
डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्तियों को हार्ट अटैक आने का खतरा ज्यादा, जानिए हृदय रोगों का अवसाद से क्या है सम्बन्ध
बेवजह तनाव-अवसाद कई दूसरी बीमारियों का कारण बनता है, शोध के मुताबिक अवसाद हृदय रोगों का कारण बनता है.

बेवजह तनाव-अवसाद कई दूसरी बीमारियों का कारण बनता है, शोध के मुताबिक अवसाद हृदय रोगों का कारण बनता है.

एक्सपर्ट्स का दावा है कि अगर लोग अपने बॉडी क्लॉक के खिलाफ ना जाते हुए अपने स्लीपिंग पैटर्न में सुधार करते हैं तो उनके लिए डिप्रेशन से बच पाना आसान हो जाता है। (Tips for Beating Depression)

हाल ही में हुए एक नए अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों का हाल ही में तलाक हुआ है, वह अन्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों (Divorce Effects on Health in Hindi) से जूझ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 30 प्रतिशत लोगों में कोरोना से ठीक होने के बाद डिप्रेशन के लक्षण (Depression Symptoms in hindi) नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को मानसिक समस्याएं (Mental problem) ना हों, मंत्रालय ने कुछ नई गाइडलाइंस जारी की हैं।

कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो कठिन से कठिन घड़ी में भी खुद को सकारात्मक रखने की कोशिश करते हैं। दरअसल, जो लोग हर समय पॉजिटिव नजर आते हैं, वे सच्चाई से भाग रहे होते हैं। हकीकत को मानने के लिए तैयार नहीं होते। ये बस पॉजिटिव होने का दिखावा करते हैं। ऐसे लोगों और इस तरह की सोच को 'टॉक्सिव पॉजिटिविटी' (Toxic Positivity) कहते हैं।

'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020' (International Yoga Day 2020) के अवसर पर, भारत ठाकुर आर्टिस्टिक योग के सीईओ और प्रसिद्ध योग गुरु नंदन गौतम हमारे साथ फेसबुक पर लाइव जुड़ रहें हैं। इस लाइव सेशन में योग गुरु हमें कोरोना महामारी में योग के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। साथ ही कुछ ऐसे योगासन के बारे में भी बता रहे हैं, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के साथ ही स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन से निपटने में हमारी मदद करेंगे।

बॉलीवुड के उभरते एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। खबर है कि सुशांत सिंह ने अपने मुंबई स्थित बांद्रा के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस खबर से पूरा बॉलीवुड और उनके फैन्स सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि सुशांत डिप्रेशन से पीड़ित थे।

विभिन्न स्टडीज़ औऱ रिपोर्ट्स में यह बात कही गयी है कि लॉकडाउन के बाद लोगों की मानसिक सेहत में गिरावट आयी है। ऐसे में खुद को तनाव, उदासी और डिप्रेशन से बचाने के लिए अच्छी डायट, एक्सरसाइज़, योग और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखें। जिनसे, आपको मेंटली फिट रहने में होगी मदद। आयुर्वेद की मदद से आप खुद को डिप्रेशन से बचा सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार अपनी डायट में बदलाव करके आप डिप्रेशन की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ आयुर्वेदि टिप्स लिख रहे हैं हम-

देश में कोविड-19 संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति को कंट्रोल में रखने के लिए लॉकडाउन को दोबारा से बढ़ा दिया गया है। ऐसे में उन लोगों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं, जो बिल्कुल अकेले हैं। ऐसे लोगों में स्ट्रेस और डिप्रेशन की समस्या काफी बढ़ रही है। यदि आपको भी अकेलापन परेशान कर रहा है, तो इसे कुछ यूं डील करें...

कोरोनावायरस पॉजिटिव आने के बाद कनिका कपूर का इलाज चल रहा है, लेकिन इसके लिए उन्हें काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। कुछ बातें कनिका की लाइफ की ऐसी हैं, जिन्हें आपको भी जरूर जानना चाहिए...

दीपिका (Deepika Padukone) ने कहा, "मैं इस साल क्रिस्टल अवार्ड पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं। तनाव, (Stress) चिंता, अवसाद (Depression) और मानसिक बीमारियों (Mental diseases) के अन्य रूपों का अनुभव कर रहे दुनियाभर के लाखों लोगों को मैं यह पुरस्कार समर्पित करना चाहती हूं।"

Zaira Wasim ने सोशल मीडिया से उनकी स्कूल लाइफ पर असर हो रहा है इस बात का भी उल्लेख किया था.

एक शोध की मानें तो अवसाद से ग्रस्त लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा सामान्य से दो गुना अधिक होता है।

स्विमिंग मस्तिष्क को सक्रिय करने और अवसाद से लड़ने में मदद करती है।

किसी भी काम या चीज में मन न लगना, कोई रुचि न होना, किसी बात से कोई खुशी न होना, यहां तक गम का भी अहसास न होना अवसाद के लक्षण हैं।

जिन लोगों के परिवार में एसएडी या डिप्रेशन से पीड़ित कोई व्यक्ति हो, उनमें सीजनल डिप्रेशन अधिक होता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एसएडी के मामले ज्यादा पाए जाते हैं।

विटामिन बी- कॉम्प्लेक्स व्यक्ति को भावनात्मक और मानसिक रूप से फिट रखने के लिए आवश्यक होता है।

डिप्रेशन में अकेले होने पर करेंगे ये उपाय, तो कम होगी यह समस्या

वजन का तेजी से अचानक घटने लगना शरीर में कुछ गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है।

एक शोध में पाया गया है कि जो लोग प्राणायाम और योगासन नियमित रूप से करते हैं, वह अवसाद और निराशा की भावना के लिए कम संवेदनशील होते हैं।

अकेलेपन का सबसे बड़ा कारण है मन पर काबू न होना। ऐसे में उन विचारों को अपने से दूर रखें, जो आपको परेशान करती हैं। जिंदगी में होने वाली हर अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करें।

यह बीमारी अब केवल बूढ़ों तक ही सीमित नहीं रही है। यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चल सकती है। इस रोग के प्रारंभिक लक्षण याद्दाश्त में कमी, भौतिक वातावरण और भाषा में बाधा आदि है।

कुछ कारण जिनके बारे में लोगों को बहुत जानकारी से नहीं है।

भारत में हृदय रोग की महामारी को रोकने का एकमात्र तरीका लोगों को शिक्षित करना है, वरना 2020 तक सबसे अधिक मौत हृदय रोग के कारण ही होगी।

बेवजह तनाव-अवसाद कई दूसरी बीमारियों का कारण बनता है, शोध के मुताबिक अवसाद हृदय रोगों का कारण बनता है.

एक्सपर्ट्स का दावा है कि अगर लोग अपने बॉडी क्लॉक के खिलाफ ना जाते हुए अपने स्लीपिंग पैटर्न में सुधार करते हैं तो उनके लिए डिप्रेशन से बच पाना आसान हो जाता है। (Tips for Beating Depression)

हाल ही में हुए एक नए अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों का हाल ही में तलाक हुआ है, वह अन्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों (Divorce Effects on Health in Hindi) से जूझ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में लगभग 30 प्रतिशत लोगों में कोरोना से ठीक होने के बाद डिप्रेशन के लक्षण (Depression Symptoms in hindi) नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को मानसिक समस्याएं (Mental problem) ना हों, मंत्रालय ने कुछ नई गाइडलाइंस जारी की हैं।

कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो कठिन से कठिन घड़ी में भी खुद को सकारात्मक रखने की कोशिश करते हैं। दरअसल, जो लोग हर समय पॉजिटिव नजर आते हैं, वे सच्चाई से भाग रहे होते हैं। हकीकत को मानने के लिए तैयार नहीं होते। ये बस पॉजिटिव होने का दिखावा करते हैं। ऐसे लोगों और इस तरह की सोच को 'टॉक्सिव पॉजिटिविटी' (Toxic Positivity) कहते हैं।

'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020' (International Yoga Day 2020) के अवसर पर, भारत ठाकुर आर्टिस्टिक योग के सीईओ और प्रसिद्ध योग गुरु नंदन गौतम हमारे साथ फेसबुक पर लाइव जुड़ रहें हैं। इस लाइव सेशन में योग गुरु हमें कोरोना महामारी में योग के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। साथ ही कुछ ऐसे योगासन के बारे में भी बता रहे हैं, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के साथ ही स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन से निपटने में हमारी मदद करेंगे।

बॉलीवुड के उभरते एक्टर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। खबर है कि सुशांत सिंह ने अपने मुंबई स्थित बांद्रा के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस खबर से पूरा बॉलीवुड और उनके फैन्स सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि सुशांत डिप्रेशन से पीड़ित थे।

विभिन्न स्टडीज़ औऱ रिपोर्ट्स में यह बात कही गयी है कि लॉकडाउन के बाद लोगों की मानसिक सेहत में गिरावट आयी है। ऐसे में खुद को तनाव, उदासी और डिप्रेशन से बचाने के लिए अच्छी डायट, एक्सरसाइज़, योग और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखें। जिनसे, आपको मेंटली फिट रहने में होगी मदद। आयुर्वेद की मदद से आप खुद को डिप्रेशन से बचा सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार अपनी डायट में बदलाव करके आप डिप्रेशन की समस्या को कंट्रोल कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ आयुर्वेदि टिप्स लिख रहे हैं हम-

देश में कोविड-19 संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति को कंट्रोल में रखने के लिए लॉकडाउन को दोबारा से बढ़ा दिया गया है। ऐसे में उन लोगों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं, जो बिल्कुल अकेले हैं। ऐसे लोगों में स्ट्रेस और डिप्रेशन की समस्या काफी बढ़ रही है। यदि आपको भी अकेलापन परेशान कर रहा है, तो इसे कुछ यूं डील करें...

कोरोनावायरस पॉजिटिव आने के बाद कनिका कपूर का इलाज चल रहा है, लेकिन इसके लिए उन्हें काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। कुछ बातें कनिका की लाइफ की ऐसी हैं, जिन्हें आपको भी जरूर जानना चाहिए...

दीपिका (Deepika Padukone) ने कहा, "मैं इस साल क्रिस्टल अवार्ड पाकर सम्मानित महसूस कर रही हूं। तनाव, (Stress) चिंता, अवसाद (Depression) और मानसिक बीमारियों (Mental diseases) के अन्य रूपों का अनुभव कर रहे दुनियाभर के लाखों लोगों को मैं यह पुरस्कार समर्पित करना चाहती हूं।"

Zaira Wasim ने सोशल मीडिया से उनकी स्कूल लाइफ पर असर हो रहा है इस बात का भी उल्लेख किया था.

स्विमिंग मस्तिष्क को सक्रिय करने और अवसाद से लड़ने में मदद करती है।

किसी भी काम या चीज में मन न लगना, कोई रुचि न होना, किसी बात से कोई खुशी न होना, यहां तक गम का भी अहसास न होना अवसाद के लक्षण हैं।

जिन लोगों के परिवार में एसएडी या डिप्रेशन से पीड़ित कोई व्यक्ति हो, उनमें सीजनल डिप्रेशन अधिक होता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एसएडी के मामले ज्यादा पाए जाते हैं।

विटामिन बी- कॉम्प्लेक्स व्यक्ति को भावनात्मक और मानसिक रूप से फिट रखने के लिए आवश्यक होता है।

वजन का तेजी से अचानक घटने लगना शरीर में कुछ गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है।

एक शोध में पाया गया है कि जो लोग प्राणायाम और योगासन नियमित रूप से करते हैं, वह अवसाद और निराशा की भावना के लिए कम संवेदनशील होते हैं।

अकेलेपन का सबसे बड़ा कारण है मन पर काबू न होना। ऐसे में उन विचारों को अपने से दूर रखें, जो आपको परेशान करती हैं। जिंदगी में होने वाली हर अच्छी बातों पर ध्यान केंद्रित करें।

यह बीमारी अब केवल बूढ़ों तक ही सीमित नहीं रही है। यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चल सकती है। इस रोग के प्रारंभिक लक्षण याद्दाश्त में कमी, भौतिक वातावरण और भाषा में बाधा आदि है।

कुछ कारण जिनके बारे में लोगों को बहुत जानकारी से नहीं है।

भारत में हृदय रोग की महामारी को रोकने का एकमात्र तरीका लोगों को शिक्षित करना है, वरना 2020 तक सबसे अधिक मौत हृदय रोग के कारण ही होगी।

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