अनियमित पीरियड्स, वजन बढ़ना और थकान: क्या थायराइड हो सकता है कारण?
Irregular Periods Or Thyroid: क्या आपके पीरियड्स भी फिक्स डेट पर नहीं आते हैं या वजन बढ़ने और थकान होने जैसी समस्या हो रही है? अगर हां तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है।
Irregular Periods Or Thyroid: क्या आपके पीरियड्स भी फिक्स डेट पर नहीं आते हैं या वजन बढ़ने और थकान होने जैसी समस्या हो रही है? अगर हां तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है।
Causes of irregular periods in girls- पीरियड्स शुरू होने के बाद लड़कियों को ना केवल शारीरिक स्तर पर बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी मां-बाप की मदद की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में बच्ची को कुछ बातों की जानकारी जरूर कराएं। इस तरह उसके लिए पीरियड्स को लेकर सहज और पॉजिटिव रहने में भी मदद होगी।
पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं केवल हार्मोन्स से जुड़ी हुई नहीं होती। बल्कि आपकी डेली लाइफस्टाइल, आदतें और आपकी मेंटल हेल्थ भी आपके मेंस्ट्रुअल साइकिल को प्रभावित करती हैं। आइए जानते हैं कि कैसे ये चीजें और मेंस्ट्रुअल साइकिल पर असर डालती हैं।
मात्र 5 से 10 रुपये के खर्चे में आप बांझपन से लेकर माहवारी (पीरियड्स) तक में आने वाली दिक्कतों को दूर कर सकती हैं.
Symptoms of Irregular Periods: बात अगर इसके लक्षण की करें तो इनमें यूटेरस में दर्द होना, भूख ना लगना, पेट और कमर में दर्द होना, हाथ-पैर में दर्द होना, थकान महसूस होना, यूटेरस में ब्लड क्लॉट्स का बन जाना इसके लक्षण हैं।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं ब्लड क्लॉटिंग को सोखने के लिए सैनेटरी पैड और टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इन चीजों के गलत इस्तेमाल के कारण महिलाओं को गुप्तांगों में खुजली, सूजन और लाल चकत्तों जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
अमूमन महिलाओं का मासिक धर्म चक्र 28 दिन का होता है। इसमें एक-दो दिन आगे-पीछे होना सामान्य बात है। पर अगर पीरियड लगातार समय से पहले आ रहे हैं तो यह किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है।
अनियमित पीरियड्स की समस्या 18 साल की उम्र से लेकर 40 साल तक की उम्र की महिलाओं में देखी जाती है। इस उम्र में होने वाली अनियमितता का कारण हार्मोनल असंतुलन, जीवनशैली में परिवर्तन और दवाइयों का कुप्रभाव जैसी चीजें जिम्मेदार होती हैं।
Irregular Periods Or Thyroid: क्या आपके पीरियड्स भी फिक्स डेट पर नहीं आते हैं या वजन बढ़ने और थकान होने जैसी समस्या हो रही है? अगर हां तो यह थायराइड का संकेत हो सकता है।
Causes of irregular periods in girls- पीरियड्स शुरू होने के बाद लड़कियों को ना केवल शारीरिक स्तर पर बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी मां-बाप की मदद की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में बच्ची को कुछ बातों की जानकारी जरूर कराएं। इस तरह उसके लिए पीरियड्स को लेकर सहज और पॉजिटिव रहने में भी मदद होगी।
पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं केवल हार्मोन्स से जुड़ी हुई नहीं होती। बल्कि आपकी डेली लाइफस्टाइल, आदतें और आपकी मेंटल हेल्थ भी आपके मेंस्ट्रुअल साइकिल को प्रभावित करती हैं। आइए जानते हैं कि कैसे ये चीजें और मेंस्ट्रुअल साइकिल पर असर डालती हैं।
पीरियड्स के दौरान महिलाएं ब्लड क्लॉटिंग को सोखने के लिए सैनेटरी पैड और टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इन चीजों के गलत इस्तेमाल के कारण महिलाओं को गुप्तांगों में खुजली, सूजन और लाल चकत्तों जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
अमूमन महिलाओं का मासिक धर्म चक्र 28 दिन का होता है। इसमें एक-दो दिन आगे-पीछे होना सामान्य बात है। पर अगर पीरियड लगातार समय से पहले आ रहे हैं तो यह किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है।
अनियमित पीरियड्स की समस्या 18 साल की उम्र से लेकर 40 साल तक की उम्र की महिलाओं में देखी जाती है। इस उम्र में होने वाली अनियमितता का कारण हार्मोनल असंतुलन, जीवनशैली में परिवर्तन और दवाइयों का कुप्रभाव जैसी चीजें जिम्मेदार होती हैं।
मात्र 5 से 10 रुपये के खर्चे में आप बांझपन से लेकर माहवारी (पीरियड्स) तक में आने वाली दिक्कतों को दूर कर सकती हैं.
Symptoms of Irregular Periods: बात अगर इसके लक्षण की करें तो इनमें यूटेरस में दर्द होना, भूख ना लगना, पेट और कमर में दर्द होना, हाथ-पैर में दर्द होना, थकान महसूस होना, यूटेरस में ब्लड क्लॉट्स का बन जाना इसके लक्षण हैं।