इस जानवर में मिला कोविड का डेल्टा, अल्फा और गामा वेरिएंट्, जानें इंसानों को संक्रमण फैलने का रिस्क कितना
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हिरणों में सार्स कोवि-2 वायरस का प्रसार संक्रमित मनुष्यों से हुआ है जो, महामारी के दौरान एक-दूसरे के सम्पर्क में आए थे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हिरणों में सार्स कोवि-2 वायरस का प्रसार संक्रमित मनुष्यों से हुआ है जो, महामारी के दौरान एक-दूसरे के सम्पर्क में आए थे।
स्टेटिस्टिक्स के मुताबिक डेल्टा के समय लोग कोविड से तो ठीक हो गए थे लेकिन बाद में लंबे समय तक उन्हें सांस लेने में कठिनाई होना और थकान होने जैसे लक्षणों की वजह से कोई भी काम करने में मुश्किल महसूस हो रही थी।
हाल ही में की गयी एक स्टडी की और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि भविष्य में कोरोना का डेल्टा वेरिएंट और उसके सब वेरिएंट की वजह से कोरोना के मामलों में एक फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध में ये सामने आया है कि कैसे ओमिक्रोन वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले 6 से 8 गुना तक ज्यादा संक्रामक है।
यूके के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि UK में एक व्यक्ति एक ही समय पर डेल्टा और ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित हुआ है। पहले इस टेस्ट को लैब का एक एरर (Error) माना जा रहा था लेकिन अब इसे डेल्टाक्रॉन ही समझा जा रहा है।
आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपने एक नए शोध में दावा किया है कि कोरोना के नए ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित व्यक्तियों में महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है, जो न केवल ओमिक्रोन बल्कि सबसे प्रचलित डेल्टा वेरिएंट सहित अन्य वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न को भी बेअसर कर सकती है।
सीडीसी के अनुसार, डेल्टा की तुलना में हॉस्पिटल में भर्ती लोगों में, उन्हें गहन देखभाल या आईसीयू में भर्ती करने की आवश्यकता जैसी संभावना 75% कम है और मृत्यु दर भी डेल्टा की तुलना में 91% कम है।
आखिर क्यों ओमिक्रोन तेजी से तो लोगों को संक्रमित कर रहा है, लेकिन रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिए अधिक खतरनाक नहीं है? इस सवाल का जवाब दिया मैक्स हॉस्पिटल (वैशाली) के एसोशिएट डायरेक्टर, पल्मनोलॉजी डॉ. शरद जोशी ने इस वीडियो में....
एक्सपर्ट्स के अनुसार,वर्तमान डेटा से ऐसा लगता है कि डेल्टा ओमिक्रोन के सापेक्ष समय के साथ नीचे जाता रहेगा।
WHO ने इतनी तेजी से ओमिक्रोन के प्रसार को देखते हुए सभी देशों को आगाह करते हुए कहा है कि वर्तमान में संक्रामक डेल्टा वेरिएंट के साथ ओमिक्रोन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों पर अत्यधिक दबाव डालते हुए 'मामलों की सुनामी' की वजह बन सकता है।
एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से संक्रमित लोगों की डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले हॉस्पिटल में भर्ती होने की संभावना 15 प्रतिशत कम है।
ओमिक्रोन के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए डब्लूएचओ के यूरोपियन हेड ने कई देशों को कोरोना के केसेस में वृद्धि होने और ओमिक्रोन के तेजी से प्रसार होने पर चेतावनी दी है। डब्लूएचओ ने सलाह दी है कि इस खतरनाक वायरस से बचाव के लिए बूस्टर्स के इस्तेमाल को बढ़ा दिया जाए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि फिलहाल दुनियाभर में मौजूद कुल कोविड-19 मामलों में से 99 प्रतिशत के पीछे डेल्टा वेरिएंट वजह है।
हाल ही में एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा निर्मित वैक्सीन कोवैक्सीन (Corona vaccine covaxin) अधिक प्रभावी साबित हुई है। इसकी रिपोर्ट लांसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित की गई है।
शोधकर्ताओं ने एक प्लांट बेस्ड एंटीवायरल उपचार का तरीका ढूंढ निकाला है, जो कोरोनावायरस के सभी स्ट्रेन यहां तक की अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट को भी रोकने में प्रभावी बताया गया है।
एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि एक सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट का पता चला है, जो डेल्टा वेरिएंट की ही तरह खतरनाक है और उसमें डेल्टा वेरिएंट की ही तरह लक्षण नजर आए हैं। यह नया वेरिएंट भी गंभीर महामारी का कारण बन सकता है।
AY.4.2 वेरिएंट काफी संक्रामक और खतरनाक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि एक्सपर्ट का पैनल AY.4.2 और कोरोना के अन्य वेरिएंट पर काम कर रहा है.
एक अध्ययन के मुताबिक, आम वायरस की तुलना में डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति और वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति में एंटीबॉडी वायरस को अच्छी तरह से बेअसर नहीं कर पाई, जिसके कारण ये दोनों वेरिएंट अधिक खतरनाक हो गए थे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हिरणों में सार्स कोवि-2 वायरस का प्रसार संक्रमित मनुष्यों से हुआ है जो, महामारी के दौरान एक-दूसरे के सम्पर्क में आए थे।
स्टेटिस्टिक्स के मुताबिक डेल्टा के समय लोग कोविड से तो ठीक हो गए थे लेकिन बाद में लंबे समय तक उन्हें सांस लेने में कठिनाई होना और थकान होने जैसे लक्षणों की वजह से कोई भी काम करने में मुश्किल महसूस हो रही थी।
हाल ही में की गयी एक स्टडी की और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि भविष्य में कोरोना का डेल्टा वेरिएंट और उसके सब वेरिएंट की वजह से कोरोना के मामलों में एक फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध में ये सामने आया है कि कैसे ओमिक्रोन वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले 6 से 8 गुना तक ज्यादा संक्रामक है।
यूके के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि UK में एक व्यक्ति एक ही समय पर डेल्टा और ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित हुआ है। पहले इस टेस्ट को लैब का एक एरर (Error) माना जा रहा था लेकिन अब इसे डेल्टाक्रॉन ही समझा जा रहा है।
आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने अपने एक नए शोध में दावा किया है कि कोरोना के नए ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित व्यक्तियों में महत्वपूर्ण प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया होती है, जो न केवल ओमिक्रोन बल्कि सबसे प्रचलित डेल्टा वेरिएंट सहित अन्य वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न को भी बेअसर कर सकती है।
सीडीसी के अनुसार, डेल्टा की तुलना में हॉस्पिटल में भर्ती लोगों में, उन्हें गहन देखभाल या आईसीयू में भर्ती करने की आवश्यकता जैसी संभावना 75% कम है और मृत्यु दर भी डेल्टा की तुलना में 91% कम है।
आखिर क्यों ओमिक्रोन तेजी से तो लोगों को संक्रमित कर रहा है, लेकिन रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिए अधिक खतरनाक नहीं है? इस सवाल का जवाब दिया मैक्स हॉस्पिटल (वैशाली) के एसोशिएट डायरेक्टर, पल्मनोलॉजी डॉ. शरद जोशी ने इस वीडियो में....
एक्सपर्ट्स के अनुसार,वर्तमान डेटा से ऐसा लगता है कि डेल्टा ओमिक्रोन के सापेक्ष समय के साथ नीचे जाता रहेगा।
WHO ने इतनी तेजी से ओमिक्रोन के प्रसार को देखते हुए सभी देशों को आगाह करते हुए कहा है कि वर्तमान में संक्रामक डेल्टा वेरिएंट के साथ ओमिक्रोन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों पर अत्यधिक दबाव डालते हुए 'मामलों की सुनामी' की वजह बन सकता है।
एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है कि कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से संक्रमित लोगों की डेल्टा वेरिएंट के मुकाबले हॉस्पिटल में भर्ती होने की संभावना 15 प्रतिशत कम है।
ओमिक्रोन के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए डब्लूएचओ के यूरोपियन हेड ने कई देशों को कोरोना के केसेस में वृद्धि होने और ओमिक्रोन के तेजी से प्रसार होने पर चेतावनी दी है। डब्लूएचओ ने सलाह दी है कि इस खतरनाक वायरस से बचाव के लिए बूस्टर्स के इस्तेमाल को बढ़ा दिया जाए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि फिलहाल दुनियाभर में मौजूद कुल कोविड-19 मामलों में से 99 प्रतिशत के पीछे डेल्टा वेरिएंट वजह है।
हाल ही में एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा निर्मित वैक्सीन कोवैक्सीन (Corona vaccine covaxin) अधिक प्रभावी साबित हुई है। इसकी रिपोर्ट लांसेट इंफेक्शियस डिजीज जर्नल में प्रकाशित की गई है।
शोधकर्ताओं ने एक प्लांट बेस्ड एंटीवायरल उपचार का तरीका ढूंढ निकाला है, जो कोरोनावायरस के सभी स्ट्रेन यहां तक की अत्यधिक संक्रामक डेल्टा वेरिएंट को भी रोकने में प्रभावी बताया गया है।
एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि एक सार्स-सीओवी-2 वेरिएंट का पता चला है, जो डेल्टा वेरिएंट की ही तरह खतरनाक है और उसमें डेल्टा वेरिएंट की ही तरह लक्षण नजर आए हैं। यह नया वेरिएंट भी गंभीर महामारी का कारण बन सकता है।
AY.4.2 वेरिएंट काफी संक्रामक और खतरनाक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि एक्सपर्ट का पैनल AY.4.2 और कोरोना के अन्य वेरिएंट पर काम कर रहा है.
एक अध्ययन के मुताबिक, आम वायरस की तुलना में डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति और वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति में एंटीबॉडी वायरस को अच्छी तरह से बेअसर नहीं कर पाई, जिसके कारण ये दोनों वेरिएंट अधिक खतरनाक हो गए थे।
अब तक कोरोना के कई रूप सामने आ चुके हैं लेकिन डॉक्टर्स और वैज्ञानिक डेल्टा वेरिएंट (Coronavirus Delta Variant) को सबसे ज्यादा खतरनाक और संक्रामक बता रहे हैं.
इन दिनों कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) और डेल्टा प्लस वेरिएंट की वजह से देशभर में कोविड संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में क्या डायबिटीज के मरीजों को अधिक सावधान रहने की ज़रूरत है? जानें क्या कहना है एक्सपर्ट का। (Delta Variant And Diabetes)
डेल्टा प्लस वेरिएंट से जुड़े कई सवालों के जवाब जानने के लिए डॉक्टर अस्मिता मेहता ने विस्तार से जानकारी दी है.
Covid-19 new delta variant : आखिर क्यों है ये डेल्टा वैरिएंट इतना खतरनाक और क्या इससे बचाव संभव है। आइए जानते हैं इस वीडियो में।