कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए तैयार है दिल्ली, हॉस्पिटल्स में बढ़ाए गए बेड्स
शहर के अस्पतालों में बेड्स की संख्या में इजाफा करने का फैसला लिया है ताकि जरूरत के वक्त इस्तेमाल किया जाए और दिल्लीवासियों को परेशान न होना पड़े।
शहर के अस्पतालों में बेड्स की संख्या में इजाफा करने का फैसला लिया है ताकि जरूरत के वक्त इस्तेमाल किया जाए और दिल्लीवासियों को परेशान न होना पड़े।
इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर (आईएसआईसी) की तरफ से कहा गया है कि, कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद उनके बाद हर महीने हड्डियों से जुड़ी बीमारी रिकेट्स के तकरीबन 12 मामले ज़रूर आ रहे हैं। इन मामलों की संख्या के आधार पर रिकेट्स बीमारी में पिछले एक साल में 300 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। (Rickets Disease)
दिल्ली के अस्पतालों की हालत दिनप्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। दिल्ली के लगभग सभी बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने की कगार पर आ चुकी है। जीटीबी अस्पताल (Delhi GTB Hospital) में केवल अगले 4 घंटे के लिए ऑक्सीजन (oxygen shortage in delhi hospitals in hindi) बची है।
दिल्ली के LNJP (Lok Nayak Jai Prakash Narayan Hospital) अस्पताल में एक ही बेड पर 2 कोरोना मरीज लेट रहे हैं और डॉक्टर 1 ही बेड पर 2 कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन दे रहे हैं।
दिल्ली सरकार लोगों को एक ई-हेल्थ कार्ड (E-Health card) जारी करेगी। क्यूआर कोड (QR code) आधारित ई-कार्ड के जरिए प्रत्येक मरीज की जन सांख्यिकीय और बुनियादी चिकित्सकीय जानकारी को ट्रैक किया जा सकेगा।
पाकिस्तानी बच्ची की दिल की बीमारी का दिल्ली में सफल इलाज। सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों की कोशिश लायी रंग।
डिप्थीरिया एक संक्रामक जीवाणु रोग है जो गले और श्वांस नली को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया के इंफेक्शन से एक जहर भी पैदा हो सकता हे जो अन्य अंगों को प्रभावित करता है।
चिकित्सा क्षेत्र में अविसकित अंगूठा एक बीमारी है जो प्रभावित बच्चों को जन्म से ही होती है।
निजी अस्पतालों को दी गई है गरीबों का मुफ्त इलाज करने की हिदायत।
मंत्री ने कहा कि अस्पताल में मेडिसिन, स्त्री रोग, पेडियाट्रिक, सर्जरी व ब्लड बैंक व दूसरी सुविधाएं होंगी।
शहर के अस्पतालों में बेड्स की संख्या में इजाफा करने का फैसला लिया है ताकि जरूरत के वक्त इस्तेमाल किया जाए और दिल्लीवासियों को परेशान न होना पड़े।
इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर (आईएसआईसी) की तरफ से कहा गया है कि, कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद उनके बाद हर महीने हड्डियों से जुड़ी बीमारी रिकेट्स के तकरीबन 12 मामले ज़रूर आ रहे हैं। इन मामलों की संख्या के आधार पर रिकेट्स बीमारी में पिछले एक साल में 300 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। (Rickets Disease)
दिल्ली के अस्पतालों की हालत दिनप्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। दिल्ली के लगभग सभी बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने की कगार पर आ चुकी है। जीटीबी अस्पताल (Delhi GTB Hospital) में केवल अगले 4 घंटे के लिए ऑक्सीजन (oxygen shortage in delhi hospitals in hindi) बची है।
दिल्ली के LNJP (Lok Nayak Jai Prakash Narayan Hospital) अस्पताल में एक ही बेड पर 2 कोरोना मरीज लेट रहे हैं और डॉक्टर 1 ही बेड पर 2 कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन दे रहे हैं।
दिल्ली सरकार लोगों को एक ई-हेल्थ कार्ड (E-Health card) जारी करेगी। क्यूआर कोड (QR code) आधारित ई-कार्ड के जरिए प्रत्येक मरीज की जन सांख्यिकीय और बुनियादी चिकित्सकीय जानकारी को ट्रैक किया जा सकेगा।
पाकिस्तानी बच्ची की दिल की बीमारी का दिल्ली में सफल इलाज। सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों की कोशिश लायी रंग।
डिप्थीरिया एक संक्रामक जीवाणु रोग है जो गले और श्वांस नली को प्रभावित करता है। डिप्थीरिया के इंफेक्शन से एक जहर भी पैदा हो सकता हे जो अन्य अंगों को प्रभावित करता है।
चिकित्सा क्षेत्र में अविसकित अंगूठा एक बीमारी है जो प्रभावित बच्चों को जन्म से ही होती है।
निजी अस्पतालों को दी गई है गरीबों का मुफ्त इलाज करने की हिदायत।
मंत्री ने कहा कि अस्पताल में मेडिसिन, स्त्री रोग, पेडियाट्रिक, सर्जरी व ब्लड बैंक व दूसरी सुविधाएं होंगी।