त्वचा में खुजली या दर्द रहे तो नजरअंदाज करना ठीक नहीं, हो सकता है मेलेनोमा
त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूपों में से एक है मेलेनोमा।
त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूपों में से एक है मेलेनोमा।
सिगरेट अधिक पीने वालों में ऑरोफेरिंजियल कैंसर के मामले पांच से 25 गुना अधिक होते हैं।
वायरल हेपेटाइटिस (एचबी) को लेकर जागरूकता और उपचार की कमी से देश में हर साल लगभग 4.1 लाख मौतें हो सकती हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस के कुछ लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, पीलिया, लाल आंखें, पेट दर्द, दस्त आदि शामिल हैं।
देश में जेनेटिक विकार एक बहुत ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।
डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, "सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने की खबर केवल एक तथ्य की ओर इशारा करती है कि समय पर निदान और कार्रवाई का बड़ा महत्व है।
आपकी आंतें दुरुस्त रहें, तो मस्तिष्क भी सही तरीके से काम करता है और आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है।
2050 तक दुनिया में पांच में से एक व्यक्ति 65 से अधिक की उम्र का होगा और करीब 50 करोड़ आबादी 80 से अधिक वर्ष वालों की होगी।
दिव्या दत्ता का कहना है कि बच्चों को अपने दैनिक जीवन से तनाव और दबाव से दूर रखना चाहिए।
अपने सिस्टम को सपोर्ट करने वाले खाद्य पदार्थों जैसे साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, प्रोटीन, अच्छी वसा और कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट का सेवन अधिक करें।
वर्क स्ट्रेस से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो हर दिन लगभग 30 मिनट शारीरिक व्यायाम करें।
बुजुर्गो में प्रति वर्ष लगभग 1 प्रतिशत की दर से हड्डियों की क्षति होती रहती है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति वर्ष लगभग 15 ग्राम कैल्शियम कम हो जाता है।
लोगों के दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले निपाह वायरस से कुछ सरल उपाय अपनाकर बचा जा सकता है।
भारत में शिशु मृत्युदर 34 प्रति 1000 जीवित जन्मों पर आधारित है। इन मौतों में से लगभग 10 प्रतिशत के लिए अकेले जन्मजात हृदय रोग या सीएचडी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दुनिया में 22 प्रतिशत लोग 2045 तक मोटापे से ग्रस्त होंगे।
भारत में हार्ट फेलियर से ग्रस्त रोगियों का मृत्युदर बहुत ज्यादा है। बीमारी की पहचान होने के एक साल के भीतर ही करीब 23 फीसदी रोगियों की मृत्यु हो जाती है।
निपाह वायरस के इलाज का एकमात्र तरीका कुछ सहायक दवाइयां और पैलिएटिव केयर है।
आपकी यह गलतियां आपकी खूबसूरती को बिगाड़ सकती हैं!
त्वचा कैंसर के सबसे घातक रूपों में से एक है मेलेनोमा।
सिगरेट अधिक पीने वालों में ऑरोफेरिंजियल कैंसर के मामले पांच से 25 गुना अधिक होते हैं।
वायरल हेपेटाइटिस (एचबी) को लेकर जागरूकता और उपचार की कमी से देश में हर साल लगभग 4.1 लाख मौतें हो सकती हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस के कुछ लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, पीलिया, लाल आंखें, पेट दर्द, दस्त आदि शामिल हैं।
देश में जेनेटिक विकार एक बहुत ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।
डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा, "सोनाली बेंद्रे को कैंसर होने की खबर केवल एक तथ्य की ओर इशारा करती है कि समय पर निदान और कार्रवाई का बड़ा महत्व है।
आपकी आंतें दुरुस्त रहें, तो मस्तिष्क भी सही तरीके से काम करता है और आपका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है।
2050 तक दुनिया में पांच में से एक व्यक्ति 65 से अधिक की उम्र का होगा और करीब 50 करोड़ आबादी 80 से अधिक वर्ष वालों की होगी।
दिव्या दत्ता का कहना है कि बच्चों को अपने दैनिक जीवन से तनाव और दबाव से दूर रखना चाहिए।
अपने सिस्टम को सपोर्ट करने वाले खाद्य पदार्थों जैसे साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, प्रोटीन, अच्छी वसा और कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट का सेवन अधिक करें।
वर्क स्ट्रेस से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो हर दिन लगभग 30 मिनट शारीरिक व्यायाम करें।
बुजुर्गो में प्रति वर्ष लगभग 1 प्रतिशत की दर से हड्डियों की क्षति होती रहती है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति वर्ष लगभग 15 ग्राम कैल्शियम कम हो जाता है।
लोगों के दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले निपाह वायरस से कुछ सरल उपाय अपनाकर बचा जा सकता है।
भारत में शिशु मृत्युदर 34 प्रति 1000 जीवित जन्मों पर आधारित है। इन मौतों में से लगभग 10 प्रतिशत के लिए अकेले जन्मजात हृदय रोग या सीएचडी को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दुनिया में 22 प्रतिशत लोग 2045 तक मोटापे से ग्रस्त होंगे।
भारत में हार्ट फेलियर से ग्रस्त रोगियों का मृत्युदर बहुत ज्यादा है। बीमारी की पहचान होने के एक साल के भीतर ही करीब 23 फीसदी रोगियों की मृत्यु हो जाती है।
निपाह वायरस के इलाज का एकमात्र तरीका कुछ सहायक दवाइयां और पैलिएटिव केयर है।
आपकी यह गलतियां आपकी खूबसूरती को बिगाड़ सकती हैं!