Global Handwashing Day 2021 in hindi, सैनिटाइजर या साबुन हाथ साफ करने के लिए क्या है बेटर
Global Handwashing Day 2021: 'ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे' के मौके पर आइए जानते हैं, हाथ धोने के बेसिक टिप्स और स्टेप्स क्या होते हैं...
Global Handwashing Day 2021: 'ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे' के मौके पर आइए जानते हैं, हाथ धोने के बेसिक टिप्स और स्टेप्स क्या होते हैं...
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का सही तरीका बताते हुए ये भी बताया है कि इसे कैसे और कब यूज करना चाहिए।
1 से 5 वर्ष के 2,000 से ज्यादा बच्चे अपने माता-पिता के साथ राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो टीकाकरण (Polio vaccination) कार्यक्रम के लिए एकत्र हुए थे, जहां कुछ बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स की बजाय हैंड सैनिटाइजर पिला दिया गया।
लोगों ने भी अपनी ज़िंदगी में हैंड सैनिटाइजर्स की बोतल को जगह दी और अब लगभग हर व्यक्ति ना केवल हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहा है। बल्कि, अपने घरवालों और बच्चों को भी इसका प्रयोग करने के लिए भी आग्रह कर रहा है। लेकिन जिस हैंड सैनिटाइजर को आप अपने बच्चों को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। (Hand Sanitizers Side Effects in Children)
Hand Sanitizers and Coronavirus: ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर जिस तरह से COVID-19 वायरस से प्रभावित चीजों को कीटाणुरहित करने में मदद करते हैं, ठीक उसी तरह एल्कोहल-फ्री हैंड सैनिटाइजर (alcohol-free hand sanitizer) भी उतने ही प्रभावी होते हैं।
च्छ हाथों (Hand Washing) की मदद से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है। खासकर, साबुन और पानी उपलब्ध होने पर सैनिटाइज़र का प्रयोग बहुत ही ज़रूरी हो जाता है। इसीलिए, लोग अब अपने ऑफिस बैग, वर्क डेस्क पर सैनिटाइज़र की बॉटल रखते ही हैं। इसके अलावा छोटे बच्चों को भी उनके साथ सैनिटाइज़र की एक छोटी बोतल रखने के लिए उनके माता-पिता इन दिनों दे रहे हैं। लेकिन, बच्चों के लिए सैनिटाइजर का बहुत अधिक प्रयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसीलिए, बच्चों को सैनिटिज़र के इस्तेमाल से जुड़ी कुछ सावधानियां आपको बरतनी चाहिए।
कोरोना वायरस के डर से बहुत-से लोग बार-बार हाथों को सैनिटाइज करते रहते हैं और यह अच्छा भी है। लेकिन, सैनिटाइज़र का बहुत ज़्यादा उपयोग आपकी सेहत और स्किन दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार बहुत ज़्यादा सैनिटाइज़र लगाने से डर्मटाइटिस और स्किन से जुड़ी कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं ।
FDA ने चेतावनी दी है कि इथेनॉल (एथिल अल्कोहल) के रूप में लेबल किए गए कुछ हेंड सेनिटाइज़र ने मेथनॉल की सकारात्मक पुष्टि हुई है, जिसे 'वुड अल्कोहल' के रूप में भी जाना जाता है। वास्तव में, एफडीए ने एक रिकॉल सूची भी तैयार की है, जिसमें कुछ 69 हैंड सेनिटाइजर ऐसे हैं जो उन्होंने उपभोक्ताओं को उपयोग न करने की सलाह दी है।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मैक्सिको में बने 9 हैंड सैनिटाइजर ब्रांड को खरीदने और इस्तेमाल करने के खिलाफ उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है। इन हैंड सैनिटाइजर में 81 प्रतिशत जहरीला मेथनॉल होता है, जिसे वूड एल्कोहल के रूप में भी जाना जाता है। यदि आप भी कर रहे हैं इन 9 हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल, तो जान लें इनके नुकसान....
जब पानी और साबुन उपलब्ध नहीं होता तो, हम हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करते हैं। हाथों में छुपे बैक्टेरिया का साफ करने और इंफेक्शन से बचने का यह दूसरा सबसे बेहतर तरीका है। लेकिन, इसके लिए हैंड सैनिटाइज़र का प्रयोग सही तरीके से करना आवश्यक है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिज़िज़ कंट्रोल का कहना है कि ज़्यादातर लोगों को पता नहीं है कि सैनिटाइज़र का सही इस्तेमाल कैसे करना चाहिए।
कुछ लोग अपनी कार में हैंड सैनिटाइजर छोड़ देते हैं। लेकिन, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कार में हैंड सैनिटाइजर छोड़ना (Use of Hand Sanitizer in car) बिल्कुल भी सही नहीं है। इससे विस्फोट होने का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है। जानें, कार में सैनिटाइजर रखना सुरक्षित है या नहीं...
कोरोनावायरस से संक्रमित ना हो जाएं, इसके लिए लोग हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल बार-बार कर रहे हैं। पर क्या आपको पता है कि हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल आपकी सेहत को कई तरह से नुकसान भी पहुंचा सकता है?
Sanitizer Ingredients: कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में फैैैैल रहा है। ऐसे में सभी लोग काफी परेशान है। ऐसे में वायरस से बचने के लिए सभी को हाइजीन मेंटेन करने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर हाथों की सफाई करना बहुत ही जरूरी हो गया। हाथ की सफाई के लिए बार-बार साबुन का इस्तेमाल करना संभव नहीं है। इसलिए वैकल्पिक तौर सैनिटाइजर (Sanitizer Ingredients) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सही हैंड सैनिटाइजर्स का इस्तेमाल करना भी अहम और इसके लिए ज़रूरी है सही सैनिटाइजर का पता करता है। इन कुछ बातों का ध्यान रख कर आप समझ सकते हैं कि एक सही हैंड सैनिटाइजर की क्या खूबियां क्या होती हैं। जिससे, आपके लिए सैनिटाइजर खरीदते समय मदद होगी।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गैनाइजेशन (World Health Organisation-WHO) ने निर्देश दिए हैं कि कीटाणुओं और इंफेक्शन से बचने के लिए नियमित तौर पर हाथ धुलने चाहिए। इससे, हाथों के बैक्टेरिया मुंह तक नहीं पहुंचते और इंफेक्शन से सुरक्षित रहना आसान हो जाता है। जैसा कि हमेशा साबुन और पानी की उपलब्ध नहीं होते। इसीलिए, ऐसी स्थिति में हैंड सैनिटाइज़र्स काम आ सकते हैं।
लोगों को लगता है कि हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करने के बाद हाथ साफ हो गए, पर ऐसा होता नहीं है। यह तेल, घी, चीनी जैसी चीजों को ठीक से साफ नहीं करता है, इसलिए आप इसका यूज क्या खाने के बाद कर रहे हैं, यह ध्यान रखना जरूरी है।
हैंड सेनिटाइजर में पाया जाने वाला फालेट्स प्रजनन क्षमता पर डालता है बुरा असर।
Global Handwashing Day 2021: 'ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे' के मौके पर आइए जानते हैं, हाथ धोने के बेसिक टिप्स और स्टेप्स क्या होते हैं...
1 से 5 वर्ष के 2,000 से ज्यादा बच्चे अपने माता-पिता के साथ राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो टीकाकरण (Polio vaccination) कार्यक्रम के लिए एकत्र हुए थे, जहां कुछ बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स की बजाय हैंड सैनिटाइजर पिला दिया गया।
लोगों ने भी अपनी ज़िंदगी में हैंड सैनिटाइजर्स की बोतल को जगह दी और अब लगभग हर व्यक्ति ना केवल हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहा है। बल्कि, अपने घरवालों और बच्चों को भी इसका प्रयोग करने के लिए भी आग्रह कर रहा है। लेकिन जिस हैंड सैनिटाइजर को आप अपने बच्चों को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। (Hand Sanitizers Side Effects in Children)
Hand Sanitizers and Coronavirus: ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर जिस तरह से COVID-19 वायरस से प्रभावित चीजों को कीटाणुरहित करने में मदद करते हैं, ठीक उसी तरह एल्कोहल-फ्री हैंड सैनिटाइजर (alcohol-free hand sanitizer) भी उतने ही प्रभावी होते हैं।
च्छ हाथों (Hand Washing) की मदद से ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है। खासकर, साबुन और पानी उपलब्ध होने पर सैनिटाइज़र का प्रयोग बहुत ही ज़रूरी हो जाता है। इसीलिए, लोग अब अपने ऑफिस बैग, वर्क डेस्क पर सैनिटाइज़र की बॉटल रखते ही हैं। इसके अलावा छोटे बच्चों को भी उनके साथ सैनिटाइज़र की एक छोटी बोतल रखने के लिए उनके माता-पिता इन दिनों दे रहे हैं। लेकिन, बच्चों के लिए सैनिटाइजर का बहुत अधिक प्रयोग नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसीलिए, बच्चों को सैनिटिज़र के इस्तेमाल से जुड़ी कुछ सावधानियां आपको बरतनी चाहिए।
कोरोना वायरस के डर से बहुत-से लोग बार-बार हाथों को सैनिटाइज करते रहते हैं और यह अच्छा भी है। लेकिन, सैनिटाइज़र का बहुत ज़्यादा उपयोग आपकी सेहत और स्किन दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार बहुत ज़्यादा सैनिटाइज़र लगाने से डर्मटाइटिस और स्किन से जुड़ी कई अन्य समस्याएं हो सकती हैं ।
FDA ने चेतावनी दी है कि इथेनॉल (एथिल अल्कोहल) के रूप में लेबल किए गए कुछ हेंड सेनिटाइज़र ने मेथनॉल की सकारात्मक पुष्टि हुई है, जिसे 'वुड अल्कोहल' के रूप में भी जाना जाता है। वास्तव में, एफडीए ने एक रिकॉल सूची भी तैयार की है, जिसमें कुछ 69 हैंड सेनिटाइजर ऐसे हैं जो उन्होंने उपभोक्ताओं को उपयोग न करने की सलाह दी है।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मैक्सिको में बने 9 हैंड सैनिटाइजर ब्रांड को खरीदने और इस्तेमाल करने के खिलाफ उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है। इन हैंड सैनिटाइजर में 81 प्रतिशत जहरीला मेथनॉल होता है, जिसे वूड एल्कोहल के रूप में भी जाना जाता है। यदि आप भी कर रहे हैं इन 9 हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल, तो जान लें इनके नुकसान....
जब पानी और साबुन उपलब्ध नहीं होता तो, हम हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करते हैं। हाथों में छुपे बैक्टेरिया का साफ करने और इंफेक्शन से बचने का यह दूसरा सबसे बेहतर तरीका है। लेकिन, इसके लिए हैंड सैनिटाइज़र का प्रयोग सही तरीके से करना आवश्यक है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिज़िज़ कंट्रोल का कहना है कि ज़्यादातर लोगों को पता नहीं है कि सैनिटाइज़र का सही इस्तेमाल कैसे करना चाहिए।
कुछ लोग अपनी कार में हैंड सैनिटाइजर छोड़ देते हैं। लेकिन, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कार में हैंड सैनिटाइजर छोड़ना (Use of Hand Sanitizer in car) बिल्कुल भी सही नहीं है। इससे विस्फोट होने का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है। जानें, कार में सैनिटाइजर रखना सुरक्षित है या नहीं...
कोरोनावायरस से संक्रमित ना हो जाएं, इसके लिए लोग हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल बार-बार कर रहे हैं। पर क्या आपको पता है कि हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल आपकी सेहत को कई तरह से नुकसान भी पहुंचा सकता है?
Sanitizer Ingredients: कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में फैैैैल रहा है। ऐसे में सभी लोग काफी परेशान है। ऐसे में वायरस से बचने के लिए सभी को हाइजीन मेंटेन करने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर हाथों की सफाई करना बहुत ही जरूरी हो गया। हाथ की सफाई के लिए बार-बार साबुन का इस्तेमाल करना संभव नहीं है। इसलिए वैकल्पिक तौर सैनिटाइजर (Sanitizer Ingredients) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सही हैंड सैनिटाइजर्स का इस्तेमाल करना भी अहम और इसके लिए ज़रूरी है सही सैनिटाइजर का पता करता है। इन कुछ बातों का ध्यान रख कर आप समझ सकते हैं कि एक सही हैंड सैनिटाइजर की क्या खूबियां क्या होती हैं। जिससे, आपके लिए सैनिटाइजर खरीदते समय मदद होगी।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गैनाइजेशन (World Health Organisation-WHO) ने निर्देश दिए हैं कि कीटाणुओं और इंफेक्शन से बचने के लिए नियमित तौर पर हाथ धुलने चाहिए। इससे, हाथों के बैक्टेरिया मुंह तक नहीं पहुंचते और इंफेक्शन से सुरक्षित रहना आसान हो जाता है। जैसा कि हमेशा साबुन और पानी की उपलब्ध नहीं होते। इसीलिए, ऐसी स्थिति में हैंड सैनिटाइज़र्स काम आ सकते हैं।
लोगों को लगता है कि हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करने के बाद हाथ साफ हो गए, पर ऐसा होता नहीं है। यह तेल, घी, चीनी जैसी चीजों को ठीक से साफ नहीं करता है, इसलिए आप इसका यूज क्या खाने के बाद कर रहे हैं, यह ध्यान रखना जरूरी है।
हैंड सेनिटाइजर में पाया जाने वाला फालेट्स प्रजनन क्षमता पर डालता है बुरा असर।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का सही तरीका बताते हुए ये भी बताया है कि इसे कैसे और कब यूज करना चाहिए।