पॉजिटिव लोग मिलने के कारण प्रशासन में हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं कि किस तरह फैल सकता है ये वायरस और क्या हैं इससे बचाव के उपाय..
एड्स को एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम कहते हैं। एचआईवी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस कहलाता है। यह बीमारी तब होती है, जब वायरस सफेद रक्त कोशिकाओं (संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं) को बर्बाद करके आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है।
ऐसा नहीं कि एचआईवी के बाद आप आपने परिवार के साथ नहीं रह सकते। लेकिन अपने परिवार को एचआईवी वायरस से बचाने की जिम्मेदारी भी आपकी है।
जानें कौन-सी स्थितियों में फैलता है एचआईवी वायरस।
इसीलिए अगर आपको यह समस्याएं बहुत ज़्यादा दिखाई दें या महसूस हों तो आप तुरंत अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें और जांच कराएं।
एड्स जागरुकता के लिए मुंबई के इन छह स्टेशनों पर एक सप्ताह तक फ्री होगी एड्स की जांच।
हरियाणा स्टेट वूमेन कमीशन ने जेलों के औचक निरीक्षण के बाद राज्य सरकार से सिफारिश की थी कि एचआईवी कैदियों को रोहतक शिफ्ट कर दिया जाए ताकि वहां स्थित एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट(एआरटी) सेंटर में उन्हें उपचार मिल सके।
जानें गर्भवती मां को एचआईवी (HIV) का कितना खतरा है?
अगर आप एचआईवी पॉजिटिव हैं और जल्द ही मां बनने वाली हैं, तो आपको इस आर्टिकल को पढ़ना चाहिए!
कुछ लोगों को 2-4 सप्ताह में ही एचआईवी (HIV) के लक्षण दिख जाते हैं तो कुछ को 10 महीनों तक नहीं दिखायी पड़ते।