नहाने के दौरान कान में पानी चला जाए तो क्या करें
Water Stuck In Your Ear : कई बार नहाते समय हमारे कानों में भी पानी घुस जाता है जिसे निकालने में काफी मुश्किल होती है। इन 5 टिप्स का प्रयोग करके हो सकेंगे कान से पानी निकाल पाने में सक्षम।
Water Stuck In Your Ear : कई बार नहाते समय हमारे कानों में भी पानी घुस जाता है जिसे निकालने में काफी मुश्किल होती है। इन 5 टिप्स का प्रयोग करके हो सकेंगे कान से पानी निकाल पाने में सक्षम।
क्या आप जानते हैं सर्दी के दिनों में भी नाक से खून बहना यानी नकसीर फूटने की समस्या होती है? जानिए, इसके क्या कारण हो सकते हैं...
जैसा कि अब सर्दियों का मौसम शुरु हो चुका है और अगर आप या आपके परिवार में किसी बड़े-बुज़ुर्ग को सर्दियों के मौसम में ईयर इंफेक्शन जैसी समस्याएं होती हैं। तो, इस बार अपने कानों की देखरेख (Ear Care Tips) पर विशेष ध्यान दें। यहां पढ़ें कुछ ईयर केयर टिप्स जो सर्दियों में आपके कानों की परेशानियों को रखेंगी कोसो दूर (Ear Care Tips)
यदि सिरदर्द स्ट्रेस एंजायटी जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं तो कान की मसाज करें। आज हम आपको एक काम की बात बताने जा रहे हैं। अगर आप इन समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो कानों की रोजाना मालिश इसमें काफी कारगर साबित हो सकती है। जानिए कैसे।
ईयर वैक्स कई बार ईयर इंफेक्शन का कारण बनता है। ऐसे में कानों की साफ-सफाई का नियमित रूप से ध्यान रखना चाहिए। जानें, कान में जमी मैल को निकालने के कुछ सुरक्षित घरेलू (Earwax Home Remedies) उपाय...
नीदरलैंड्स के कैंसर इंस्टिट्यूट से जुड़े इन वैज्ञानिकों को गले के ऊपरी हिस्से में 2 लार ग्रंथियां (Salivary glands) मिली हैं। मिली जानकारी के अनुसार इन्हें, ट्यूबेरियल सलाइवरी ग्लैंड नाम दिया गया है।
क्या आपके कान में भी कभी-कभी सीटी या घंटी बजने की आवाज आती है? कान में घंटी बजने को टिनाइटस (tinnitus) कहते हैं। कई बार कानों में इस तरह की आवाजें सुनाई देना सामान्य होता है, लेकिन बार-बार सीटी बजना खतरनाक भी हो सकता है। जानें, कान बजने के कारण और लक्षण...
कान और नाक छिदवाने की परंपरा के कई फायदे हैं, इसलिए भी ज़्यादातर बच्चों के कान और नाक में 2-3 वर्ष के होने पर छेद करा दिया जाता है। आइए जानते हैं क्या है पियर्सिंग (Health Benefits of Piercing) के फायदे और कान छिदवाने के बाद किस तरह रखना चाहिए बच्चे का ख्याल ।
बहुत से लोगों को आपने देखा होगा कि मौसम बदलने के साथ ही उन्हें कान में दिक्कते होनी शुरू हो जाती हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। आज हम आपको कान में होने वाली परेशानियां और इसके बचाव के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं मौसम में बदलाव के साथ ही कान में किस तरह की हो सकती हैं (Ear Problems) समस्याएं?
कोरोना से संबंधित एक ऐसी स्टडी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस सिर्फ नाक, गले और फेफड़ों को ही बुरी तरह से प्रभावित नहीं करता है, बल्कि यह कान को भी संक्रमित कर सकता है।
बच्चों को नकसीर की समस्या अधिक होती है। अगर आपके बच्चों के नाक से अधिक खून बहता है, तो घबराएं नहीं, इसके लिए आज हम आपको कुछ घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं। इन उपचार से नाक में खून बहने की समस्या से तुरंत राहत मिल जाएगा।
ईयर पियर्सिंग के बाद, कानों की त्वचा की देखभाल करने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। खासकर, छोटे बच्चों को पहली बार ईयर पियर्सिंग कराने के बाद परेशानी होती है। उनकी कोमल त्वचा पर रैशेज़ और जख्म भी हो जाते हैं। इसीलिए, ऐसे में बच्चे की त्वचा का ख्याल रखें इन टिप्स की मदद से।
बच्चों में कान दर्द होना आम बात है। कई बार कान में अंदरूनी संक्रमण होने से भी कान में दर्द होने लगता है। कई बार कान में सरसों तेल डालने से दर्द दूर हो जाता है, पर लगातार दर्द बना रहे, तो यह चिंता वाली बात हो सकती है। बच्चों में कान का दर्द उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक हो सकता है। बच्चों के कान का दर्द का इलाज आप कुछ घरेलू उपायों को भी अपनाकर दूर कर सकती हैं। जानें, कौन से हैं वो बच्चों में होने वाले कान के दर्र का रामबाण इलाज...
यदि आपके या आपके बच्चे के कान में दर्द हो, तो आप कान दर्द (earache home remedies) से छुटकारा पाने के लिए इन घरेलू उपायों को आजमा कर देखें।
टाइनाइटस में मरीज एक या दोनों कानों में हमेशा शोर या घंटी या फिर भन्न-भन्न की आवाज सुनता है, जिसकी वजह कान के अंदर की कोशिका का क्षतिग्रस्त होना है। मरीज को ये आवाजें लगातार या फिर रुक-रुक कर सताती हैं। वाहन आदि के शोर के अलावा सिर में चोट लगने, दवाइयों के साइड इफेक्ट, कान में वैक्स जमा होने और संक्रमण की वजह से भी टाइनाइटस हो सकता है।
कान में दर्द कई बार कान के इंफेक्शन की वजह से भी हो सकता है। बरसात में यह बच्चों में होने वाली बहुत आम समस्या है। इसके लिए आप ये घरेलू उपाय भी अपना कर देख सकते हैं।
कान से पस निकलने का मुख्य कारण कान का पर्दा फटना नहीं होता है। अगर कान का पर्दा फटता है तो उससे सिर्फ पानी बहता है।
कान में हो रहे दर्द के लिए अदरक का रस एक कारगर दवा है। इसका रस निकालकर कानों में डालने से दर्द से राहत मिलती है।
गले में दर्द की शिकायत के बाद दोनों बहनों को रियासी के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां दो घंटे के भीतर ही दोनों की मौत हो गई।
ठंड के मौसम में दर्द को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। कई बार लोगों की अनदेखी से लाइफ खतरे में आ जाती है।
कई बार बच्चों को बचपन में ही कान में इंफेक्शन हो जाता है और बाद में कान में समस्याएं बढ़ जाती हैं।
सही सफाई न होने पर आपको कान में दर्द, खुजली, जलन या बहरापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
योग और प्राणायाम सिर्फ मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए नहीं किया जाता है बल्कि इससे कई बीमारियों के साथ-साथ कान की समस्याओं को भी दूर कर सकते हैं।
अगर मरीज को पूरी तरह से सुनाई देना बंद हो गया है, तो यह कान के कैंसर का लक्षण हो सकता है।
बच्चों को नकसीर की समस्या अधिक होती है। अगर आपके बच्चों के नाक से अधिक खून बहता है, तो घबराएं नहीं, इसके लिए आज हम आपको कुछ घरेलू उपचार बताने जा रहे हैं। इन उपचार से नाक में खून बहने की समस्या से तुरंत राहत मिल जाएगा।
ईयर पियर्सिंग के बाद, कानों की त्वचा की देखभाल करने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। खासकर, छोटे बच्चों को पहली बार ईयर पियर्सिंग कराने के बाद परेशानी होती है। उनकी कोमल त्वचा पर रैशेज़ और जख्म भी हो जाते हैं। इसीलिए, ऐसे में बच्चे की त्वचा का ख्याल रखें इन टिप्स की मदद से।
यदि आपके या आपके बच्चे के कान में दर्द हो, तो आप कान दर्द (earache home remedies) से छुटकारा पाने के लिए इन घरेलू उपायों को आजमा कर देखें।
टाइनाइटस में मरीज एक या दोनों कानों में हमेशा शोर या घंटी या फिर भन्न-भन्न की आवाज सुनता है, जिसकी वजह कान के अंदर की कोशिका का क्षतिग्रस्त होना है। मरीज को ये आवाजें लगातार या फिर रुक-रुक कर सताती हैं। वाहन आदि के शोर के अलावा सिर में चोट लगने, दवाइयों के साइड इफेक्ट, कान में वैक्स जमा होने और संक्रमण की वजह से भी टाइनाइटस हो सकता है।
कान में दर्द कई बार कान के इंफेक्शन की वजह से भी हो सकता है। बरसात में यह बच्चों में होने वाली बहुत आम समस्या है। इसके लिए आप ये घरेलू उपाय भी अपना कर देख सकते हैं।
कान से पस निकलने का मुख्य कारण कान का पर्दा फटना नहीं होता है। अगर कान का पर्दा फटता है तो उससे सिर्फ पानी बहता है।
कान में हो रहे दर्द के लिए अदरक का रस एक कारगर दवा है। इसका रस निकालकर कानों में डालने से दर्द से राहत मिलती है।
गले में दर्द की शिकायत के बाद दोनों बहनों को रियासी के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां दो घंटे के भीतर ही दोनों की मौत हो गई।
ठंड के मौसम में दर्द को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। कई बार लोगों की अनदेखी से लाइफ खतरे में आ जाती है।
कई बार बच्चों को बचपन में ही कान में इंफेक्शन हो जाता है और बाद में कान में समस्याएं बढ़ जाती हैं।
योग और प्राणायाम सिर्फ मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए नहीं किया जाता है बल्कि इससे कई बीमारियों के साथ-साथ कान की समस्याओं को भी दूर कर सकते हैं।
अगर मरीज को पूरी तरह से सुनाई देना बंद हो गया है, तो यह कान के कैंसर का लक्षण हो सकता है।
कानों के बालों से छुटकारा पाने के ट्रिमिग और ट्विजिंग जैसे कई विकल्प हैं।
स्ट्रैप थ्रोट के लक्षणों में अचानक बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना, भूख की कमी और लिम्फ नोड्स में सूजन होना शामिल हैं।
बुखार, सिर घूमने, खांसी, सीने में दर्द हो तो भी एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए।
हवा का दबाव कम होने के कारण यात्रियाेें की तबियत बिगड़ी, आने लगा कान-नाक से खून।
कान की गंदगी से जुड़ा है दिल की बीमारी का तार, शोध में हुआ खुलासा!
कोहनी की क्रीज के अंदरूनी हिस्से के पवाइंट्स को दबाने से वजन नहीं बढ़ता है।
उम्र बढ़ने के साथ समझदारी और दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता में इजाफा होता है।
कान के बाहर या भीतर पानी जैसे रंगहीन तरल पदार्थ या मवाद या खून के रिसाव को ही कान बहना कहते हैं।
बच्चों को ईयर इंफेक्शन से बचाने के लिए आप यह तरीके अपना सकते हैं।
एक रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों के कान पर बाल होते हैं, ऐसे लोगों को कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है।
1-2 बड़ा चम्मच कानों में बेबी ऑयल डालने से कान में जमी मैल आसानी से निकल जाती है।
माइग्रेन से पीड़ित लोगों को कान बजने की शिकायत के साथ-साथ कान के भीतरी हिस्से में कोई विकार भी हो सकता है।