एफडीए (FDA) ने कहा 5 साल से छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित हो सकती है फाइजर की कोविड वैक्सीन
अभी तक 5 साल से छोटे बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए पात्र नहीं माना गया है।
अभी तक 5 साल से छोटे बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए पात्र नहीं माना गया है।
मुख्यमंत्री योगी ने उच्च स्तरीय बैठक में आला अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिक पॉजिटिविटी दर वाले जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाया जाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू की जाए। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरते।
ये वैक्सीनेशन कैम्प्स स्कूलों में ही स्थापित किए जा रहे हैं जिससे बच्चों को स्कूल में ही वैक्सीनेशन की सुविधा मिल सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने बुधवार सुबह तक इस आयु वर्ग के कुल 5,55,80,872 लोगों को कोरोना टीकों की पहली डोज और 3,20,34,392 लोगों को दूसरी डोज दी है। (Covid Vaccination Of Children In India)
गौरतलब है कि हाल ही में दावा किया गया है कि 5 से 11 साल की उम्र वाले बच्चों के लिए फाइजर की कोविड वैक्सीन किशोर बच्चों या वयस्कों के मुकाबले संक्रामक कोरोना वायरस से कम सुरक्षा प्रदान करती है।
बच्चों पर कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए यूके सरकार ने 5 से 11 साल तक के बच्चों के लिए वैक्सीन देने की घोषणा की है और अप्रैल की शुरुआत से ही लगभग 60 लाख बच्चों को वैक्सीन देने का अभियान शुरू किया जाएगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के डायरेक्टर, एमडी एन्थनी फॉसी ने कहा है कि एफडीए (FDA) 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अगले महीने अधिकृत कर सकता है।
दुनियाभर में बच्चों के लिए कोरोना वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन के अभियान चलाए जा रहे हैं। भारत में कोविड-19 के फिर से बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए सरकार ने 15 से 18 साल के किशोरों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत करने की घोषणा साल के पहले दिन ही कर दी थी।
कोविन पोर्टल के अनुसार, रात 8 बजे तक 40,02,782 किशोरों का टीकाकरण किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया, "सुप्रभात युवा भारत! टीकाकरण अभियान के पहले दिन रात 8 बजे तक 15 से 18 के बीच 40 लाख से अधिक लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की अपनी पहली खुराक प्राप्त की।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने टीकाकरण शिविरों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि 15-18 आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू होगा।
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि वे बच्चों के लिए कोरोनावायरस वैक्सीन को लॉन्च करने वाले वाले हैं। संभवत: ये कोविड वैक्सीन 6 महीने में मार्केट में आ जाएगी।
टीकों के महत्व, उनके प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक बनाने और उन्हें टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने के लिहाज से हर वर्ष 'वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन डे', (World Immunization Day 2021) मनाया जाता है।
नवंबर से अमेरिका में 5-11 साल के बच्चों को फार्मा कम्पनी फाइजर द्वारा निर्मित कोविड वैक्सीन मिलना शुरू हो जाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि टीका अधिकृत किया जाता है, तो यह छोटे बच्चों के लिए कोविड की पहली वैक्सीन होगी। (FDA On Pfizer vaccine for children)
अभी तक 5 साल से छोटे बच्चों को वैक्सीनेशन के लिए पात्र नहीं माना गया है।
मुख्यमंत्री योगी ने उच्च स्तरीय बैठक में आला अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिक पॉजिटिविटी दर वाले जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाया जाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू की जाए। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरते।
ये वैक्सीनेशन कैम्प्स स्कूलों में ही स्थापित किए जा रहे हैं जिससे बच्चों को स्कूल में ही वैक्सीनेशन की सुविधा मिल सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने बुधवार सुबह तक इस आयु वर्ग के कुल 5,55,80,872 लोगों को कोरोना टीकों की पहली डोज और 3,20,34,392 लोगों को दूसरी डोज दी है। (Covid Vaccination Of Children In India)
गौरतलब है कि हाल ही में दावा किया गया है कि 5 से 11 साल की उम्र वाले बच्चों के लिए फाइजर की कोविड वैक्सीन किशोर बच्चों या वयस्कों के मुकाबले संक्रामक कोरोना वायरस से कम सुरक्षा प्रदान करती है।
बच्चों पर कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए यूके सरकार ने 5 से 11 साल तक के बच्चों के लिए वैक्सीन देने की घोषणा की है और अप्रैल की शुरुआत से ही लगभग 60 लाख बच्चों को वैक्सीन देने का अभियान शुरू किया जाएगा।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के डायरेक्टर, एमडी एन्थनी फॉसी ने कहा है कि एफडीए (FDA) 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अगले महीने अधिकृत कर सकता है।
दुनियाभर में बच्चों के लिए कोरोना वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन के अभियान चलाए जा रहे हैं। भारत में कोविड-19 के फिर से बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए सरकार ने 15 से 18 साल के किशोरों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत करने की घोषणा साल के पहले दिन ही कर दी थी।
कोविन पोर्टल के अनुसार, रात 8 बजे तक 40,02,782 किशोरों का टीकाकरण किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट किया, "सुप्रभात युवा भारत! टीकाकरण अभियान के पहले दिन रात 8 बजे तक 15 से 18 के बीच 40 लाख से अधिक लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की अपनी पहली खुराक प्राप्त की।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने टीकाकरण शिविरों का निरीक्षण करने के बाद कहा कि 15-18 आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण 3 जनवरी से शुरू होगा।
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि वे बच्चों के लिए कोरोनावायरस वैक्सीन को लॉन्च करने वाले वाले हैं। संभवत: ये कोविड वैक्सीन 6 महीने में मार्केट में आ जाएगी।
टीकों के महत्व, उनके प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक बनाने और उन्हें टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने के लिहाज से हर वर्ष 'वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन डे', (World Immunization Day 2021) मनाया जाता है।
नवंबर से अमेरिका में 5-11 साल के बच्चों को फार्मा कम्पनी फाइजर द्वारा निर्मित कोविड वैक्सीन मिलना शुरू हो जाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, यदि टीका अधिकृत किया जाता है, तो यह छोटे बच्चों के लिए कोविड की पहली वैक्सीन होगी। (FDA On Pfizer vaccine for children)