
क्या गलत डाइट लेने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है?
Dementia And Diet Relation: क्या आप जानते हैं कि गलत डाइट लेने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है? या यह बस एक मिथक है जो लोगों के बीच फैला हुआ है? आइए डॉक्टर से जानते हैं सच क्या है।

Dementia And Diet Relation: क्या आप जानते हैं कि गलत डाइट लेने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है? या यह बस एक मिथक है जो लोगों के बीच फैला हुआ है? आइए डॉक्टर से जानते हैं सच क्या है।

डिमेंशिया भी इसी तरह की मानसिक बीमारी है जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर इग्नोर कर दिए जाते हैं और ये बीमारी धीरे धीरे इंसान को पूरी तरह गिरफ्त में ले लेती है।

Dementia symptoms: डिमेंशिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जो ज्यादातर लोगों को वृद्धावस्था में ही देखा जाता है। हालांकि, यह कम उम्र के लोगों में भी देखा जा सकता है, जिस से होने वाले लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं।

Dementia risk: इस स्टडी की मानें तो, अचानक से डिमेंशिया की बीमारी बढ़ने के पीछे खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी आदतें हो सकती हैं। जानते हैं इस समस्या से बचाव के उपाय।

एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि जब कोई बुजुर्ग व्यक्ति आराम कर रहा होता है, तब हृदयगति के तेज होने से भी डिमेंशिया के होने का खतरा काफी हद तक बढ़ा सकता है।

''विश्व अल्जाइमर दिवस'' (World Alzheimer’s Day 2021) पर जानें कौन से खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाने से आप अल्जाइमर डिजीज से बचे रह सकते हैं।

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, हर 5 सेकेंड में दुनिया भर मे अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है। करीब 38 मिलियन लोग अल्जाइमर से पीड़ित हैं और आने वाले 10 सालों में इसकी संख्या बढ़कर 76 लाख होने की संभावना है।

डिमेंशिया जैसे किसी भी मानसिक विकार से बचाव के लिए जरूरी है कि आप शारीरिक रूप से खुद को एक्टिव रखें और तनाव, डिप्रेशन और Anxiety जैसी स्थितियों से दूर रहें।

फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया, शुरुआती डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है, जो आमतौर पर 40 और 65 की उम्र के बीच शुरू होता है। यह मस्तिष्क के फ्रंटोल और टेंपोरल लोब को प्रभावित करता है, जिससे व्यवहार में बदलाव, बोलने और लिखने में कठिनाई और स्मृति में गिरावट होती है।

एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ियों में डिमेंशिया और अन्य गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित होने की संभावना साढ़े तीन गुना अधिक होती है।

डिमेंशिया और अल्जाइमर को अकसर एक दूसरे का पर्याय समझ लिया जाता है। पर असल में अल्जामइर डिमेंशिया का एक कारण है, जो सबसे ज्यादा होता है। पर हमें डिमेंशिया के अन्य कारणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनका इलाज हो सकता है।

एक शोध की मानें तो अवसाद से ग्रस्त लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा सामान्य से दो गुना अधिक होता है।

दुनिया भर में तेजी से बढ़ती जा रही बीमारियों में डिमेंशिया और अल्जाइमर भी हैं, सब कुछ भूल जाने वाली इस बीमारी के इलाज के लिए विशेषज्ञ 'माइंड डायट' की सलाह देते हैं।

जॉर्ज फर्नांडीज अल्जाइमर से पीडि़त थे। अल्जाइमर भूलने की बीमारी है। बीमारी जब अडवांस्ड स्थिति में पहुंच जाती है, तो मरीज अपने परिजनों और रिश्तेदारों को पहचनाना तक बंद कर देता है!

संगीत डिमेंशिया से पीड़ित लोगों की मनोदशा में भी सुधार करने में मदद कर सकता है।

आधुनिक जीवनशैली के कारण होने वाली इन बीमारियों का हो सकता है इन औषधियों से बचाव।

एशिया में लगातार बढ़ रही है डिमेंशिया ग्रस्त लोगों की संख्या।

आंकड़ों की बात करें तो दुनिया में हर 4 सेकेंड में किसी न किसी को अल्जाइमर होने का पता चलता है।

'डीमेंशिया' और 'अल्जाइमर' दोनों अलग स्थितियां हैं, इन्हें समझने की है जरूरत।

दिमाग में ब्लड की कमी या ब्लड के फैलने से स्ट्रोक होता है जो न्यूरोलॉजिकल फंक्शन को प्रभावित करता है।

चीनी खाने से दिमाग सक्रिय हो जाता है, पर लंबी अवधि में यह होती है नुकसानदायक।

एम्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जिंदगी और मौत से लड़ रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष में हुआ निधन।

वाजपेयी को किडनी और नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि की समस्या है। स्थिति अधिक बिगड़ने के बाद ही उन्हें 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।

अश्वेत लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा दुनिया की अन्य संस्कृति से जुड़े लोगों के मुकाबले कम होता है।

Dementia And Diet Relation: क्या आप जानते हैं कि गलत डाइट लेने से डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है? या यह बस एक मिथक है जो लोगों के बीच फैला हुआ है? आइए डॉक्टर से जानते हैं सच क्या है।

Dementia symptoms: डिमेंशिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जो ज्यादातर लोगों को वृद्धावस्था में ही देखा जाता है। हालांकि, यह कम उम्र के लोगों में भी देखा जा सकता है, जिस से होने वाले लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं।

Dementia risk: इस स्टडी की मानें तो, अचानक से डिमेंशिया की बीमारी बढ़ने के पीछे खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी आदतें हो सकती हैं। जानते हैं इस समस्या से बचाव के उपाय।

एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि जब कोई बुजुर्ग व्यक्ति आराम कर रहा होता है, तब हृदयगति के तेज होने से भी डिमेंशिया के होने का खतरा काफी हद तक बढ़ा सकता है।

''विश्व अल्जाइमर दिवस'' (World Alzheimer’s Day 2021) पर जानें कौन से खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से खाने से आप अल्जाइमर डिजीज से बचे रह सकते हैं।

डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, हर 5 सेकेंड में दुनिया भर मे अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है। करीब 38 मिलियन लोग अल्जाइमर से पीड़ित हैं और आने वाले 10 सालों में इसकी संख्या बढ़कर 76 लाख होने की संभावना है।

फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया, शुरुआती डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है, जो आमतौर पर 40 और 65 की उम्र के बीच शुरू होता है। यह मस्तिष्क के फ्रंटोल और टेंपोरल लोब को प्रभावित करता है, जिससे व्यवहार में बदलाव, बोलने और लिखने में कठिनाई और स्मृति में गिरावट होती है।

एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ियों में डिमेंशिया और अन्य गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित होने की संभावना साढ़े तीन गुना अधिक होती है।

डिमेंशिया और अल्जाइमर को अकसर एक दूसरे का पर्याय समझ लिया जाता है। पर असल में अल्जामइर डिमेंशिया का एक कारण है, जो सबसे ज्यादा होता है। पर हमें डिमेंशिया के अन्य कारणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनका इलाज हो सकता है।

दुनिया भर में तेजी से बढ़ती जा रही बीमारियों में डिमेंशिया और अल्जाइमर भी हैं, सब कुछ भूल जाने वाली इस बीमारी के इलाज के लिए विशेषज्ञ 'माइंड डायट' की सलाह देते हैं।

जॉर्ज फर्नांडीज अल्जाइमर से पीडि़त थे। अल्जाइमर भूलने की बीमारी है। बीमारी जब अडवांस्ड स्थिति में पहुंच जाती है, तो मरीज अपने परिजनों और रिश्तेदारों को पहचनाना तक बंद कर देता है!

संगीत डिमेंशिया से पीड़ित लोगों की मनोदशा में भी सुधार करने में मदद कर सकता है।

आधुनिक जीवनशैली के कारण होने वाली इन बीमारियों का हो सकता है इन औषधियों से बचाव।

एशिया में लगातार बढ़ रही है डिमेंशिया ग्रस्त लोगों की संख्या।

'डीमेंशिया' और 'अल्जाइमर' दोनों अलग स्थितियां हैं, इन्हें समझने की है जरूरत।

दिमाग में ब्लड की कमी या ब्लड के फैलने से स्ट्रोक होता है जो न्यूरोलॉजिकल फंक्शन को प्रभावित करता है।

चीनी खाने से दिमाग सक्रिय हो जाता है, पर लंबी अवधि में यह होती है नुकसानदायक।

एम्स में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जिंदगी और मौत से लड़ रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93 वर्ष में हुआ निधन।

वाजपेयी को किडनी और नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि की समस्या है। स्थिति अधिक बिगड़ने के बाद ही उन्हें 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।

अश्वेत लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा दुनिया की अन्य संस्कृति से जुड़े लोगों के मुकाबले कम होता है।

डिमेंशिया जैसे किसी भी मानसिक विकार से बचाव के लिए जरूरी है कि आप शारीरिक रूप से खुद को एक्टिव रखें और तनाव, डिप्रेशन और Anxiety जैसी स्थितियों से दूर रहें।

एक शोध की मानें तो अवसाद से ग्रस्त लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा सामान्य से दो गुना अधिक होता है।

आंकड़ों की बात करें तो दुनिया में हर 4 सेकेंड में किसी न किसी को अल्जाइमर होने का पता चलता है।