युगांडा में एबोला का बढ़ा प्रकोप, घरों में कैद रहेंगे लोग, Watch Video
एलोबा अपने पैर अफ्रीका के युगांडा में पसार रहा हैं, इसे कम करने के लिए सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं।
एलोबा अपने पैर अफ्रीका के युगांडा में पसार रहा हैं, इसे कम करने के लिए सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं।
इससे पहले साल 2013-2016 के बीच अफ्रीकी देशों में इबोला की महामारी आयी थी। तब इस खतरनाक वायरस से तकरीबन 11 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार, 2016 के बाद पहली बार गिनी में इबोला से लोगों की मृत्यु हुई है। इन मृतकों में एक नर्स भी शामिल है। (Ebola Outbreak in Guinea)
What is Disease X: विशेषज्ञों का कहना है कि यह जानलेवा वायरस ''डिजीज एक्स'' कोरोना से भी तेजी से फैलता है और इबोला वायरस (Ebola Virus) की ही तरह खतरनाक है।
इबोला ने कांगो में दस्तक दे दी है। इस बात की पुष्टि स्थानीय लोगों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भी की गई है। खबरों के मुताबिक, कांगो में इबोला के अबतक 6 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें से 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
इबोला वायरस संक्रमण या इबोला वायरस डिजीज (Ebola Virus Disease) एक जानलेवा व खतरनाक वायरस इंफेक्शन है. जानवरों से इंसान में आने वाले इबोला वायरस के लक्षण सामान्यतः बुखार, फ्लू के साथ नाक, कान, मुंह से खून निकलना होता है. इबोला वायरस का कारण संक्रमण को माना जाता है. इबोला वायरस से बचाव ही इसका इलाज है. आइए जानते हैं इबोला वायरस के कारण, लक्षण और बचाव के मुख्य उपायों के बारे में...
अधिकतर मामलों में इबोला पीड़ितों की मृत्यु हो जाती है। बीमारी बढ़ने के साथ ये समस्याएं उभर सकती हैं- शरीर के अंगों का काम करना बंद हो जाना, अत्यधिक रक्तस्राव, पीलिया, दौरा पड़ना, कोमा और सदमा आदि। इसके लक्षणों को पहचान कर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
इबोला वायरस बहुत ही खतरनाक है। अभी तक इसका कोई इलाज नहीं मिल पाया है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून, थूक और पसीने से भी फैल सकता है। WHO ने युगांडा में अभी एक पांच साल के बच्चे में इबोला वायरस से पीडि़त होने की पुष्टि की है। हालांकि पिछले दस महीनों में कांगो में दो हजार से ज्यादा मामले देखने में आए हैं। इसलिए सावधान होने की जरूरत है।
इससे पहले साल 2013-2016 के बीच अफ्रीकी देशों में इबोला की महामारी आयी थी। तब इस खतरनाक वायरस से तकरीबन 11 हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार, 2016 के बाद पहली बार गिनी में इबोला से लोगों की मृत्यु हुई है। इन मृतकों में एक नर्स भी शामिल है। (Ebola Outbreak in Guinea)
What is Disease X: विशेषज्ञों का कहना है कि यह जानलेवा वायरस ''डिजीज एक्स'' कोरोना से भी तेजी से फैलता है और इबोला वायरस (Ebola Virus) की ही तरह खतरनाक है।
इबोला ने कांगो में दस्तक दे दी है। इस बात की पुष्टि स्थानीय लोगों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा भी की गई है। खबरों के मुताबिक, कांगो में इबोला के अबतक 6 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें से 4 लोगों की मौत हो चुकी है।
इबोला वायरस संक्रमण या इबोला वायरस डिजीज (Ebola Virus Disease) एक जानलेवा व खतरनाक वायरस इंफेक्शन है. जानवरों से इंसान में आने वाले इबोला वायरस के लक्षण सामान्यतः बुखार, फ्लू के साथ नाक, कान, मुंह से खून निकलना होता है. इबोला वायरस का कारण संक्रमण को माना जाता है. इबोला वायरस से बचाव ही इसका इलाज है. आइए जानते हैं इबोला वायरस के कारण, लक्षण और बचाव के मुख्य उपायों के बारे में...
अधिकतर मामलों में इबोला पीड़ितों की मृत्यु हो जाती है। बीमारी बढ़ने के साथ ये समस्याएं उभर सकती हैं- शरीर के अंगों का काम करना बंद हो जाना, अत्यधिक रक्तस्राव, पीलिया, दौरा पड़ना, कोमा और सदमा आदि। इसके लक्षणों को पहचान कर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
इबोला वायरस बहुत ही खतरनाक है। अभी तक इसका कोई इलाज नहीं मिल पाया है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून, थूक और पसीने से भी फैल सकता है। WHO ने युगांडा में अभी एक पांच साल के बच्चे में इबोला वायरस से पीडि़त होने की पुष्टि की है। हालांकि पिछले दस महीनों में कांगो में दो हजार से ज्यादा मामले देखने में आए हैं। इसलिए सावधान होने की जरूरत है।
एलोबा अपने पैर अफ्रीका के युगांडा में पसार रहा हैं, इसे कम करने के लिए सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं।