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ई-सिगरेट क्या होता है? यह सामान्य सिगरेट से कैसे अलग है और कितना Toxic है?

ई-सिगरेट क्या होता है? यह सामान्य सिगरेट से कैसे अलग है और कितना Toxic है?

सिगरेट के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन आज हम आपको ई सिगरेट के बारे में बताने वाले हैं, जिसे बहुत से लोग पीते हैं और मानते हैं कि यह धुआं उड़ाने वाली सिगरेट के कम हानिकारक है।

Blood Clotting and E-Cigarettes : निकोटिन वाली सिगरेट पीने से होते हैं साधारण सिगरेट जैसे ही नुकसान, 23 फीसदी अधिक ब्लड क्लॉटिंग के मिले प्रमाण

Blood Clotting and E-Cigarettes : निकोटिन वाली सिगरेट पीने से होते हैं साधारण सिगरेट जैसे ही नुकसान, 23 फीसदी अधिक ब्लड क्लॉटिंग के मिले प्रमाण

शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि ई-सिगरेट के इस्तेमाल से निकोटिन  के बुरे प्रभाव शरीर पर पड़ते हैं। निकोटीन शरीर में एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन के लेवल को बढ़ाने का काम करता है जिससे ब्लड क्लॉटिंग की संभावना बढ़ जाती है। (Blood Clotting and E-Cigarettes)

ई-सिगरेट लॉबी कर रही है प्रतिबंध हटवाने की कोशिश, सरकार ने किया है बैन

ई-सिगरेट लॉबी कर रही है प्रतिबंध हटवाने की कोशिश, सरकार ने किया है बैन

ई सिगरेट यानी इलैक्‍ट्रॉनिक सिगरेट भी साधारण सिगरेट की ही तरह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक है। जबकि ई-सिगरेट लॉबी अपने घाटे से परेशान है और सरकार के इस प्रतिबंध को हटवाने की कोशिश कर रही है।

E-Cigarette Ban: ई-सिगरेट पर नरेंद्र मोदी ने कही 'मन की बात', परिवार के तौर पर स्मोकिंग का बहिष्कार करने की अपील

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प्रधान मंत्री ने कहा कि, ई-सिगरेट भी उतनी ही नुकसान दायक है जितनी आम सिगरेट। साधारण सिगरेट में जहां तम्बाकू पाउडर रुप में मिलाया जाता है वहीं ई-सिगरेट में निकोटिन युक्त पदार्थ को तरल रुप में भरा जाता है। मोदी ने कहा कि, सामान्य सिगरेट के खतरों को जहाँ हम सब भली-भांति समझते हैं, वहीं, ई-सिगरेट के बारे में एक गलत धारणा पैदा की गई है। ये भ्रान्ति फैलाई गई है कि ई-सिगरेट से कोई खतरा नहीं है।  बाकी सिगरेट की तरह इससे दुर्गन्ध न फैले, इसके लिए, इसमें सुगन्धित रसायन तक मिलाए जाते थे।

कैंसर का कारण हो सकती है ई-सिगरेट, भाप में मिले कार्सिनोजेन धातुकण

कैंसर का कारण हो सकती है ई-सिगरेट, भाप में मिले कार्सिनोजेन धातुकण

साल 2013 में प्रचलन में आने के बाद से टैंक-स्टाइल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के एरोसोल या वाष्प में लेड, निकल, आयरन और कॉपर जैसी कार्सिनोजेन धातुओं का सांद्रण बढ़ा है।

अमेरिका में 2 साल के अंदर ई-सिगरेट पीने वाले बच्चों की संख्या दोगुनी हुई

अमेरिका में 2 साल के अंदर ई-सिगरेट पीने वाले बच्चों की संख्या दोगुनी हुई

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण से संबंधित 2019 के डेटा में आठवीं, 10वीं व 12वीं कक्षा के बच्चे शामिल किए गए। केवल एक साल पहले की तुलना में ही ई-सिगरेट के उपयोग में काफी वृद्धि दर्ज की गई। इसी के साथ पिछले दो वर्षों में इसमें दोगुनी रफ्तार से बढ़ोतरी देखी गई।

नेशनल हेल्थ फोरम का केंद्र से ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का आग्रह

नेशनल हेल्थ फोरम का केंद्र से ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का आग्रह

नेशनल हेल्थ फोरम ने केंद्र से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ई-सिगरेट के निर्माण, वितरण व आयात व बिक्री को समाप्त करने के फैसले का समर्थन करने व इस तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। नेशनल हेल्थ फोरम एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) है, जो तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में कार्य करता है।

दिल और गुर्दे के लिए घातक है ई-सिगरेट

दिल और गुर्दे के लिए घातक है ई-सिगरेट

धुआं रहित, दुर्गंध रहित और कई फ्लेवर्स का लालच देकर ई सिगरेट इंडस्‍ट्री युवाओं को इस ओर आकर्षित कर रही है। पर यह जान लेना चाहिए कि ई सिगरेट न दिल और गुर्दे के लिए भी बहुत ज्‍यादा नुकसानदायक है।

मसालेदार ई-सिगरेट से हृदय रोग का जोखिम ज्यादा : शोध

मसालेदार ई-सिगरेट से हृदय रोग का जोखिम ज्यादा : शोध

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) में इस्तेमाल होने वाले मसाले (विशेष रूप से दालचीनी और मेंथॉल) हृदय संबंधी रोगों (सीवीडी) के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है।

ई-सिगरेट क्या होता है? यह सामान्य सिगरेट से कैसे अलग है और कितना Toxic है?

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सिगरेट के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन आज हम आपको ई सिगरेट के बारे में बताने वाले हैं, जिसे बहुत से लोग पीते हैं और मानते हैं कि यह धुआं उड़ाने वाली सिगरेट के कम हानिकारक है।

Blood Clotting and E-Cigarettes : निकोटिन वाली सिगरेट पीने से होते हैं साधारण सिगरेट जैसे ही नुकसान, 23 फीसदी अधिक ब्लड क्लॉटिंग के मिले प्रमाण

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शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि ई-सिगरेट के इस्तेमाल से निकोटिन  के बुरे प्रभाव शरीर पर पड़ते हैं। निकोटीन शरीर में एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन के लेवल को बढ़ाने का काम करता है जिससे ब्लड क्लॉटिंग की संभावना बढ़ जाती है। (Blood Clotting and E-Cigarettes)

ई-सिगरेट लॉबी कर रही है प्रतिबंध हटवाने की कोशिश, सरकार ने किया है बैन

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ई सिगरेट यानी इलैक्‍ट्रॉनिक सिगरेट भी साधारण सिगरेट की ही तरह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक है। जबकि ई-सिगरेट लॉबी अपने घाटे से परेशान है और सरकार के इस प्रतिबंध को हटवाने की कोशिश कर रही है।

E-Cigarette Ban: ई-सिगरेट पर नरेंद्र मोदी ने कही 'मन की बात', परिवार के तौर पर स्मोकिंग का बहिष्कार करने की अपील

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प्रधान मंत्री ने कहा कि, ई-सिगरेट भी उतनी ही नुकसान दायक है जितनी आम सिगरेट। साधारण सिगरेट में जहां तम्बाकू पाउडर रुप में मिलाया जाता है वहीं ई-सिगरेट में निकोटिन युक्त पदार्थ को तरल रुप में भरा जाता है। मोदी ने कहा कि, सामान्य सिगरेट के खतरों को जहाँ हम सब भली-भांति समझते हैं, वहीं, ई-सिगरेट के बारे में एक गलत धारणा पैदा की गई है। ये भ्रान्ति फैलाई गई है कि ई-सिगरेट से कोई खतरा नहीं है।  बाकी सिगरेट की तरह इससे दुर्गन्ध न फैले, इसके लिए, इसमें सुगन्धित रसायन तक मिलाए जाते थे।

कैंसर का कारण हो सकती है ई-सिगरेट, भाप में मिले कार्सिनोजेन धातुकण

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साल 2013 में प्रचलन में आने के बाद से टैंक-स्टाइल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के एरोसोल या वाष्प में लेड, निकल, आयरन और कॉपर जैसी कार्सिनोजेन धातुओं का सांद्रण बढ़ा है।

अमेरिका में 2 साल के अंदर ई-सिगरेट पीने वाले बच्चों की संख्या दोगुनी हुई

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न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण से संबंधित 2019 के डेटा में आठवीं, 10वीं व 12वीं कक्षा के बच्चे शामिल किए गए। केवल एक साल पहले की तुलना में ही ई-सिगरेट के उपयोग में काफी वृद्धि दर्ज की गई। इसी के साथ पिछले दो वर्षों में इसमें दोगुनी रफ्तार से बढ़ोतरी देखी गई।

नेशनल हेल्थ फोरम का केंद्र से ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का आग्रह

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नेशनल हेल्थ फोरम ने केंद्र से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ई-सिगरेट के निर्माण, वितरण व आयात व बिक्री को समाप्त करने के फैसले का समर्थन करने व इस तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। नेशनल हेल्थ फोरम एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) है, जो तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में कार्य करता है।

दिल और गुर्दे के लिए घातक है ई-सिगरेट

दिल और गुर्दे के लिए घातक है ई-सिगरेट

धुआं रहित, दुर्गंध रहित और कई फ्लेवर्स का लालच देकर ई सिगरेट इंडस्‍ट्री युवाओं को इस ओर आकर्षित कर रही है। पर यह जान लेना चाहिए कि ई सिगरेट न दिल और गुर्दे के लिए भी बहुत ज्‍यादा नुकसानदायक है।

मसालेदार ई-सिगरेट से हृदय रोग का जोखिम ज्यादा : शोध

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इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) में इस्तेमाल होने वाले मसाले (विशेष रूप से दालचीनी और मेंथॉल) हृदय संबंधी रोगों (सीवीडी) के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है।