हर दिन वजन मापेंगे तो नहीं बढ़ेगा मोटापा, शोध का दावा
इस शोध के दौरान पाया गया कि जिन लोगों ने रोज अपने वजन का मापा उनका वजन या तो नियंत्रित रहा या फिर कम हो गया। वहीं, जिन प्रतिभागियों ने रोज अपना वजन नहीं मापा उनका वजन बढ़ गया।
इस शोध के दौरान पाया गया कि जिन लोगों ने रोज अपने वजन का मापा उनका वजन या तो नियंत्रित रहा या फिर कम हो गया। वहीं, जिन प्रतिभागियों ने रोज अपना वजन नहीं मापा उनका वजन बढ़ गया।
गठिया समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं का सीधा संबंध मोटापे से जुड़ा हुआ है। यह खास तौर पर घुटनों के पुराने ऑस्टियोअर्थराइटिस यानि गठिया की स्थिति को गंभीर करता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति असहज और घातक पीड़ा का अनुभव करता है।
मैदा खाने से शरीर को तुंरत नुकसान नहीं होता है, जबकि कुछ समय बाद वाकई इससे शरीर को कई तरह के हानिकारक प्रभाव पहुंचते हैं।
आप भी जरूर जानना चाहेंगे कि साल भर लोग सबसे ज्यादा किस बीमारी से परेशान रहे। असल में यह बीमारी ऐसी है कि जिससे हम परेशान तो रहे पर इसका निदान करने की बजाए हम इसमें इजाफा ही करते रहे।
साझा अध्ययन में यह बात और पुख्ता हुई कि बहुत पतले पुरुषों और बहुत मोटी महिलाओं में ज्यादा होता है अवसाद का जोखिम।
आपकी शादीशुदा जिंदगी में छुपा है आपके वजन का राज।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दुनिया में 22 प्रतिशत लोग 2045 तक मोटापे से ग्रस्त होंगे।
इस शोध के दौरान पाया गया कि जिन लोगों ने रोज अपने वजन का मापा उनका वजन या तो नियंत्रित रहा या फिर कम हो गया। वहीं, जिन प्रतिभागियों ने रोज अपना वजन नहीं मापा उनका वजन बढ़ गया।
गठिया समेत कई स्वास्थ्य समस्याओं का सीधा संबंध मोटापे से जुड़ा हुआ है। यह खास तौर पर घुटनों के पुराने ऑस्टियोअर्थराइटिस यानि गठिया की स्थिति को गंभीर करता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति असहज और घातक पीड़ा का अनुभव करता है।
मैदा खाने से शरीर को तुंरत नुकसान नहीं होता है, जबकि कुछ समय बाद वाकई इससे शरीर को कई तरह के हानिकारक प्रभाव पहुंचते हैं।
आप भी जरूर जानना चाहेंगे कि साल भर लोग सबसे ज्यादा किस बीमारी से परेशान रहे। असल में यह बीमारी ऐसी है कि जिससे हम परेशान तो रहे पर इसका निदान करने की बजाए हम इसमें इजाफा ही करते रहे।
साझा अध्ययन में यह बात और पुख्ता हुई कि बहुत पतले पुरुषों और बहुत मोटी महिलाओं में ज्यादा होता है अवसाद का जोखिम।
आपकी शादीशुदा जिंदगी में छुपा है आपके वजन का राज।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दुनिया में 22 प्रतिशत लोग 2045 तक मोटापे से ग्रस्त होंगे।