एक खास 'की चेन' जो लाएगी हृदय रोग से होने वाली मौत के आंकड़ों में कमी ?
'की चेन' उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें दिल की बीमारियों का खतरा बहुत अधिक है।
'की चेन' उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी, जिन्हें दिल की बीमारियों का खतरा बहुत अधिक है।
अगर धूम्रपान से परहेज किया जाए, तो इससे बहुत हद तक टाइप-2 डाइबिटीज के कारण होने वाली हृदय रोग जैसी बीमारी के होने के खतरे को कम किया जा सकता है।
नई तकनीक 'पॉलीजेनिक रिस्क स्कोरिंग' के जरिए जन्म के समय ही जानलेवा बीमारियों की पहचान कर ली जाएगी जिसकी आगे जाकर विकसित होने की आशंका होती है।
बुजुर्गावस्था में नहाते समय दिमाग की नस फटने (ब्रेन हेमरेज) या हार्ट अटैक आने से बचना चाहते हैं, तो आज से ही सही तरीके से नहाना शुरू कर दीजिए।
हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे मरीजों के लिए लेफ्ट वैंट्रिक्युलर एसिस्ट डिवाइस (एलवीएडी ) एक वरदान साबित हो रही है।
कमर-टू-हिप-रेश्यो एक तरह से बीएमआई जैसी ही जांच है लेकिन यह बीमारियों के सटीक अनुमान में ज्यादा कारगर है।
दिल के दौरा का जोखिम उम्र के साथ बढ़ता है, विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान।
यह शोध इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले के शोध में यह बात सामने आयी थी कि यातायात के द्वारा उत्पन्न प्रदूषण हवा में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) के स्तर को बढ़ाता है जो हार्ट अटैक का कारक होता है।
आजकल के दौर में सबसे आम बीमारी हो चली हार्ट अटैक और तमाम तरह की हार्ट की बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है।
शाम के समय सूजन आए और थोड़ी देर आराम करने पर ठीक हो जाए, तो यह हृदय से संबंधित समस्याओं की तरफ इशारा करता है।
एक्टर कवि कुमार आजाद का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
कॉफी पीने से दिल से जुड़ी कोशिकाओं की कार्यक्षमता मजबूत होती है।
जब आप पानी को बहुत उबालकर पीते हैं, तो इसमें मौजूद नाइट्रेट जहर में बदल जाता है।
उच्च रक्तचाप पूरे शरीर में रक्त प्रवाह में बाधा डाल सकता है, जिसमें प्लेसेंटा और गर्भाशय शामिल हैं। यह भ्रूण की वृद्धि को प्रभावित करता है।
डॉक्टरों ने तीजनबाई के हृदय की धमनी में ब्लॉकेज पाया है, जिसके उपचार के लिए उन्हें भर्ती कर लिया गया है।
महिला मां बनकर एक सुखद एहसास का अनुभव करती है, मां बनने को सुखद एहसास कहकर हमें उनके हेल्थ के बारे में भूल नहीं जाना चाहिए।
स्टेंट के दामों पर सरकार के नियंत्रण के कारण ज्यादातर कंपनियों ने बेहतर गुणवत्ता वाले आधुनिक स्टेंट को भारतीय बाजार से हटा लिया है।
भारत स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता और पहुंच के मामले में 195 देशों की सूची में 145वें स्थान पर है।
वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं के साथ मिश्रित धूल, फेफड़ों और हृदय रोगों को बढ़ा सकती है।
मौजूदा एलोपैथी दवाएं शर्करा का स्तर तो कम करती हैं लेकिन इससे जुड़ी अन्य दिक्कतों को ठीक नहीं कर पाती हैं।
साइलेंट किलर के रूप में उच्च रक्तचाप सभी स्ट्रोक के कारण होने वाले 60 प्रतिशत मृत्यु के लिए जिम्मेदार है।
नये अध्ययन में इस बात का खुलासा धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन से स्ट्रोक, डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है।
यह ऐप स्ट्रोक, हृदय का काम बंद करना और हृदय संबंधित जैसी समस्याओं के खतरे को समझने में मदद करेगा।
अगर आप ज्यादा कॉफ़ी पीते हैं, तो सावधान हो जाएं!
भारत स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता और पहुंच के मामले में 195 देशों की सूची में 145वें स्थान पर है।
वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं के साथ मिश्रित धूल, फेफड़ों और हृदय रोगों को बढ़ा सकती है।
मौजूदा एलोपैथी दवाएं शर्करा का स्तर तो कम करती हैं लेकिन इससे जुड़ी अन्य दिक्कतों को ठीक नहीं कर पाती हैं।
साइलेंट किलर के रूप में उच्च रक्तचाप सभी स्ट्रोक के कारण होने वाले 60 प्रतिशत मृत्यु के लिए जिम्मेदार है।
नये अध्ययन में इस बात का खुलासा धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन से स्ट्रोक, डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है।
यह ऐप स्ट्रोक, हृदय का काम बंद करना और हृदय संबंधित जैसी समस्याओं के खतरे को समझने में मदद करेगा।
अगर आप ज्यादा कॉफ़ी पीते हैं, तो सावधान हो जाएं!
जानें मरीज़ की सेहत का ध्यान रखने के लिए क्या कर सकते हैं घरवाले और दोस्त।
अगर आप डायबीटिक हैं तो यह आर्टिकल पढ़ें और हार्ट अटैक से बचें।
इंदर कुमार के आत्मा को शांति मिलें!